होमNationalजब बड़े भाई के शादी में सहबाला बने थे वाजपेयी

जब बड़े भाई के शादी में सहबाला बने थे वाजपेयी

Published on

वैसे तो युग पुरुष अटल जी के इतने रंग है कि उसे शब्दो में पीरोना मुश्किल ही नहीं बल्कि, नामुमकिन भी है। बावजूद इसके एक ऐसे रंग है, जिसका जिक्र करना आज यहां जरुरी है। दरअसल, बहुत कम लोगो को मालुम है कि अटल बिहारी वाजपेयी एक बार सहबाला भी बने थे। मौका था उनके बड़े भाई प्रेम बिहारी वाजपेयी के विवाह का। आपको याद ही होगा कि यह बारात उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जा रही थी। उस वक्त अटल जी मात्र 16 वर्ष के थे। उस शादी में वह सहबाला बनकर आए थे। भाई की ससुराल से अटल जी का प्रेम तब भी बना रहा जब वह देश के प्रधानमंत्री बन गए। पूरी दुनिया में मशहूर होने के बाद भी वह अक्सर मंच से गोरखपुर, गोरक्षपीठ और अलीनगर की गलियों में दूल्हे का सहबाला बनकर घूमने की अपनी कहानी का जिक्र कर दिया करते थे।

गोरखपुर से जुड़ा है गहरा रिश्ता

अलीनगर के मालीटोले में कृष्णा सदन के नाम से मशहूर पंडित मथुरा प्रसाद दीक्षित का घर आज भी अटल जी की स्मृतियों को समेटे हुए है। वर्ष 1940 में मथुरा प्रसाद दीक्षित की पांच बेटियों में से एक रामेश्वरी उर्फ बिट्टन से अटलजी के बड़े भाई प्रेम बिहारी वाजपेयी की शादी हुई थी। अटलजी के गोरखपुर आने का वह पहला मौका था। वर्ष 1998 के विधानसभा चुनाव में महाराणा प्रताप इंटर कालेज मैदान पर आयोजित सभा में अटल जी ने किशोर मन की उन स्मृतियों को ताजा करते हुए गोरखपुर के बाजारों और गलियों की रौनक का भी जिक्र किया था।

भाई के ससुराल की खीर

कहतें हैं कि बडे़ भाई की ससुराल में अटलजी का आना-जाना अक्सर लगा रहता था। बताते हैं कि उम्र में छोटे भाई के साले कैलाश नारायण दीक्षित और सूर्यनारायण दीक्षित से अटलजी की खूब बनती थी। बाद के वर्षों में जैसे-जैसे अटलजी की राजनीतिक व्यस्तता बढ़ती गई वैसे-वैसे यहां आना कम होता गया लेकिन वह जब भी आते ससुराल में उनकी मनपसंद खीर जरूर बनती थी। बताते हैं कि अटलजी अपने पिता की अपेक्षा मां कृष्णा वाजपेयी के ज्यादा करीब थे। मां जब तक जीवित थीं, तब तक वह छुटियां मनाने अपने घर ग्वालियर जाया करते थे। लेकिन मां के निधन के बाद उन्हें जब भी मौका मिलता गोरखपुर आ जाते। यहां बड़े भाई की सास फूलमती उनका खास ख्याल रखती थीं।

हम पहुंचे हुए है

अटलजी साल 1994 में अलीनगर के कृष्णा सदन में स्व.मथुरा प्रसाद दीक्षित के भाई के ब्रह्मभोज में आए थे। एडवोकेट सुरेश दीक्षित बताते हैं कि तब तक वह देश के बड़े नेता बन चुके थे लेकिन सादगी पहले जैसी ही थी। घर पर बिल्कुल अकेले बिना किसी तामझाम के पहुंचे थे। रात में अटलजी जाने लगे तो सुरेश दीक्षित ने कहा कि चलिए आपको पहुंचा देते हैं। इस पर मुस्कुराते हुए अटल जी ने कहा था कि हम पहुंचे हुए हैं, पहुंच जाएंगे।

KKN Live के इस पेज को फॉलो कर लें और शेयर व लाइक भी जरुर करें। मुझे आपके सुझाव का भी इंतजार रहेगा।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

एनर्जी ड्रिंक से पैकेटबंद खाने तक: सुविधा के नाम पर शरीर के साथ कितना बड़ा सौदा?

बाजार की चमकदार पैकेजिंग के भीतर छिपी चीनी, नमक, वसा और कैफीन शरीर को...

मीनापुर की क्रांति गाथा: इतिहास के हाशिये से उठती एक पूरी पीढ़ी की आवाज

मीनापुर की क्रांति गाथा पुस्तक की संक्षिप्त समीक्षा लेखक : कौशलेन्द्र झा KKN पुस्तक समीक्षा। इतिहास...

More like this

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

एनर्जी ड्रिंक से पैकेटबंद खाने तक: सुविधा के नाम पर शरीर के साथ कितना बड़ा सौदा?

बाजार की चमकदार पैकेजिंग के भीतर छिपी चीनी, नमक, वसा और कैफीन शरीर को...

डायबिटीज लाइलाज है या इलाज का तरीका पुराना पड़ चुका है?

भारत में 101 मिलियन लोगों को डायबिटीज, 136 मिलियन प्री-डायबिटीज की जद में; दुनिया...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

पढ़ाई महंगी, नौकरी और परीक्षा पर भरोसा भी संकट में

कैंपस से सड़क तक बढ़ती बेचैनी सिर्फ बेरोजगारी की कहानी नहीं; यह उस पीढ़ी...

मीनापुर में बनेगा शहीद स्मृति पार्क, रामपुरहरि में प्रस्तावित है भव्य तोरण द्वार

अमर शहीद जुब्बा सहनी, वांगुर सहनी और पंडित सहदेव झा समेत स्वतंत्रता सेनानियों की...

मीनापुर में भूमि सर्वेक्षण: जमीन आपकी, लेकिन रिकॉर्ड में किसका नाम?

पुराने खतियान, बदली हुई चौहद्दी और अधूरे उत्तराधिकार के बीच रैयतों के सामने नई...

मीनापुर में गूंजा जश्न-ए-आजादी: शहीद स्मृति पार्क और भव्य तोरण द्वार बनाने का ऐलान

क्रांति महोत्सव-2026 में विधायक अजय कुमार ने की घोषणा, विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी बोले—राजकीय...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में चौकाने वाला खुलाशा, क्या हर गांव में था स्कूल?

आज भी उपलब्ध है थॉमस मुनरो और विलियम एडम की रिपोर्ट KKN ब्यूरो। ब्रिटिश शासन...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...