होमBiharMuzaffarpurनाटकीय घटनाक्रम का गबाह बना मीनापुर पुलिस इंस्पेक्टर कार्यालय

नाटकीय घटनाक्रम का गबाह बना मीनापुर पुलिस इंस्पेक्टर कार्यालय

Published on

निगरानी टीम को धक्का देकर भागा मुंशी

कौशलेन्द्र झा
मुजफ्फरपुर। मीनापुर पुलिस इंस्पेक्टर कार्यालय गुरुवार को नाटकीय घटनाक्रम का गवाह बन गया। निगरानी टीम ने इंस्पेक्टर डॉ. रमेश दत्त पांडेय व चौकीदार अजय को घूस लेते रंगेहाथ दबोच लिया। इससे पहले निगरानी टीम ने मुंशी को ही इंस्पेक्टर समझकर पकड़ने का प्रयास किया। टीम के अनुसार, मुंशी फिरोज खान को पकड़ने का प्रयास किया गया तो वह अधिकारियों को धक्का देकर भागने में सफल रहा। निगरानी टीम ने मुंशी को करीब 500 मीटर तक खदेड़ा, लेकिन वह हाथ नहीं आया।

https://youtu.be/14Irjby80Fs

इस बीच कार्यालय में बैठे इंस्पेक्टर व चौकीदार जब तक माजरा को समझ पाए, उससे पहले ही निगरानी के हथ्थे चढ़ गये। फिलहाल यह घटना मीनापुर में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग कहते सुने जा रहे है कि इंस्पेक्टर कार्यालय में कई ऐसे लोग दिन भर बैठे रहते हैं जिनका इससे कोई संबंध नहीं है और वही लोग दलाली का काम करते है। बताया यह भी जा रहा था कि कुछ राजनीतिक पहुंच रखने वाले लोगों की भी नजर पहले से इंस्पेक्टर डॉ. रमेश दत्त पांडेय पर थी।

मीनापुर में थम नही रहा है घूस लेने का मामला

मीनापुर में घूस लेते निगरानी के हथ्थे चढ़ने का यह पहला मामला नही है। इससे पहले निगरानी टीम ने मीनापुर थाना के दारोगा कृष्णा सिंह को 9 जून 2017 को रंगेहाथ पकड़ा था। दारोगा कृष्णा सिंह मेथनापुर के प्रमोद सहनी से 10 हजार रुपये घूस ले रहे थे। वहीं, दूसरी गिरफ्तारी 23 दिसंबर 2017 को हुई। टीम ने पांच हजार रुपये घूस लेते हुए सिवाईपट्टी थाना के एएसआई सुनील दत्त को दबोचा था। इस घटना में निगरानी की टीम ने हरहियां गांव के चितरंजन सिंह को भी हिरासत में लिया था, जिसे बाद में छोड़ दिया गया। चितरंजन पर पुलिस के लिए दलाली करने का आरोप लगा था।

घूस लेते दबोचा गया था राजस्व कर्मचारी

बात सिर्फ पुलिस पदाधिकारी की नही है। घूस लेने में राजस्व कर्मचारी भी किसी से पीछे नही है। दो साल पहले मीनापुर हलका संख्या 6 का राजस्व कर्मवारी मो. अब्बास घूस लेते हुए रंगेहाथो निगरानी टीम के हत्थे चढ़ा था। पटना से आई टीम ने घूस के पांच हजार रुपये सहित मो. अब्बास को गिरफ्तार किया था। बावजूद इसके यहां घूस लेने का सिलसिला बदस्तुर जारी है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

क्या शिक्षित समाज लोकतांत्रिक भागीदारी से दूर हो रहा है?

बिहार एमएलसी चुनाव: आंकड़ों ने खड़े किए गंभीर सवाल लेखक: मितेश झा जब समाज का शिक्षित...

क्या बियाडा सार्वजनिक करेगा रोजगार और स्थानीय आय का हिसाब?

महवल लेदर पार्क पर जवाबदेही की परीक्षा महवल के लेदर पार्क की सफलता का सबसे...

महवल लेदर पार्क की फाइलों में क्या दर्ज है?

रोजगार का हिसाब अब भी अधूरा बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी बियाडा की वेबसाइट...

महवल लेदर पार्क में रोजगार का आधार क्या है?

कितनी फैक्ट्रियों में शुरू हुआ उत्पादन? मुजफ्फरपुर के महवल में लेदर पार्क का उद्घाटन हो...

More like this

महवल लेदर पार्क की फाइलों में क्या दर्ज है?

रोजगार का हिसाब अब भी अधूरा बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी बियाडा की वेबसाइट...

क्या महवल से बदलेगी उत्तर बिहार की तस्वीर, 2,100 रोजगार का दावा कितना बड़ा?

मुजफ्फरपुर का लेदर पार्क 15 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड स्थित महवल में...

मीनापुर 2030: अगले पांच साल में यह इलाका किस दिशा में जाएगा? बाढ़, सड़क, खेती, रोजगार और बदलते गांवों की पूरी दास्तान

मीनापुर का भविष्य किसी एक चुनाव या एक परियोजना से तय नहीं होगा मीनापुर के...

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

हिंद केसरी यादव: मीनापुर की राजनीति में वह नाम, जिसने आंदोलन को सड़क से सदन तक पहुंचाया

पांचवीं पुण्यतिथि पर दरहीपट्टी में श्रद्धांजलि सभा, वक्ताओं ने कहा—अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...

मीनापुर के युवा बाहर क्यों जा रहे हैं? गांव से महानगर तक जानिए पलायन की पूरी दास्तान

सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं, घर छोड़ने की मजबूरी का है मीनापुर के किसी गांव...

मीनापुर का किसान फसल बेचकर कितना कमाता है? खेत से बाजार तक पूरा हिसाब

मीनापुर में धान की फसल जब खेत में लहलहाती है, तो दूर से वह...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

मीनापुर की असली कहानी क्या है? आजादी, राजनीति, बागमती और बदलते गांव का पूरा सच

मीनापुर को अगर सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले का एक प्रखंड या बिहार की एक विधानसभा...

मीनापुर में परिणाम बदलने वाले मुद्दे: जाति से बाढ़ तक, सड़क से रोज़गार तक आखिर किस सवाल ने बदली बाजी?

मीनापुर में विकास की परिकथा सिर्फ कुछ आंकड़ों से नहीं बनता। उसके पीछे एक...

मीनापुर की राजनीति: 1951 से 2025 तक सत्ता बदलती रही, लेकिन क्या बदला राजनीति का मिजाज?

मीनापुर की राजनीति को अगर सिर्फ पिछले 10 या 15 वर्षों के चुनाव से...

मीनापुर में जदयू का ‘संवाद’ या संगठन के भीतर उठती बेचैनी?

मनीष वर्मा के सामने खुली कार्यकर्ताओं की परत-दर-परत पीड़ा KKN ब्यूरो। मीनापुर में रविवार का...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...