होमNationalपीएम मोदी ने कांग्रेस के युवा नेताओं की तारीफ की, विपक्ष पर...

पीएम मोदी ने कांग्रेस के युवा नेताओं की तारीफ की, विपक्ष पर साधा निशाना

Published on

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए नेताओं के साथ हुई एक खास चाय मीटिंग में विपक्ष और खासकर कांग्रेस पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई युवा नेता बेहद टैलेंटेड हैं, लेकिन परिवार की असुरक्षा की वजह से उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाता। पीएम मोदी ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि ऐसे नेताओं की मौजूदगी राहुल गांधी को असुरक्षित और बेचैन महसूस कराती होगी।

विपक्ष की गैरमौजूदगी और एनडीए की बैठक

इस बैठक में विपक्ष का कोई सांसद शामिल नहीं हुआ। केवल एनडीए के सदस्य ही मौजूद थे। बैठक में पीएम मोदी ने अभी-अभी खत्म हुए संसद के मॉनसून सत्र को सफल बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरान कई अहम बिल पास किए गए हैं। खासतौर पर उन्होंने Online Gaming Bill का जिक्र किया और इसे दूरगामी असर वाला कानून बताया।

विपक्ष पर सीधा हमला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर गंभीर बहस से दूरी बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल व्यवधान पैदा करने में लगा रहा और जनता से जुड़े मुद्दों पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई। यह आरोप उस दौरान आया जब संसद में कई अहम विधेयक पास हुए, लेकिन विपक्ष लगातार हंगामा करता रहा।

ऑनलाइन गेमिंग बिल बना चर्चा का केंद्र

मॉनसून सत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि रही Promotion and Regulation of Online Gaming Bill 2025 का पास होना। इस बिल में ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियों और उनके प्रमोटर्स पर कड़े प्रावधान किए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस कानून से सीधे तौर पर जनता को फायदा होगा और आने वाले समय में यह डिजिटल दुनिया को सुरक्षित बनाएगा।

लोकसभा स्पीकर का बयान

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्र के कामकाज का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि इस बार 14 सरकारी विधेयक पेश हुए और कुल 12 पास किए गए। जुलाई में ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा हुई, वहीं अगस्त में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों पर भी बहस हुई।

हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लगातार व्यवधान के कारण सत्र की उत्पादकता प्रभावित हुई। तय 120 घंटे की बहस के बजाय केवल 37 घंटे का ही काम हो सका।

प्रश्नकाल और बाधाएं

स्पीकर ने बताया कि 419 प्रश्न सूचीबद्ध थे, लेकिन केवल 55 प्रश्नों के ही मौखिक उत्तर हो पाए। इसकी वजह विपक्ष का लगातार हंगामा रहा। बिरला ने कहा कि संसदीय समय को सार्थक तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए और व्यवधान से लोकतंत्र को नुकसान पहुंचता है।

पीएम मोदी का सकारात्मक रुख

प्रधानमंत्री ने हालांकि इस सत्र को समग्र रूप से अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की अनुपस्थिति के बावजूद सरकार ने कई महत्वपूर्ण काम पूरे किए। खासकर ऑनलाइन गेमिंग बिल, राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरिक्ष उपलब्धियों जैसे विषयों पर हुई बहसें अहम रही हैं।

कांग्रेस के युवा और राहुल गांधी पर निशाना

पीएम मोदी की कांग्रेस के युवा नेताओं की तारीफ को राजनीतिक संकेत भी माना जा रहा है। उन्होंने जहां युवाओं की क्षमता को स्वीकार किया, वहीं कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें आगे बढ़ने का मौका नहीं दिया जाता। उनका यह बयान राहुल गांधी की नेतृत्व शैली पर सीधा हमला माना जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पीएम मोदी के बयान का सीधा संबंध आगामी चुनावों से है। वह एनडीए को ऐसी गठबंधन ताकत के रूप में दिखाना चाहते हैं जो युवा नेतृत्व को महत्व देती है। वहीं, ऑनलाइन गेमिंग बिल को युवाओं से जुड़ा मुद्दा बताते हुए उन्होंने युवा वोटरों को साधने की कोशिश की है।

कुल मिलाकर, एनडीए की इस चाय मीटिंग में प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए, कांग्रेस पर निशाना साधा और एनडीए के एजेंडे को आगे बढ़ाया। जहां उन्होंने विपक्ष की कमियों को उजागर किया, वहीं एनडीए की उपलब्धियों को भी सामने रखा। अब देखना होगा कि उनके इन बयानों का राजनीतिक माहौल और आने वाले चुनावों पर कितना असर पड़ता है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

चुनाव आयोग पर क्यों मचा है हंगामा? 14 आपत्तियों से उठे सवाल, ज्ञानेश कुमार की भूमिका और सत्ता पक्ष की असहजता की पूरी पड़ताल

भारत में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। चुनाव वह बुनियादी व्यवस्था...

गुमनाम हकीकत: जब इतिहास के खामोश पन्ने अपनी कहानी कहने लगते हैं

पुस्तक समीक्षा इतिहास की सबसे बड़ी विडंबना शायद यह है कि जो दर्ज है,...

शिक्षक से बड़ा कौन? भारत की उस परंपरा की पड़ताल, जहाँ गुरु को देवता कहा गया

KKN पड़ताल। किसी बच्चे के हाथ में पहली बार कलम आती है, तो वह...

More like this

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

चुनाव आयोग पर क्यों मचा है हंगामा? 14 आपत्तियों से उठे सवाल, ज्ञानेश कुमार की भूमिका और सत्ता पक्ष की असहजता की पूरी पड़ताल

भारत में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। चुनाव वह बुनियादी व्यवस्था...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

मीनापुर में जदयू का ‘संवाद’ या संगठन के भीतर उठती बेचैनी?

मनीष वर्मा के सामने खुली कार्यकर्ताओं की परत-दर-परत पीड़ा KKN ब्यूरो। मीनापुर में रविवार का...

ट्रंप के दौर में क्या अमेरिका की वैश्विक साख घटी? आंकड़े क्या कहते हैं

KKN ब्यूरो। एक समय था जब दुनिया के किसी संकट पर एक सवाल लगभग...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

विश्वकर्मा पूजा: मशीन पर फूल चढ़ाने की परंपरा या इंसान के हुनर को सलाम?

ऋग्वेद के ‘विश्वकर्मन्’ से आधुनिक कारखाने तक पहुंची परंपरा में आखिर छिपा संदेश क्या...

हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, भारत की चलती-फिरती कहानी है

हिंदी दिवस पर विशेष: क्या आप जानते हैं कि हिंदी को ‘राष्ट्रभाषा’ नहीं, ‘राजभाषा’...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

एनर्जी ड्रिंक से पैकेटबंद खाने तक: सुविधा के नाम पर शरीर के साथ कितना बड़ा सौदा?

बाजार की चमकदार पैकेजिंग के भीतर छिपी चीनी, नमक, वसा और कैफीन शरीर को...

डायबिटीज लाइलाज है या इलाज का तरीका पुराना पड़ चुका है?

भारत में 101 मिलियन लोगों को डायबिटीज, 136 मिलियन प्री-डायबिटीज की जद में; दुनिया...