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पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना से सावधानी हटी तो खतरा बड़ी हो जायेगी

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मन की बात में मोदी ने कहा

KKN न्यूज ब्यूरो। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई देश की जनता लड़ रही है। उन्होंने कहा कि भले ही कारोबार हो, कार्यालय की संस्कृति हो, शिक्षा हो या चिकित्सा क्षेत्र हो, हर कोई कोरोना वायरस महामारी के बाद की दुनिया में बदलावों के अनुरूप ढल रहा है। कोरोना काल के बीच रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना लॉकडाउन के ऊपर चर्चा कर रहे हैं।

दुनिया ने की भारत को सलाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को 21 दिनों के पहले चरण के लॉकडाउन का ऐलान किया था जो 14 अप्रैल को खत्म हो गया। उसके बाद फिर पीएम मोदी ने 14 मार्च को लॉकडाउन के दूसरे चरण की घोषणा की, जिसकी मियाद 3 मई को खत्म होगी। पीएम मोदी ने कहा कि हमने विश्वल के हर जरूरतमंद देशों तक दवाइयों को पहुंचाने का बीड़ा उठाया और मानवता के इस काम को करके दिखाया। आज जब मेरी अनेक देशों के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर बात होती है तो वो भारत की जनता का आभार जरूर व्यक्त करते हैं। जब वे लोग कहते हैं- थैंक यू इंडिया, थैंक यू पीपल ऑफ इंडिया तो देश के लिए गर्व और बढ़ जाता है।

पीएम मोदी ने बताया अध्यादेश की जरुरत

पीएम मोदी ने कहा कि देशभर से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए अभी हाल ही में जो अध्यादेश लाया गया है। इस अध्यादेश में कोरोना योद्धाओं के साथ हिंसा, उत्पीड़न और उन्हें किसी रूप में चोट पहुंचाने वालों के खिलाफ बेहद सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। हमारे डॉक्टर, नर्स, पारा मेडिकल स्टाफ, सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मी और ऐसे सभी लोग जो देश को कोरोना मुक्त बनाने में दिन रात जुटे हुए हैं, उनकी रक्षा के लिए यह कदम जरूरी था।

कोरोना में सरकार सभी के साथ

पीएम मोदी ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज’ के तहत गरीबों के अकाउंट में पैसे सीधे ट्रांसफर किए जा रहे हैं। वृद्धावस्था पेंशन जारी की गई हैं। गरीबों को तीन महीने के मुफ्त गैस सिलेंडर, राशन जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। इन सब कामों में सरकार के अलग-अलग विभागों के लोग, बैंकिंग सेक्टर के लोग एक टीम की तरह दिन-रात काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश की राज्य सरकारों की भी इस बात के लिए प्रशंसा करूंगा कि वो इस महामारी से निपटने में बहुत सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकारें जो जिम्मेदारी निभा रही हैं, उसकी कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बहुत बड़ी भूमिका है। उनका ये परिश्रम प्रशंसनीय है।

देश की सभी सरकारे बनी एक टीम

पीएम मोदी ने कहा कि देश जब एक टीम बनकर काम करता है। आज के्ंद्र सरकार हो, राज्य सरकार हो, इनका हर एक विभाग और संस्थान राहत लिए मिलजुल कर पूरी स्पीड से काम कर रहे हैं। हमारे एवियेशन सेक्टर में काम कर रहे लोग हों, रेलवे कर्मचारी हों, ये दिन रात मेहनत कर रहे हैं ताकि देशवासियों को कम से कम समस्या हो। देश के हर हिस्से में दवाइयों को पहुंचाने के लिए लाइफ-लाइन उड़ान नाम से एक विशेष अभियान चल रहा है। हमारे इन साथियों ने, इतने कम समय में देश के भीतर ही तीन लाख किलोमीटर की हवाई उड़ान भरी है और 500 टन से अधिक मेडिकल सामग्री , देश के कोने-कोने में आप तक पहुंचाया है। इसी तरह रेलवे के साथ लॉकडाउन में भी लगातार मेहनत कर रहे हैं ताकि देश आम लोगों को जरूरी वस्तुओं में कमी न हो।

आवाम इस लड़ाई को लड़ रहा

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे किसान भाई-बहनों को देखिए, एक तरफ वो इस महामारी के बीच अपने खेतों में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं और इस बात की भी चिंता कर रहे हैं कि इस देश में कोई भूखा न सोए। हर कोई अपने सामर्थ्य के हिसाब से इस लड़ाई को लड़ रहा है। कोई किराया माफ कर रहा है तो कोई अपनी पूरी पेंशन या पुरस्कार में मिली राशि को पीएम केयर्स में जमा करा रहा है। कोई खेत की सारी सब्जियां दान दे रहा है तो कोई हर रोज सैकड़ों गरीबों को मुफ्त में भोजन करा रहा है। कोई मास्क बना रहा है, कहीं हमारे मजदूरो भाई बहन क्वारंटाइन में रहते हुए जिस स्कूल में रह रहे हैं, उसकी रंगाई-पुताई कर रहे हैं। दूसरों की मदद के लिए आपके भीतर हृदय के किसी कोने में जो ये उमड़ता-घुमड़ता भाव है ना। वही कोरोना के खिलाफ भारत की इस लड़ाई को ताकत दे रहा है।

देश में चल रहा है बड़ा महायज्ञ

पीएम मोदी ने कहा कि पूरे देश में, गली- मोहल्ले में, जगह-जगह पर आज लोग एक-दूसरे की सहायता के लिए आगे आए हैं। गरीबों के लिए खाने से लेकर राशन की व्यवस्ता हो या लॉकडाउन का पालन हो, अस्पतालों की व्यवस्था हो, मेडिकल उपकरण का देश में ही निर्माण हो, आज पूरा देश एक लक्ष्य-एक दिशा साथ-साथ चल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि ताली, थाली, दीया, मोमबत्ती, इन सारी चीजों ने जो भावनाओं को जन्म दिया। जिस जज्बे से देशवासियों ने कुछ न कुछ करने की ठान ली, हर किसी को इन बातों ने प्रेरित किया है। शहर हो या गांव, ऐसा लग रहा है, जैसे देश में एक बहुत बड़ा महायज्ञ चल रहा है, जिसमें हर कोई अपना योगदान देने को आतुर है।

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