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चारा के चौथे मामले में लालू को सात साल की जेल

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रांची। बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले के चौथे मामले में राजद सुप्रीमो लाल प्रसाद यादव को अब तक की सबसे बड़ी सजा मिली है। दुमका कोषागार से जुड़े दो मामले में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को कोर्ट ने सात- सात साल जेल की सजा और 30- 30 लाख रुपये जुर्माना लगाया है।

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद सहित 19 दोषियों को शनिवार को सजा सुनाई गई। दोषियो में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के अतिरिक्त फूलचंद सिंह, तत्कालीन सचिव, नंद किशोर प्रसाद, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर, ओपी दिवाकर, तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशक, पंकज मोहन भुई, तत्कालीन एकाउंटेंट, पितांबर झा, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर, केके प्रसाद, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर, रघुनाथ प्रसाद, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर, राधा मोहन मंडल, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर, एसके दास, तत्कालीन असिस्टेंट, अरुण कुमार सिंह, पार्टनर विश्वकर्मा एजेंसी, अजित कुमार शर्मा, प्रोपराइटर लिटिल ओक, विमल कांत दास, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर, गोपी नाथ दास, प्रोपराइटर, राधा फार्मेसी, एमएस बेदी, प्रोपराइटर सेमेक्स क्रायोजेनिक्स, नरेश प्रसाद, प्रोपराइटर वायपर कुटीर, राजकुमार शर्मा, ट्रांसपोर्टर, आरके बगेरिया, ट्रांसपोर्टर, मनोजरंजन प्रसाद का नाम भी शामिल है।

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