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कोरोना लॉकडाउन को समझें आसान भाषा में

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कोरोना वायरस को देशभर में फैलने से रोकने के लिए अब कई राज्यों में लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। रविवार 22 मार्च को देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद जनता कर्फ्यू लगा था, जो काफी हद तक सफल भी रहा। इसके बाद रविवार को दिल्ली, तेलंगाना, पंजाब समेत कई राज्यों के कई जिलों में 31 मार्च तक लॉकडाउन का ऐलान कर दिया गया है।देश में अब तक कोरोनावायरस के 400 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 8 लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार 22 मार्च को 3 लोगों की मौत हुई। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए ट्रेन, मेट्रो जैसी कई सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

लॉकडाउन को देखते हुए सवाल उठता है कि क्या पूरा राज्य बंद रहेगा? चलिये जानते है…

जिन राज्यों ने लॉकडाउन का ऐलान किया है, उन्होंने साफ किया है कि जरूरी सुविधाओं और सेवाओं को रोका नहीं जाएगा, तो सवाल उठता है कि ये जरूरी सेवाएं क्या हैं? जो लॉकडाउन के दौरान भी खुली रहेगी।

मुख्य रूप से सेवाएं जो राज्यों में लॉकडाउन की स्थिति में जारी रहेंगी वो इस प्रकार है :-

  • जनता को राशन से जुड़ी समस्याएं न हों, इसके लिए राशन की दुकानों को बंद नहीं किया जाएगा!
  • इनके साथ ही दूध-सब्जी जैसी बुनियादी जरूरतों की दुकाने भी खुली रहेंगी.
  • अस्पताल, क्लीनिक, नर्सिंग होम और फार्मेसी भी इस दौरान खुले रहेंगे, ताकि लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना न करना पड़े.
  • इनके अलावा पेट्रोल पंप, बैंक, एटीएम, टेलीकॉम सर्विस, एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई आदि सेवाएँ भी जारी रहेगी. हालांकि राज्यों के अनुसार कुछ सेवाएँ जोड़ी भी जा सकती है।

चलिये अब जानते है ऐसी सेवाओं के बारे मे जिनपर पाबंदी लगाए गए है :-

जैसा की हम जानते हैं की रेलवे ने पहले से ही 31 मार्च तक सभी ट्रेनें बंद करने का फैसला किया है, इस दौरान सिर्फ मालगाड़ियाँ ही चलेंगी।दिल्ली, कोलकाता, लखनऊ समेत कुछ शहरों में मेट्रो ट्रेनों की सेवाएं भी रोक दी गई हैं। लॉकडाउन वाले राज्यों ने अपनी सार्वजनिक परिवहन पर भी रोक लगा दी है, साथ ही दूसरे राज्यों से आने वाली गाड़ियों को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दिल्ली में धारा 144 लागू की गई है, जिसके कारण एक जगह में 5 से ज्यादा लोग नहीं जमा हो सकते। इसके कारण राज्य में किसी तरह का प्रदर्शन, सामाजिक, धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित नहीं किए जा सकेंगे।दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा भी कि जिनको जरूरी सामान और सेवाओं के लिए घर से बाहर निकलना पड़ेगा, उनसे किसी तरह का पहचान पत्र नहीं मांगा जाएगा।

इसके बावजूद सभी राज्यों में प्रशासन ने साफ किया है कि बेहद जरूरी होने पर ही लोग घरों से बाहर निकलें, ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके। हालांकि, लॉकडाउन के दौरान गैर जरूरी कारण से बाहर निकलने वाले लोगों के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई भी कर सकती है।

हमारी भी आपसे यही अपील है की कृपया घर से बाहर जरूरत पर ही निकले, स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताए गए निर्देशों का पालन करे…

 

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