होमNationalआशीष नेहरा ने कहा, विराट कोहली की कप्तानी में अभी भी है...

आशीष नेहरा ने कहा, विराट कोहली की कप्तानी में अभी भी है सुधार की गुंजाइश

Published on

हाल ही में पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा का इंटरव्यू लिया। इस इंटरव्यू के दौरान नेहरा ने कई विषयों पर चर्चा की, जिसमें से एक विराट कोहली की कप्तानी भी थी। आपको बता दे कि, नेहरा भारतीय टीम के ऐसे खिलाड़ी हैं, जो सौरव गांगुली, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली तीनों की कप्तानी में खेल चुके हैं।

आशीष नेहरा ने कहा कि, वे विराट कोहली की कप्तानी के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहेंगे। क्योंकि, उन्होंने विराट की कप्तानी में ज्यादा क्रिकेट नहीं खेला है। उनका मानना है, कि विराट की कप्तानी में अभी भी काम चालू है। इसके साथ ही उन्होने कहा की, विराट को एक खिलाड़ी के तौर पर किसी तरह के पहचान की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि, उनका ग्राफ सबकुछ दिखा देता है। हालांकि उन्होने ये भी कहा कि, विराट खिलाड़ी के तौर पर शानदार काम कर चुके हैं, लेकिन कप्तानी के तौर पर मुझे लगता है, कि उनका काम अभी भी चालू है। साथ ही उन्होने कहा कि, मुझे लगता है कप्तान के तौर पर वो थोड़े इंपल्सिव स्वभाव के है, जो फैसला लेने मे थोड़ी जल्दबाज़ी कर देते है।

नेहरा ने कहा कि, विराट को मैदान मे आक्रामक रहने की जरूरत है, क्योंकि इससे वो अपना बेहतर प्रदर्शन दे पाते हैं, लेकिन इसी के साथ फैसला लेते समय उन्हें थोड़ा सतर्क होने की भी जरूरत है। इसी के साथ आशीष नेहरा ने महेंद्र सिंह धोनी की खूब तारीफ की और उन्हें एक कैलकुलेटिव कप्तान भी बताया। नेहरा का कहना है, कि धोनी अपनी कप्तानी में सबको काफी मौके देते थे।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में बड़ा फैसला: साक्ष्यों के अभाव में छह आरोपी बरी, कोर्ट ने जांच और अभियोजन पर उठाए सवाल

आठ साल पुराने चर्चित हत्याकांड में अदालत का फैसला KKN ब्यूरो। बिहार के मुजफ्फरपुर शहर...

मीनापुर के प्रथम विधायक जनक सिंह की 112वीं जयंती पर ‘अग्रदूत’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

मीनापुर के प्रथम विधायक को श्रद्धांजलि, 'अग्रदूत' पुस्तक बनी उनकी विरासत का दस्तावेज़ KKN ब्यूरो।...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

More like this

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में चौकाने वाला खुलाशा, क्या हर गांव में था स्कूल?

आज भी उपलब्ध है थॉमस मुनरो और विलियम एडम की रिपोर्ट KKN ब्यूरो। ब्रिटिश शासन...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

क्या दुनिया बायोलॉजिकल वेपन के मुहाने पर खड़ी है?

सुपर पावरों की गुप्त प्रयोगशालाएं, अमेरिकी फंडिंग और मानव अस्तित्व पर मंडराता नया खतरा KKN...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

ईरान के सामने अमेरिका कितना सफल रहा?

क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सीमित हो चुकी है? KKN ब्यूरो। जब भारत...

क्या अमेरिका भारत का भरोसेमंद साझेदार है?

दोस्त, साझेदार या सिर्फ अपने हितों का प्रहरी? KKN ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई स्थायी...

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...

भारत–बांग्लादेश सीमा पर तेज हुई फेंसिंग, लेकिन क्यों बढ़ रहा है तनाव?

KKN ब्यूरो। भारत ने बांग्लादेश सीमा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में...

क्या पेट्रोलियम संकट की तरफ बढ़ रहा है भारत?

मिडिल ईस्ट की आग, अमेरिका की शांति वार्ता और भारत पर मंडराता खतरा KKN ब्यूरो।...

क्या ट्रंप हार गए ईरान से? स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर संकट, चीन की एंट्री और भारत के लिए बड़ा खेल

KKN ब्यूरो। क्या सच में Donald Trump ईरान के सामने झुक गए? क्या अमेरिका...

क्या ईरान सिर्फ एक देश है या एक ऐसी रणनीति, जिसे हराना नामुमकिन है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है… कि दशकों से प्रतिबंध झेल रहा एक...