होमSocietyपत्रकारो के सम्मान में समारोह आयोजित

पत्रकारो के सम्मान में समारोह आयोजित

Published on

संजय कुमार सिंह
मुजफ्फरपुर। विश्व पत्रकारिता दिवस के मौके पर शुक्रवार को कुढ़नी प्रखंड के केरमा स्थित राज कॉम्प्लेक्स के सभागार में सम्मान समारोह आयोजित की गई। जिसमें कुढ़नी के सभी पत्रकारों को सम्मानित किया गया। समारोह का आयोजक सह संचालन कर रहे राज मानव सेवा आश्रम के सचिव शंकर कुशवाहा ने सभी पत्रकारों को अंग वस्त्र डायरी पेन व मालाओं से सम्मानित किया।
शंकर कुशवाहा ने कहा हम वर्ष के तीन सौ चौंसठ दिन पत्रकार के लेखनी से सम्मानित होते हैं। जबकि, एक दिन पत्रकारिता दिवस के शुभ अवसर पर हमे उन्हें सम्मानित करने का मौका मिला है। सम्मानित होने वाले पत्रकारों में अरूण कुमार मिश्रा, गजाधर प्रसाद राणा, संजय कुमार सिंह, सुकदेव सहनी, जयप्रकाश सहनी, संजय कुमार, अजय कुमार, इफ्तेखार आलम, नवीन कुमार अंशु व रघुनाथ कुमार मौजूद शामिल थे।
मौके पर कुढ़नी प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि खुर्शीद आलम ने कहा कि प्रखंड परिसर में एक मीडिया सेंटर स्थापित की जाएगी। यह सुविधा होने से प्रखंड की जनता, जनप्रतिनिधि व अधिकारी अपनी बात पत्रकारों से रख सकेंगे। मौके पर गोरौल प्रखंड प्रमुख मुन्ना यादव, कुढ़नी थानाध्यक्ष लक्ष्मण राम, राजद प्रखंड अध्यक्ष सुधीर यादव, लोजपा प्रखंड अध्यक्ष सज्जन कुमार पासवान, हम के प्रदेश सचिव प्रमोद कुमार शर्मा, पूर्व मुखिया बैजू साह, पंसस बिस्वनाथ सिंह, मुखिया हरिनंदन कुमार पप्पू, मुखिया

प्रतिनिधि रहमते आलम रंगिले, अखिलेश तिवारी उर्फ छोटन, पंसस अजय कुमार, शाह आलम, विवेक कुमार, मुकेश सिंह, राजेश विनीत, पैक्स अध्यक्ष संजय कुमार, उदय कुमार, मनोज निषाद, प्रभात मालाकार, विजय राय, उमेश कुशवाहा, बैंक ऑफ इंडिया के अभय कुमार व प्रबंधक मौजूद थे। धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक जितेंद्र चौधरी ने किया।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मीनापुर 2030: अगले पांच साल में यह इलाका किस दिशा में जाएगा? बाढ़, सड़क, खेती, रोजगार और बदलते गांवों की पूरी दास्तान

मीनापुर का भविष्य किसी एक चुनाव या एक परियोजना से तय नहीं होगा मीनापुर के...

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

हिंद केसरी यादव: मीनापुर की राजनीति में वह नाम, जिसने आंदोलन को सड़क से सदन तक पहुंचाया

पांचवीं पुण्यतिथि पर दरहीपट्टी में श्रद्धांजलि सभा, वक्ताओं ने कहा—अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

More like this

मीनापुर 2030: अगले पांच साल में यह इलाका किस दिशा में जाएगा? बाढ़, सड़क, खेती, रोजगार और बदलते गांवों की पूरी दास्तान

मीनापुर का भविष्य किसी एक चुनाव या एक परियोजना से तय नहीं होगा मीनापुर के...

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...

मीनापुर के युवा बाहर क्यों जा रहे हैं? गांव से महानगर तक जानिए पलायन की पूरी दास्तान

सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं, घर छोड़ने की मजबूरी का है मीनापुर के किसी गांव...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...