होमEconomyट्रिनिडाड और टोबैगो बना पहला कैरेबियाई देश, भारत के UPI से डिजिटल...

ट्रिनिडाड और टोबैगो बना पहला कैरेबियाई देश, भारत के UPI से डिजिटल लेन-देन की शुरुआत

Published on

भारत के BHIM ऐप और UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। ट्रिनिडाड और टोबैगो ने भारत के UPI के माध्यम से लेन-देन को अपनाकर कैरेबियाई क्षेत्र में अपनी डिजिटल यात्रा की शुरुआत की है। यह कदम न केवल दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देता है, बल्कि भारत के डिजिटल लेन-देन की वैश्विक पहुंच को भी विस्तार प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रिनिडाड और टोबैगो में अपनी यात्रा के दौरान इस महत्वपूर्ण कदम के लिए ट्रिनिडाड और टोबैगो को बधाई दी। यह यात्रा 3-4 जुलाई, 2025 को हुई, जब दोनों देशों ने डिजिटल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए मजबूत इच्छा व्यक्त की। मोदी के दौरे के दौरान दोनों देशों के नेताओं ने डिजिटल क्षेत्र में इंडिया स्टैक समाधानों जैसे कि डिजी लॉकर्स, ई-हस्ताक्षर और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के कार्यान्वयन पर सहयोग बढ़ाने की सहमति जताई।

ट्रिनिडाड और टोबैगो का डिजिटल भविष्य: UPI का स्वागत

ट्रिनिडाड और टोबैगो का UPI को अपनाना एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कदम से न केवल भारत के BHIM ऐप के माध्यम से डिजिटल लेन-देन सरल हुआ है, बल्कि ट्रिनिडाड और टोबैगो में डिजिटल पेमेंट्स की शुरुआत हो रही है। अब, ट्रिनिडाड और टोबैगो के नागरिक भारत के UPI के माध्यम से सुरक्षित और त्वरित भुगतान कर सकते हैं। इस कदम से ना सिर्फ़ देश के आर्थिक संबंधों को मजबूती मिलेगी, बल्कि यह भी दर्शाता है कि UPI की वैश्विक स्वीकार्यता में कितनी तेजी आई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रिनिडाड और टोबैगो के लोगों को UPI प्रणाली को अपनाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग को एक नई दिशा देगा।

UPI का वैश्विक विस्तार: प्रमुख देश जो UPI का उपयोग कर रहे हैं

ट्रिनिडाड और टोबैगो ने UPI को अपनाकर एक वैश्विक नेटवर्क में शामिल होने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब तक कई देशों ने UPI को अपनाया है, जो इस प्रणाली की प्रभावशीलता और सुरक्षा को दर्शाता है। यहां हम उन देशों का उल्लेख कर रहे हैं जिन्होंने UPI को अपनाया और इसे सफलतापूर्वक लागू किया:

1. फ्रांस

2024 में फ्रांस यूरोप का पहला देश बना जिसने व्यापक रूप से UPI को स्वीकार किया। NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) ने Lyra के साथ साझेदारी में फ्रांस में UPI भुगतान प्रणाली को लागू किया। यह प्रणाली सबसे पहले एफिल टॉवर पर शुरू हुई, जिससे पर्यटक अब UPI के माध्यम से टिकट खरीद सकते हैं।

2. संयुक्त अरब अमीरात (UAE)

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 2021 में Network International के साथ साझेदारी में QR कोड आधारित UPI भुगतान को शुरू किया। इससे UAE में प्रमुख शॉपिंग मॉल्स और रिटेल स्टोर्स में UPI का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे भारतीय प्रवासियों और पर्यटकों को भुगतान करने में सुविधा हुई।

3. भूटान

2021 में भूटान ने भारत के BHIM UPI QR के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान की शुरुआत की। यह कदम भूटान को भारत के पड़ोसी देशों में UPI अपनाने वाला पहला देश बना। इससे भारतीय पर्यटकों और व्यापारियों के लिए भूटान में यात्रा करना और लेन-देन करना आसान हो गया।

4. नेपाल

2024 में, NIPL और Fonepay ने नेपाल में UPI को लागू किया। अब, भारतीय और नेपाली नागरिक आसानी से आपस में डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। यह सहयोग दोनों देशों के बीच सीमा पार लेन-देन को सुविधाजनक बनाता है।

5. मॉरीशस

2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रवींद जगन्नाथ ने UPI सेवाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान RuPay कार्ड सेवा भी शुरू की गई। इससे भारतीय नागरिकों के लिए मॉरीशस में डिजिटल भुगतान आसान हो गया है।

6. श्रीलंका

मॉरीशस में UPI की लॉन्चिंग के साथ ही श्रीलंका में भी UPI का शुभारंभ हुआ। श्रीलंका के राष्ट्रपति रणिल विक्रमसिंघे ने इस कदम का समर्थन करते हुए इसे दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

7. सिंगापुर

2023 में HitPay, एक सिंगापुर स्थित पेमेंट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी, ने NIPL के साथ साझेदारी की और सिंगापुर में UPI की स्वीकार्यता बढ़ाई। अब सिंगापुर में सभी प्रमुख रिटेल स्टोर्स, डाइनिंग आउटलेट्स, और टूरिस्ट अट्रैक्शंस में UPI भुगतान किया जा सकता है।

UPI के फायदे और वैश्विक प्रभाव

UPI, जिसे NPCI द्वारा विकसित किया गया था, एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जो तत्काल और सुरक्षित लेन-देन की सुविधा प्रदान करता है। UPI के माध्यम से पैसे का ट्रांसफर करना बेहद सरल और तेज है, जो इसे एक लोकप्रिय भुगतान प्रणाली बनाता है। यह प्रणाली न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भुगतान प्रक्रिया को सरल बना रही है।

