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डॉ कफिल ने पेश किया मानवता की सबसे बड़ी मिसाल

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गोरखपुर हादसे के बीच फरिश्ता बनकर उभरे डॉ. कफील 

संतोष कुमार गुप्ता
गोरखपुर: गोरखपुर की घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है।धर्म के नाम पर सोशल मीडिया मे नफरत फैलाने वालो की घिग्घी बंध गयी है। यहां सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि आक्सीजन की सप्लाई लम्बे समय से बंद था. किंतु इस नाजुक क्षण मे फरिश्ता बनकर आये डॉ कफिल ने मानवता की बड़ी मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले में कल ऑक्सीजन की कमी की वजह से हुए हादसे को लेकर सोशल मीडिया में आज कड़ी प्रतिक्रिया जतायी जा रही है। इस बीच संकट के वक्त डॉक्टर कफील अहमद का नाम भी उभरकर सामने आ रहा है। डॉ. कफील अहमद ऑक्सीजन की कमी से एक -के -बाद दम तोड़ रहे बच्चों के लिए फरिश्ता बनकर सामने आये। गुरूवार की रात जब दो बज रहे थे। अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी की सूचना इंसेपेलाइटिस वार्ड के प्रभारी व बाल रोग विशेषज्ञ डा कफील अहमद को मिली। सूचना मिलते ही डॉक्टर की नींद उड़ गयी और आनन – फानन में  वह अपने मित्र के पास पहुंचे। वहां से ऑक्सीजन के तीन जंबों सिलेंडर अपनी गाड़ी में लेकर शुक्रवार की रात तीन बजे सीधे बीआरडी अस्पताल पहुंचे । तीन सिलेंडरों से बालरोग विभाग में करीब 15 मिनट ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सकी।

रात भर किसी तरह से काम चल पाया लेकिन सुबह सात बजे ऑक्सीजन खत्म होते ही एक बार फिर पीड़ित बच्चों के जान पर खतरा मंडराने लगा। अस्पताल में मौजूद कर्मचारी किसी आपात स्थिति और भविष्य को लेकर घबराने लगे। उधर ऑक्सीजन सिलेंडर के खेप आने में काफी देर थी। कर्मचारियों ने लगातार गैस सप्लायर व बड़े अधिकारियों को फोन लगाया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। डॉ. कफील अहमद एक बार फिर अपने चिकित्सक मित्रों के पास पहुंच गये  और प्राइवेट अस्पताल से करीब एक दर्जन ऑक्सीजन सिलेंडर को ढुलवाया। मामले की गंभीरता को समझते हुए डॉ. कफील ने शहर के करीब छह ऑक्सीजन सप्लॉयर को फोन लगाया लेकिन किसी ने नकद भुगतान के बिना सिलेंडर रिफिल करने की बात नहीं स्वीकारी। कफील अहमद ने अपने कर्मचारी को एटीएम दे तुरंत ऑक्सीजन सिलेंडर लाने को कहा।

उधर डॉ. कफील अहमद को इस काम के लिए सोशल मीडिया में काफी सराहना की जा रही है। रूबी अरुण लिखती है, इससे बड़ी देशभक्ति क्या होगी, क्या फर्क पड़ता है कि डा. कफील वंदे मातरम गायें न गायें। गौरतलब है कि दो दिन पहले सरकार ने एक आदेश जारी कर कहा था कि सरकारी मदरसों में वंदे मातरम को अनिवार्य कर दिया गया है। यूपी में योगी सरकार की मदरसा काउंसिल ने सभी सरकारी मदरसों में 15 अगस्त का कार्यक्रम मनाने का नोटिस भेजा है। जिसमें राष्ट्रगान के साथ-साथ राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाने का भी आदेश दिया गया है।

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