सोमवार, फ़रवरी 16, 2026 10:29 पूर्वाह्न IST
होमNationalगणतंत्र दिवस 2026 : आखिर 26 जनवरी को ही क्यों लागू हुआ...

गणतंत्र दिवस 2026 : आखिर 26 जनवरी को ही क्यों लागू हुआ भारतीय संविधान

Published on

भारत पूरे उत्साह और गर्व के साथ 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। भारतीय संविधान को लागू हुए 76 वर्ष पूरे हो चुके हैं। 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान लागू किया था। इसी दिन देश को पूर्ण गणराज्य का दर्जा प्राप्त हुआ। इसके साथ ही भारत ने स्वयं को एक संप्रभु, लोकतांत्रिक और गणतांत्रिक राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।

हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है। यह दिन देश के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों की याद दिलाता है। वर्ष 2026 के गणतंत्र दिवस समारोह को खास बनाया गया है। इस बार समारोह की थीम राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर आधारित है। इसकी झलक गणतंत्र दिवस परेड और झांकियों में देखने को मिलेगी।

कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां शामिल होंगी। इन झांकियों के माध्यम से भारत की संस्कृति, परंपरा, वेशभूषा, लोक कला और खानपान को प्रदर्शित किया जाएगा। यह परेड भारत की विविधता में एकता का सशक्त उदाहरण मानी जाती है।

नवंबर 1949 में तैयार हो चुका था संविधान

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि जब संविधान 26 नवंबर 1949 को ही बनकर तैयार हो गया था, तो इसे तुरंत लागू क्यों नहीं किया गया। संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया था। इसके बावजूद इसे लागू करने में लगभग दो महीने का समय लिया गया।

इस देरी के पीछे कोई प्रशासनिक बाधा नहीं थी। बल्कि यह एक सोचा-समझा और ऐतिहासिक निर्णय था। संविधान निर्माताओं ने इसके लागू होने के लिए एक ऐसी तारीख चुनी, जो भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से गहराई से जुड़ी हो।

आज 26 नवंबर को देश में संविधान दिवस या कानून दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन संविधान को अपनाने की ऐतिहासिक प्रक्रिया की याद दिलाता है। लेकिन इसके लागू होने के लिए 26 जनवरी की तारीख को चुना गया।

26 जनवरी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

26 जनवरी की तारीख का महत्व भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा हुआ है। 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने देश की पूर्ण आजादी का ऐलान किया था। इस घोषणा को पूर्ण स्वराज का संकल्प कहा गया।

उस समय तक भारत के लिए ब्रिटिश शासन के अंतर्गत सीमित स्वशासन की मांग की जा रही थी। लेकिन 1929 के बाद कांग्रेस ने यह स्पष्ट कर दिया कि लक्ष्य केवल पूर्ण स्वतंत्रता ही होगा। 26 जनवरी 1930 को इस संकल्प को देशभर में सार्वजनिक रूप से घोषित किया गया।

इसी ऐतिहासिक घटना के कारण 26 जनवरी भारतीय जनमानस में एक प्रतीकात्मक तारीख बन गई। यही कारण था कि संविधान को लागू करने के लिए इसी दिन का चयन किया गया।

लाहौर अधिवेशन और पूर्ण स्वराज की घोषणा

19 दिसंबर 1929 को कांग्रेस का ऐतिहासिक लाहौर अधिवेशन आयोजित हुआ। इसी अधिवेशन में Jawaharlal Nehru को कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित किया।

इस अधिवेशन में यह निर्णय लिया गया कि जनवरी के अंतिम रविवार को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। यह तारीख 26 जनवरी 1930 थी। उसी दिन देशभर में ब्रिटिश शासन से पूर्ण स्वतंत्रता की शपथ ली गई।

लाहौर में रावी नदी के तट पर जवाहरलाल नेहरू ने तिरंगा फहराया था। इस घटना ने पूरे देश में एक नई चेतना और ऊर्जा का संचार किया। लाखों लोगों ने आजादी के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया।

इस तरह 26 जनवरी भारतीय इतिहास में एक निर्णायक और प्रेरणादायक दिन बन गया। संविधान लागू करने के लिए इसी तारीख का इंतजार किया गया।

26 जनवरी 1950: भारत बना गणराज्य

जब 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ, तब भारत ने औपचारिक रूप से ब्रिटिश शासन से जुड़े सभी संवैधानिक संबंध समाप्त कर दिए। देश का शासन अब पूरी तरह भारतीय संविधान के अनुसार चलने लगा।

इस दिन भारत में राष्ट्रपति पद की स्थापना हुई। गवर्नर जनरल की व्यवस्था समाप्त हो गई। भारत ने स्वयं को एक स्वतंत्र गणराज्य घोषित किया, जहां सत्ता का स्रोत जनता है।

