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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट, पुंछ और तंगधार में गोलाबारी से 15 नागरिकों की मौत

KKN गुरुग्राम डेस्क | जम्मू-कश्मीर के पुंछ और तंगधार सेक्टर में मंगलवार रात पाकिस्तान की ओर से हुई भीषण गोलाबारी में कम से कम 15 नागरिकों की मौत हो गई और 43 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब भारत ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया था।

रक्षा सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने जानबूझकर सीमा के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। गोलाबारी की वजह से कई घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और गांवों में भारी दहशत फैल गई है।

ऑपरेशन सिंदूर: भारत की सटीक और साहसी कार्रवाई

भारत ने यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में अंजाम दिया, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या कर दी गई थी। भारत की खुफिया एजेंसियों को यह इनपुट मिला था कि इस हमले की योजना पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों—विशेषकर लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद—ने बनाई थी।

ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने सिर्फ 25 मिनट में 24 सटीक मिसाइल हमले कर 9 बड़े आतंकी शिविरों को ध्वस्त किया। इसमें पीओके के साथ-साथ पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंक के नेटवर्क को भी निशाना बनाया गया।

गुरुद्वारे पर हमला, 3 सिख श्रद्धालुओं की मौत

पाकिस्तान की इस गोलाबारी का सबसे दर्दनाक पहलू यह था कि पुंछ स्थित श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा साहिब पर सीधा हमला किया गया, जिसमें तीन सिख श्रद्धालु—भाई अमरीक सिंह (रागी), भाई अमरजीत सिंह और भाई रणजीत सिंह की मौत हो गई।

शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने इस हमले को “मानवता के खिलाफ” बताया और केंद्र सरकार से पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की।

भारत का संयम और सटीकता से जवाब

जहां पाकिस्तान ने नागरिकों को निशाना बनाया, वहीं भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को इस तरह से अंजाम दिया कि केवल आतंकी ठिकानों को नुकसान पहुंचे, आम नागरिकों को नहीं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “भारतीय सेना ने साहस, सतर्कता और मानवता का परिचय दिया है। आतंक के खिलाफ यह निर्णायक कार्रवाई थी।”

राजनाथ सिंह ने BRO की 50 परियोजनाओं के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया और कहा कि सेना के मनोबल को बढ़ाने में सरकार की भूमिका सराहनीय रही है।

पहलगाम आतंकी हमला: आतंक की नींव को खत्म करने की जरूरत

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पहलगाम में हुए हमले में ज्यादातर लोगों को सिर में गोली मारकर हत्या की गई थी। उन्होंने कहा, “हमारे पास ठोस इंटेलिजेंस था कि आने वाले दिनों में और हमले हो सकते हैं। इसलिए हमें आतंक के आधारभूत ढांचे को खत्म करना जरूरी था।”

सीमा पर बढ़ता तनाव, जम्मू-कश्मीर सरकार की आपात बैठक

पुंछ और तंगधार में हुए नुकसान के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और मुआवजा प्रदान किया जाए।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं: संयम की अपील

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है। संयुक्त राष्ट्रअमेरिकाब्रिटेनचीन और रूस ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के रास्ते पर लौटने की अपील की है।

हालांकि, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सिर्फ अपने नागरिकों की रक्षा और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर‘ यह दर्शाता है कि भारत अब आतंक के खिलाफ सिर्फ बयानबाज़ी नहीं, सीधी कार्रवाई के मार्ग पर चल चुका है। पाकिस्तान की ओर से की गई नागरिकों को निशाना बनाने वाली गोलाबारी ने एक बार फिर यह साबित किया है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को कड़ा रुख अपनाना ही होगा।

जहां एक ओर भारत ने सैन्य संयम और सटीकता दिखाई, वहीं पाकिस्तान की बौखलाहट और बर्बरता ने उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में भारत की जवाबी रणनीति अब न केवल क्षेत्रीय, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।

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