Home Bihar आजाद भारत में बाढ़ की रोकथाम की क्या है हकीकत

आजाद भारत में बाढ़ की रोकथाम की क्या है हकीकत

मानसून की पहली बारिश हुई और पूर्वी भारत का बड़ा इलाका बाढ़ की चपेट में आ गया। शुरूआती एक सप्ताह में ही तीन दर्जन से अधिक लोगो के मरने की खबर आ गई। बताया गया कि देश की करीब 55 लाख लोग बाढ़ में फंसे हुएं हैं। अकेले बिहार में करीब 20 लाख लोग उफनती नदियों की चपेट में हैं। दरअसल, बिहार सहित भारत के कई अन्य राज्यों में साल दर साल आने वाली बाढ़ की समस्या नई नहीं है। गुलामी के दिनो में लोगो को उम्मीद थीं कि आजादी मिलते ही इस समस्या से छुटकारा मिल जायेगा। किंतु, आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद, आज भी हम बाढ़ की विभिषिका को झेल रहे है। आखिर क्यों। प्रत्येक साल तबाही मचाने वाली इस बाढ़ का कोई स्थायी समाधान क्यों नहीं होता। एसे और भी कई सवाल है। देखिए, पूरी रिपोर्ट…


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कौशलेन्द्र झा, KKN Live की संपादकीय टीम का नेतृत्व करते हैं और हिन्दुस्तान (हिन्दी दैनिक) में नियमित रूप से लेखन करते हैं। बिहार विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव अर्जित किया है। वे प्रातःकमल और ईटीवी बिहार-झारखंड सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं। सामाजिक सरोकारों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है—वे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ (भारत) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और “मानवाधिकार मीडिया रत्न” सम्मान से सम्मानित किए गए हैं। पत्रकारिता में उनकी गहरी समझ और सामाजिक अनुभव उनकी विश्लेषणात्मक लेखन शैली को विशिष्ट बनाते हैं

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