संविधान के लागू होने के साथ ही नागरिकों को मौलिक अधिकार मिले। लोकतांत्रिक संस्थाओं को संवैधानिक आधार मिला। न्याय, समानता और स्वतंत्रता को राष्ट्र की आधारशिला बनाया गया।

गणतंत्र दिवस 2026 की थीम और सांस्कृतिक प्रस्तुति

गणतंत्र दिवस 2026 का आयोजन विशेष सांस्कृतिक महत्व रखता है। इस बार समारोह की थीम वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ है। स्वतंत्रता आंदोलन में इस गीत की भूमिका ऐतिहासिक रही है।

परेड में प्रस्तुत झांकियों के माध्यम से इस थीम को रचनात्मक रूप से दर्शाया जाएगा। इसके अलावा सेना की टुकड़ियां अनुशासन और सामर्थ्य का प्रदर्शन करेंगी। स्कूली बच्चे, लोक कलाकार और सुरक्षा बल भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।

गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि

इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

परेड में इस बार कुछ नए दृश्य भी देखने को मिलेंगे। पहली बार बैक्ट्रियन ऊंट परेड का हिस्सा होंगे। इसके साथ ही नई बटालियन भैरव भी मार्च पास्ट में भाग लेगी। यह गणतंत्र दिवस समारोह की परंपराओं में एक नया अध्याय जोड़ता है।

संविधान और नागरिकों की भूमिका

गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं है। यह नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है। भारतीय संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय की गारंटी देता है।

संविधान ने शासन व्यवस्था की स्पष्ट रूपरेखा तय की है। समय-समय पर संशोधनों के माध्यम से इसे समाज की जरूरतों के अनुसार ढाला गया है। यह दस्तावेज भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को सम्मान देता है।

छात्रों और युवाओं के लिए गणतंत्र दिवस का महत्व

गणतंत्र दिवस युवाओं में देशभक्ति की भावना को मजबूत करता है। स्कूलों और कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।

छात्र संविधान के महत्व, मौलिक अधिकारों और राष्ट्रीय एकता पर अपने विचार साझा करते हैं। परेड उनके लिए भारत की ऐतिहासिक यात्रा को समझने का एक जीवंत माध्यम बनती है।

गणराज्य के रूप में भारत की 77 वर्षों की यात्रा

गणराज्य बनने के 77 वर्षों में भारत ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। लोकतांत्रिक संस्थाएं मजबूत हुई हैं। आर्थिक, तकनीकी और कूटनीतिक क्षेत्रों में देश ने वैश्विक पहचान बनाई है।

गणतंत्र दिवस इस यात्रा पर आत्ममंथन का अवसर देता है। यह दिन हमें स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संविधान निर्माताओं के दृष्टिकोण की याद दिलाता है।

26 जनवरी केवल एक तारीख नहीं है। यह भारत के संघर्ष, संकल्प और भविष्य की आकांक्षाओं का प्रतीक है। गणतंत्र दिवस 2026 इसी भावना के साथ देश को एकजुट करता है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

क्या पाकिस्तान टूटने जा रहा है? बलुचिस्तान में खुली बगावत, कहा गिरे सेना के ठिकाने

क्या पाकिस्तान की नींव में ऐसी दरार पड़ चुकी है, जिसे अब जोड़ा नहीं...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

More like this

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...
00:10:10

क्या चीन-बांग्लादेश की साज़िश से घिर गया भारत? सिलिगुड़ी कॉरीडोर पर क्यों मंडराया खतरा

भारत का सबसे संवेदनशील इलाका — सिलिगुड़ी कॉरीडोर, जिसे दुनिया चिकेन नेक के नाम...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...

₹10,000 से कम में Samsung के दमदार स्मार्टफोन, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ

अगर आप budget segment में Samsung का स्मार्टफोन खरीदने की planning कर रहे हैं,...

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana के तहत राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के...

आज का राशिफल, सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

Horoscope 10 February 2026 Aaj Ka Rashifal ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के आधार...

Bank of Baroda Recruitment 2026 : बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन आवेदन शुरू

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने...

Raxaul में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, तीन श्रद्धालु घायल

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के Raxaul में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार...

परीक्षा पे चर्चा 2026 परीक्षा के तनाव पर पीएम मोदी करेंगे छात्रों से संवाद

Pariksha Pe Charcha 2026 एक बार फिर देशभर के छात्रों से जुड़ने जा रहा...

पटना समेत पूरे बिहार में न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना

बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। राज्य...

खराब lifestyle बना फैटी लिवर की बड़ी वजह, जानिए क्या न खाएं

आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले...

जानिए महाशिवरात्रि 2026 की सही तिथि, पूजा का समय और धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को...