होमBiharलालू को साढ़े तीन साल की कैद

लालू को साढ़े तीन साल की कैद

Published on

अब हाईकोर्ट से मिलेगा जमानत

रांची। चारा घोटाला के सीबीआई अदालत ने सरकारी खजाने से फर्जीवाड़ा कर पैसे निकालने के जुर्म में राजद नेता पूर्व सीएम लालू प्रसाद को आज साढ़े तीन साल की कैद और पांच लाख रूपये जुर्माने की सज़ा सुनाई है। विशेष जज शिवपाल सिंह ने आज रांची कोर्ट रूम में अपना यह फैसला सुनाया।
इसके साथ ही, अदालत ने बाकी दोषियों फूलचंद, महेश प्रसाद, बेक जूलियस, सुनील कुमार, सुधीर कुमार और राजा राम को भी साढ़े तीन साल की सज़ा और पांच लाख रूपये का जुर्माना लगाया गया।

https://youtu.be/14Irjby80Fs

कानून के जानकारों का कहना है कि लालू यादव को तीन साल से ज्यादा की सज़ा सुनाई गई है, इसलिए जमानत के लिए अब उन्हें ऊपरी अदालत का रूख करना होगा। उधर, फैसला आने के बाद लालू यादव के बेटे तेजस्वी ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में जाएंगे। तेजस्वी ने कहा कि न्यायपालिका ने अपना फैसला सुना दिया है। हम अब फैसले का अध्ययन करने के बाद बेल के लिए हाईकोर्ट जाएंगे।
कहतें हैं कि जिस वक्त सीबीआई की विशेष अदालत की तरफ से फैसला सुनाया जा रहा था वे रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में मौजूद थे और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लालू हाथ जो़डकर खड़े थे।

चारा घोटाला का ये है सच

लालू यादव को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत आपराधिक कृत के चलते ये सज़ा दी गई है। लालू और 10 अन्य को ये सज़ा 1990 से 1994 के दौरान देवघर कोषागार से फर्जी बिल के जरिए 89.21 लाख रूपये निकालने के लिए दी गई है। इससे पहले लालू यादव को साल 2013 में चाईबासा कोषागार से 33.61 करोड़ रूपये फर्जीवाड़े तरीके से निकालने का दोषी पाया गया था और अदालत ने उन्हें पांच साल कैद की सज़ा सुनाई थी।
उल्लेखनीय है कि चारा घोटाले का यह मामला देवघर कोषागार से 89 लाख रुपये से अधिक की अवैध निकासी का है। सीबीआई ने इस मामले में 15 मई 1996 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी तथा 28 मई 2004 को आरोप पत्र दायर किया था। इस मामले में 26 सितंबर 2005 को आरोप गठन किया गया था। इस मामले में पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने पशु चारा और दवा के नाम पर अवैध निकासी की थी। इसके लिए फर्जी आवंटन आदेश का इस्तेमाल किया था। जांच से बचने के लिए टुकड़ों-टुकड़ों में दस हजार रुपये से कम का बिल ट्रेजरी में पेश किया था।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

क्या बियाडा सार्वजनिक करेगा रोजगार और स्थानीय आय का हिसाब?

महवल लेदर पार्क पर जवाबदेही की परीक्षा महवल के लेदर पार्क की सफलता का सबसे...

महवल लेदर पार्क की फाइलों में क्या दर्ज है?

रोजगार का हिसाब अब भी अधूरा बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी बियाडा की वेबसाइट...

महवल लेदर पार्क में रोजगार का आधार क्या है?

कितनी फैक्ट्रियों में शुरू हुआ उत्पादन? मुजफ्फरपुर के महवल में लेदर पार्क का उद्घाटन हो...

भारत को कमजोर करने की विदेशी साजिश? हकीकत है या फसाना

क्या भारत को कमजोर करने के लिए विदेशी ताकतें देश की आंतरिक दरारों का...

More like this

क्या महवल से बदलेगी उत्तर बिहार की तस्वीर, 2,100 रोजगार का दावा कितना बड़ा?

मुजफ्फरपुर का लेदर पार्क 15 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड स्थित महवल में...

दुर्गा पूजा के मंत्रों का शरीर और मस्तिष्क पर क्या असर होता है?

कल्पना कीजिए—एक व्यक्ति आंखें बंद करके ‘ॐ’ का उच्चारण कर रहा है। उसके सामने...

दुर्गा पूजा के विधान में छिपा है विज्ञान: पौधों से मनोविज्ञान तक, क्या कहती है दुनिया की रिसर्च?

दुर्गा पूजा में नौ दिनों की साधना है, मंत्र हैं, पुष्प हैं, धूप-दीप हैं,...

दुर्गा पूजा के पांच अनसुने आध्यात्मिक रहस्य: नौ पौधों में देवी का स्वरूप, प्रकृति में शक्ति और मनुष्य के भीतर का महिषासुर

दुर्गा पूजा में हम देवी की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, पुष्प चढ़ाते...

मीनापुर 2030: अगले पांच साल में यह इलाका किस दिशा में जाएगा? बाढ़, सड़क, खेती, रोजगार और बदलते गांवों की पूरी दास्तान

मीनापुर का भविष्य किसी एक चुनाव या एक परियोजना से तय नहीं होगा मीनापुर के...

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...

मीनापुर के युवा बाहर क्यों जा रहे हैं? गांव से महानगर तक जानिए पलायन की पूरी दास्तान

सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं, घर छोड़ने की मजबूरी का है मीनापुर के किसी गांव...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...