एशिया कप 2025 का आगाज 9 सितंबर से होने जा रहा है और क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें हमेशा की तरह भारत बनाम पाकिस्तान मैच पर टिकी हैं। लेकिन इस बार हालात कुछ अलग हैं। पाकिस्तान के कुछ पूर्व क्रिकेटर और वहां के क्रिकेट फैंस तक मान रहे हैं कि टीम को भारत के खिलाफ मैदान में नहीं उतरना चाहिए। इसकी वजह राजनीतिक तनाव नहीं, बल्कि टीम की हालिया खराब परफॉर्मेंस है।
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वेस्टइंडीज दौरे ने बढ़ाई चिंता
हाल ही में पाकिस्तान टीम वेस्टइंडीज दौरे से लौटी है, जहां उसने तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली। पहला मैच जीतकर पाकिस्तान ने 1-0 की बढ़त बनाई थी और सीरीज अपने नाम करने के लिए बस एक जीत की दरकार थी। लेकिन अगले दोनों मुकाबलों में बाबर आज़म, मोहम्मद रिज़वान समेत बल्लेबाजी क्रम ने बेहद निराश किया और टीम हार गई।
तीसरे वनडे में तो पाकिस्तान का हाल और भी खराब रहा। वेस्टइंडीज ने उन्हें महज 92 रन पर ऑलआउट कर दिया और 202 रनों से करारी शिकस्त दी। यह पाकिस्तान के वनडे इतिहास की चौथी सबसे बड़ी हार साबित हुई।
बासित अली का बयान
पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर बासित अली ने इस हालिया नतीजे के बाद एक चौंकाने वाली राय दी। उन्होंने “द गेम प्लान” यूट्यूब चैनल पर कहा, “मैं दुआ करता हूं कि भारत एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से मना कर दे, ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स में किया था। अगर भारत खेला, तो इतनी बुरी तरह मारेंगे कि कोई सोच भी नहीं सकता।”
भारत से हार का डर ज्यादा
बासित अली ने आगे कहा कि अगर पाकिस्तान अफगानिस्तान से हार जाए तो वहां के लोग ज्यादा रिएक्ट नहीं करते, लेकिन भारत से हार होते ही माहौल गरमा जाता है। उन्होंने साफ कहा, “भारत से हारना हमारे यहां सबसे बड़ा मुद्दा बन जाता है, इसलिए टीम के लिए यही अच्छा होगा कि वह इस भिड़ंत से बचे।”
भारत में भी बहिष्कार की मांग
दूसरी ओर, भारत में भी पहलगाम हमले के बाद इस मैच के बहिष्कार की आवाजें उठ रही हैं। कई पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने भी समर्थन किया है कि एशिया कप में पाकिस्तान से मुकाबला नहीं होना चाहिए। बासित अली के बयान ने इस बहस को और तेज कर दिया है।
फैंस के लिए बड़ा सवाल
भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा से क्रिकेट का सबसे बड़ा आकर्षण रहा है। अगर यह मुकाबला इस बार नहीं हुआ, तो टूर्नामेंट की रोमांचकता और व्यावसायिक मूल्य दोनों प्रभावित होंगे। वहीं, पाकिस्तान के लिए यह एक तरह से बड़ी हार से बचने का मौका हो सकता है।
पाकिस्तान की चुनौतियां
एशिया कप से पहले पाकिस्तान को अपनी बल्लेबाजी में स्थिरता लानी होगी। तेज गेंदबाजी उनकी ताकत रही है, लेकिन शीर्ष क्रम का बार-बार फ्लॉप होना सबसे बड़ी चिंता है। कप्तान बाबर आज़म पर दबाव रहेगा कि वह टीम को मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार करें।
भारत-पाकिस्तान का क्रिकेट मुकाबला सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि करोड़ों फैंस के लिए भावनाओं का संगम है। अब देखना यह है कि एशिया कप 2025 में यह हाई-वोल्टेज मैच खेला जाएगा या फिर यह भी क्रिकेट इतिहास का एक अधूरा सपना बनकर रह जाएगा।



