आजकल लोग हेल्दी रहने के लिए महंगे detox drinks, supplements और superfoods की तलाश करते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट Deepashikha Jain का मानना है कि सेहत की शुरुआत सबसे सरल आदत से होती है। यह आदत है सही तरीके से पानी पीना। पानी शरीर की हर कोशिका, हर अंग और हर सिस्टम के लिए जरूरी है।
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अगर रोज पीने वाले पानी में कुछ साधारण किचन इंग्रीडिएंट्स मिला दिए जाएं, तो यह साधारण पानी एक healing drink बन सकता है। यह infused water शरीर को अंदर से मजबूत करने में मदद करता है। नियमित सेवन से metabolism बेहतर हो सकता है और शरीर को natural detox सपोर्ट मिलता है।
infused water क्यों माना जाता है फायदेमंद
infused water का मतलब है पानी में प्राकृतिक तत्वों का धीरे धीरे घुलना। इससे शरीर को पोषक तत्व आसानी से मिलते हैं। यह तरीका शरीर पर किसी तरह का दबाव नहीं डालता। artificial drinks की तुलना में यह हल्का और safe माना जाता है।
ये सभी इंग्रीडिएंट्स भारतीय रसोई में आसानी से मिल जाते हैं। इनका इस्तेमाल पीढ़ियों से घरेलू नुस्खों में होता रहा है। आज modern nutrition भी इनके फायदों को स्वीकार करता है। सबसे जरूरी बात है regular intake और patience।
कलौंजी के बीज से मिलेगी इम्युनिटी सपोर्ट
कलौंजी के बीज को ब्लैक सीड भी कहा जाता है। इनमें anti inflammatory गुण पाए जाते हैं। अगर शरीर में बार बार सूजन रहती है या जोड़ों में दर्द की शिकायत है, तो कलौंजी वाला पानी मददगार हो सकता है।
कलौंजी immune system को मजबूत करने में सहायक मानी जाती है। बदलते मौसम में इसका सेवन शरीर को संतुलन में रख सकता है। रात में थोड़ी सी कलौंजी पानी में भिगोकर सुबह उसका पानी पीना आम तरीका है।
यह पानी पेट पर भारी नहीं पड़ता। लंबे समय तक सेवन करने पर शरीर में अंदरूनी सूजन कम होने में मदद मिल सकती है।
मेथी के बीज और हार्मोन बैलेंस
मेथी के बीज भारतीय घरों में आम हैं। हार्मोन से जुड़ी समस्याओं में मेथी का पानी अक्सर सलाह दिया जाता है। खासकर PCOS से जूझ रही महिलाओं के लिए इसे natural tonic माना जाता है।
मेथी में मौजूद प्राकृतिक तत्व hormone balance को सपोर्ट करते हैं। इससे पीरियड्स से जुड़ी परेशानियों में भी राहत मिल सकती है। साथ ही यह digestion और metabolism को बेहतर करने में मदद करती है।
मेथी के बीज रात में पानी में भिगो दिए जाते हैं। सुबह खाली पेट उसका पानी पीना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। असर दिखने में समय लगता है, इसलिए consistency जरूरी है।
चिया सीड्स से गट हेल्थ और स्किन के लिए फायदा
चिया सीड्स पोषण से भरपूर माने जाते हैं। पानी में भिगोने पर ये फूलकर gel जैसी बनावट बना लेते हैं। यह गट हेल्थ को सुधारने में मदद करता है।
जिन लोगों को पेट से जुड़ी समस्याएं रहती हैं, उनके लिए चिया वाला पानी उपयोगी हो सकता है। यह शरीर को ठंडक देता है और सूजन कम करने में सहायक है। बेहतर गट हेल्थ का असर स्किन पर भी दिखाई दे सकता है।
बार बार होने वाले एक्ने की समस्या में भी चिया सीड्स सहायक माने जाते हैं। इन्हें अच्छे से भिगोकर पीना जरूरी होता है, ताकि पाचन आसान रहे।
दालचीनी का पानी और ब्लड शुगर कंट्रोल
दालचीनी को blood sugar management के लिए जाना जाता है। दालचीनी वाला पानी diabetes के मरीजों के लिए फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को insulin के प्रति ज्यादा sensitive बनाने में मदद करता है।
इससे अचानक होने वाले sugar spikes को कंट्रोल करने में सहायता मिल सकती है। दालचीनी का पानी सुबह खाली पेट पीना ज्यादा असरदार माना जाता है।
दालचीनी की मात्रा सीमित रखना जरूरी है। बहुत ज्यादा इस्तेमाल से शरीर पर उल्टा असर भी हो सकता है। संतुलन हमेशा जरूरी है।
कैसे करता है infused water शरीर को detox
infused water शरीर की natural detox प्रक्रिया को सपोर्ट करता है। यह toxins को धीरे धीरे बाहर निकालने में मदद करता है। यह तरीका extreme detox की तरह शरीर को shock नहीं देता।
नियमित hydration से किडनी और लिवर बेहतर तरीके से काम करते हैं। infused water इस प्रक्रिया को और मजबूत बनाता है। इससे शरीर हल्का महसूस कर सकता है।
लंबे समय तक सेवन से energy levels में सुधार देखा जा सकता है। digestion बेहतर होने से overall wellness में फायदा होता है।
कब और कैसे पिएं infused water
अधिकतर विशेषज्ञ सुबह खाली पेट infused water पीने की सलाह देते हैं। इससे पोषक तत्वों का absorption बेहतर होता है। कुछ लोग इसे दिन में तय समय पर भी लेते हैं।
infused water हमेशा fresh तैयार करना बेहतर होता है। रात भर भिगोया गया पानी आमतौर पर पर्याप्त माना जाता है। स्वाद बहुत तेज नहीं होना चाहिए।
हर व्यक्ति का शरीर अलग प्रतिक्रिया देता है। इसलिए समय और मात्रा अपने comfort के अनुसार तय करनी चाहिए।
आसान आदत, बड़ा असर
इन सभी इंग्रीडिएंट्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये affordable और आसानी से उपलब्ध हैं। इन्हें daily routine में शामिल करना मुश्किल नहीं है। side effects की संभावना भी कम रहती है।
न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन का कहना है कि सेहत के लिए simplicity सबसे जरूरी है। जटिल नियमों से ज्यादा छोटे और टिकाऊ बदलाव असर दिखाते हैं।
पानी को थोड़ा सा बेहतर बनाना एक छोटा कदम है। लेकिन यही कदम लंबे समय में बड़ी health improvement ला सकता है। consistency और धैर्य के साथ यह आदत सेहत का मजबूत आधार बन सकती है।
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