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ऑपरेशन सिंदूर पर राहुल गांधी का बयान: “हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है” |

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KKN गुरुग्राम डेस्क | भारत द्वारा पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक — ऑपरेशन सिंदूर — के बाद देश भर में गर्व और एकजुटता का माहौल है। इस ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई के बाद विपक्ष के कई नेताओं ने भी भारतीय सेना की बहादुरी की खुले दिल से सराहना की है।

इनमें सबसे प्रमुख नाम है कांग्रेस नेता राहुल गांधी का, जिन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर भारतीय सेना की तारीफ की। राहुल गांधी का यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर विपक्ष और सरकार एकजुट नजर आए हैं।

राहुल गांधी का ट्वीट क्या था?

राहुल गांधी ने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा:

“हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है।”

यह एक छोटा लेकिन मजबूत संदेश था, जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि जब बात भारत की सुरक्षा की हो, तब पार्टी की सीमाएं मायने नहीं रखतीं। राहुल गांधी ने इस ट्वीट में न कोई राजनीतिक तंज कसा और न ही सरकार की आलोचना की—यह एक राष्ट्रीय एकता का उदाहरण है।

ऑपरेशन सिंदूर: जानिए भारत की सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी जानकारी

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने हमला कर 26 भारतीय नागरिकों की हत्या कर दी थी। इस हमले के ठीक 15 दिन बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 6-7 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया।

इस सैन्य ऑपरेशन में:

  • पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया

  • 100 से अधिक आतंकियों को मारा गया

  • मुख्य रूप से जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ट्रेनिंग कैंप को निशाना बनाया गया

  • यह पूरी कार्रवाई सर्जिकल और टारगेटेड स्ट्राइक के तहत हुई

राहुल गांधी का बयान क्यों है खास?

राहुल गांधी कई बार सरकार की सुरक्षा नीतियों पर सवाल उठा चुके हैं, खासकर जब भारत-पाकिस्तान संबंधों की बात हो। ऐसे में ऑपरेशन सिंदूर के बाद उनका सेना के समर्थन में बयान देना यह दिखाता है कि राष्ट्रहित में राजनीति पीछे रह जाती है

उनका यह बयान:

  • भारतीय सेना के मनोबल को बढ़ाता है

  • विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच एकता का प्रतीक बनता है

  • दुनिया को यह संदेश देता है कि भारत आतंकी हमलों पर एकजुट है

अन्य विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं

राहुल गांधी के अलावा अन्य प्रमुख नेताओं ने भी भारतीय सेना की कार्रवाई का समर्थन किया:

  • शरद पवार (NCP): “भारत को अब और सहन नहीं करना चाहिए। यह कार्रवाई जरूरी थी।”

  • ममता बनर्जी (TMC): “हमारे जवानों की बहादुरी को सलाम।”

  • अरविंद केजरीवाल (AAP): “सुरक्षा बलों की वीरता और कुशलता पर पूरा विश्वास है।”

बीजेपी की प्रतिक्रिया और प्रधानमंत्री की भूमिका

केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह ने विपक्षी नेताओं के समर्थन का स्वागत किया और कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा सबसे ऊपर है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे ऑपरेशन की रात भर निगरानी की और अंतिम निर्णय तक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और सेना प्रमुखों के संपर्क में रहे।

हालांकि मोदी ने राहुल गांधी के ट्वीट का जवाब नहीं दिया, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से सभी राजनीतिक दलों का आभार जताया गया।

सोशल मीडिया पर जनता की प्रतिक्रिया

राहुल गांधी का ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों ने इसे एक सकारात्मक और राष्ट्रवादी रुख बताया।
ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे थे:

  • #OperationSindoor

  • #ProudOfIndianArmy

  • #RahulGandhi

  • #IndianAirStrike2025

राहुल गांधी की छवि में बदलाव का संकेत?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान राहुल गांधी की राष्‍ट्रीय सुरक्षा पर परिपक्व सोच को दर्शाता है। जहां पहले उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर आलोचनात्मक नेता के रूप में देखा जाता था, अब उनकी यह प्रतिक्रिया उन्हें एक जिम्मेदार नेता की छवि में स्थापित करती है।

यह बदलाव:

  • कांग्रेस पार्टी की रणनीति का हिस्सा हो सकता है

  • आम जनता में भरोसा बढ़ाने का प्रयास हो सकता है

  • आगामी चुनावों में राष्ट्रीय एकता के मुद्दे पर कांग्रेस की नई पिच हो सकती है

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और भारत की बढ़ती साख

भारत की सर्जिकल स्ट्राइक पर अमेरिका, फ्रांस और इजराइल ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है। वहीं चीन और तुर्की ने संयम बरतने की अपील की, लेकिन किसी ने भी भारत की कार्रवाई की आलोचना नहीं की।

यह भारत की राजनयिक जीत मानी जा रही है और राहुल गांधी जैसे विपक्षी नेताओं का समर्थन इस वैश्विक छवि को और मजबूत करता है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद राहुल गांधी का सेना के समर्थन में आया बयान राजनीति से ऊपर उठकर देशभक्ति की मिसाल बन गया है। यह वह क्षण है जहां भारतीय राजनीति ने दिखाया कि देश की सुरक्षा सबसे ऊपर है।

इस कार्रवाई ने न केवल आतंकियों को कड़ा संदेश दिया है, बल्कि यह भी स्पष्ट किया है कि भारत अब जवाब देने के लिए तैयार है—एकजुट होकर।

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