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टीवी अभिनेता पारस छाबड़ा ने अवसाद और मानसिक तनाव की कहानी बताई, प्रेमानंद महाराज के आश्रम में मिली शांति

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KKN गुरुग्राम डेस्क | राजनीतिक रूप से चर्चित टीवी फ़ेम बिग बॉस 13 के प्रतिभागी और अभिनेता पारस छाबड़ा ने हाल ही में अपने मानसिक स्वास्थ्य और गंभीर अवसाद के संघर्ष का खुलकर ज़िक्र किया। पारस का कहना है कि वह कैंसर होने का भ्रम और घर से बाहर निकलने की इच्छा का अभाव जैसी गहरी मनोदशा के दौर से गुज़रे थे। लेकिन अब उन्होंने अपनी आध्यात्मिक उन्नति के लिए प्रेमानंद महाराज के आश्रम में शरण ली है, उस गुरु जिनके पास विराट कोहली–अनुष्का शर्मा जैसे सितारे भी आते रहे हैं।

 पारस की दर्दभरी मानसिक यात्रा

पारस छाबड़ा अपनी सोशल मीडिया फ़ेम और बिग बॉस 13 में दिखाए जाने वाले व्यक्तित्व से सुपरस्टार बने। लेकिन उन्होंने धर्म और आध्यात्मिकता की ओर रुख़ उस समय तब किया जब मीडिया और शोबिज़ से नज़रें हट गईं।

“मेरा मन इतना दब गया कि मैं बाहर निकलना ही बंद कर दिया था। मुझे ऐसा महसूस होता था जैसे मैं मर जाऊंगा। कैंसर है, मुझे यकीन था।”
— पारस छाबड़ा

यह बयान पारस ने प्रेमानंद महाराज की मौजूदगी में साझा किया, जिनसे उन्होंने गुरुकृपा और अद्वितीय आध्यात्मिक पाठ सीखे। उनका कहना है कि इन शिक्षाओं ने उन्हें नकारात्मक मानसिकता से बाहर निकालकर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।

 वृंदावन में घर, आध्यात्मिक जुड़ाव

पारस ने यह भी बताया कि उन्होंने वृंदावन में राधा रानी का नाम जपना शुरू किया और उनकी माँ भी इसी रास्ते पर चली गईं। इसके बाद उन्होंने वृंदावन में एक घर भी खरीदा—एक ऐसा निर्णय जो पारस ने अपने पुराने जीवन-दृष्टिकोण से उबर कर लिया।

“मैं अब पूरी तरह ठीक हूँ। आध्यात्मिक जीवन ने मुझे नई दिशा दी और मानसिक स्वास्थ्य भी सुधरा।”
— पारस छाबड़ा

वह अब अपने कैरियर पर फिर काम करना चाह रहे हैं, लेकिन पहले उन्हें अंदर से मजबूत होना पड़ा।

पति अभिनय में हुई दूरी का कारण

बिग बॉस छोड़ने के बाद पारस की स्क्रीन उपस्थिति घट गई थी, और वे केवल कुछ गेस्ट रोल या म्यूज़िक वीडियो में दिखे। उन्होंने माना कि उनकी मानसिक स्थिति की वजह से काम में कमी आई थी।

उनका मानना है कि अब जब उनकी आंतरिक स्थिति सुधरी है, तो वो फिर से अभिनय के क्षेत्र में वापसी करना चाहते हैं, और पढ़ना-लिखना, चरित्र निर्माण जैसी चीज़ों में भी आत्मविश्वास लौट आया है।

करण खंडेलवाल ने मानी ‘काले जादू की अफवाह’

पारस के साथ टीवी अभिनेता करण खंडेलवाल भी उसी आश्रम में पहुंचे। उन्होंने मास्टर से कहा कि कुछ लोगों ने कहा है कि उनके घर में काला जादू हो गया है। यह सुनकर प्रेमानंद महाराज हँ बड़े और बोले:

“ऐसी कोई चीज़ नहीं होती। कोई आपको ठगने की कोशिश कर रहा है।’

महाराज का कहना था कि आध्यात्मिक मनोबल मजबूत होना चाहिए, और कोई बाहरी भ्रम पर विश्वास भटकना चाहिए।

 प्रेमानंद महाराज: कलाकारों के आध्यात्मिक गुरु

प्रेमानंद महाराज वृंदावन के एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु हैं। उन्होंने भक्ति योग और राधा-कृष्ण भजन के माध्यम से कई पारंपरिक और आधुनिक कलाकारों को मार्गदर्शन दिया है, जिनमें अनुष्का शर्मा, विराट कोहली, दीपिका पादुकोण समेत कई फिल्मी और टीवी सितारे शामिल हैं।

उनकी शिक्षाओं में, मौन, मंत्र, ध्यान, और सरल तरीकों से ईश्वर भक्ति शामिल होती है, जिसे युद्धकालीन जीवन की चुनौतियों से पार पाने का मार्ग बताया जाता है।

मनोरंजन जगत में मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ती जागरूकता

पारस की दर्दभरी यात्रा सार्वजनिक रूप से साझा करना एक सकारात्मक बदलाव की निशानी है। इससे पहले दीपिका पादुकोण, अनुष्का शर्मा, शाहिद कपूर जैसे कलाकारों ने भी डिप्रेशन, चिंता, दबाव जैसी मानसिक समस्याओं को लेकर खुलकर बात की है।

पारस का अनुभव:

  • मोठी सेलिब्रिटी के बावजूद गहरी अकेलापन महसूस किया

  • स्वास्थ्य का भ्रम उन्हें घर-बंद कर गया

  • आध्यात्मिकता के सहारे उन्होंने तनाव मुक्ति पाई

उनकी कहानी एक प्रेरणा स्रोत बन चुकी है, खासकर युवा वर्ग के लिए जो पारदर्शिता से मानसिक स्वास्थ्य की वार्ता को बढ़ावा दे रहे हैं।

पारस छाबड़ा की आत्मकथा एक भावनात्मक उदय की कहानी है—एक अभिनेता का मानसिक अंधकार से निकलकर आध्यात्मिक प्रकाश की ओर रुख, जो दिल को छू जाती है। जीवन में अचानक परिवर्तन, घबराहट का भय, और कैंसर का भ्रम उन्हें गिरा भी सकता था लेकिन प्रेमानंद महाराज की शिक्षाओं ने उन्हें फिर से संवारा।

आत्मविश्वास वापस आया, वृंदावन में घर खरीदा गया, और जीवन में नया उद्देश्य प्राप्त हुआ—यह केवल पारस का ही नहीं, कई लोगों का परिवर्तनशील सच भी है।

यह कहानी मनोरंजन से परे है—यह मानसिक स्वास्थ्य, आत्म-प्रकाश और आध्यात्मिक समर्थन पर केंद्रित है, जो आज के दौर में बेहद प्रासंगिक और प्रेरणादायक है।

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