UPI का वैश्विक स्तर पर विस्तार यह दिखाता है कि यह प्रणाली विश्व स्तर पर डिजिटल वित्तीय सेवाओं को कैसे बदल रही है। अब भारत से बाहर यात्रा करने वाले नागरिकों के लिए भी UPI के माध्यम से भुगतान करना सुविधाजनक हो गया है। UPI ने दुनियाभर में भुगतान करने के तरीके को सरल और सुरक्षित बनाया है, जिससे इसका वैश्विक प्रभाव बढ़ा है।

भारत का डिजिटल नेतृत्व

भारत का डिजिटल इंडिया मिशन अब UPI जैसे नवाचारों के माध्यम से दुनिया भर में अपनी छाप छोड़ रहा है। UPI के वैश्विक विस्तार के साथ, भारत ने वैश्विक डिजिटल भुगतान प्रणाली के क्षेत्र में अपनी नेतृत्व भूमिका को और मजबूत किया है। भारत के NIPL और NPCI जैसे संस्थानों ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे अन्य देशों को UPI को अपनाने के लिए प्रेरित किया है।

UPI का भविष्य: डिजिटल भुगतान का अगला कदम

जैसे-जैसे दुनिया भर में डिजिटल भुगतान प्रणालियाँ विकसित हो रही हैं, UPI की पहुंच लगातार बढ़ रही है। इसके कारण और भी अधिक देशों में UPI भुगतान प्रणाली को अपनाए जाने की संभावना है। आने वाले वर्षों में, यह उम्मीद की जा रही है कि UPI और अधिक देशों में अपनी पैठ बनाएगा, जिससे वैश्विक डिजिटल लेन-देन और भी अधिक आसान और सुरक्षित होगा।

ट्रिनिडाड और टोबैगो का UPI को अपनाना भारत के डिजिटल भुगतान प्रणाली की वैश्विक सफलता का प्रतीक है। फ्रांस, UAE, भूटान, नेपाल, मॉरीशस, श्रीलंका और सिंगापुर जैसे देशों में UPI का सफल कार्यान्वयन दर्शाता है कि यह प्रणाली कितनी प्रभावी और उपयोगी है। UPI न केवल भारत के लिए, बल्कि दुनिया भर के देशों के लिए एक डिजिटल भुगतान क्रांति लेकर आया है।

UPI की सफलता भारत की तकनीकी शक्ति और डिजिटल वित्तीय क्षेत्र में उसकी अग्रणी भूमिका को दर्शाती है। आने वाले वर्षों में, अधिक देशों के द्वारा UPI को अपनाए जाने के साथ, डिजिटल भुगतान का भविष्य और भी उज्जवल होगा।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

विश्वकर्मा पूजा: मशीन पर फूल चढ़ाने की परंपरा या इंसान के हुनर को सलाम?

ऋग्वेद के ‘विश्वकर्मन्’ से आधुनिक कारखाने तक पहुंची परंपरा में आखिर छिपा संदेश क्या...

हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, भारत की चलती-फिरती कहानी है

हिंदी दिवस पर विशेष: क्या आप जानते हैं कि हिंदी को ‘राष्ट्रभाषा’ नहीं, ‘राजभाषा’...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

More like this

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

विश्वकर्मा पूजा: मशीन पर फूल चढ़ाने की परंपरा या इंसान के हुनर को सलाम?

ऋग्वेद के ‘विश्वकर्मन्’ से आधुनिक कारखाने तक पहुंची परंपरा में आखिर छिपा संदेश क्या...

हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, भारत की चलती-फिरती कहानी है

हिंदी दिवस पर विशेष: क्या आप जानते हैं कि हिंदी को ‘राष्ट्रभाषा’ नहीं, ‘राजभाषा’...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

एनर्जी ड्रिंक से पैकेटबंद खाने तक: सुविधा के नाम पर शरीर के साथ कितना बड़ा सौदा?

बाजार की चमकदार पैकेजिंग के भीतर छिपी चीनी, नमक, वसा और कैफीन शरीर को...

डायबिटीज लाइलाज है या इलाज का तरीका पुराना पड़ चुका है?

भारत में 101 मिलियन लोगों को डायबिटीज, 136 मिलियन प्री-डायबिटीज की जद में; दुनिया...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

वह सुबह, जब पहाड़ नदी बन गया

26 अगस्त की सुबह 8:37 बजे हिमालय में कुछ ऐसा टूटा, जिसकी गूंज सैकड़ों...

नेपाल की बाढ़ में चीन की चाल? ग्लेशियर टूटने का सच, हिमालय का बढ़ता खतरा और भारत के लिए आने वाली बड़ी आफत

नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने सैकड़ों जिंदगियां निगल लीं।...

फरक्का जलसंधि: बिहार की बाढ़, बंगाल का बंदरगाह और बांग्लादेश का पानी—30 साल बाद फिर क्यों खड़ा हुआ सबसे पेचीदा सवाल?

1996 की गंगा जलसाझेदारी संधि दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाली है। बिहार में...

चीन का खतरा: सीमा पर सैनिकों से ज्यादा खतरनाक है सड़क, गांव और ब्रह्मपुत्र पर बनता नया सामरिक जाल

अरुणाचल में 60 किलोमीटर घुसपैठ का दावा निकला भ्रामक, लेकिन खतरा पूरी तरह काल्पनिक...