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बिहार में भारी बारिश का कहर: पटना जलमग्न, पूरे राज्य में बाढ़ का खतरा मंडराया

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बिहार में मॉनसून अब अपना भयावह रूप दिखा रहा है। राजधानी पटना में सोमवार को हुई 106 मिमी बारिश ने शहर को पूरी तरह जलमग्न कर दिया। कई इलाकों में सड़कें नदी बन गईं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में पूरे राज्य में और भी अधिक heavy rainfall की आशंका जताई गई है।

लगातार जारी रहेगा बारिश का सिलसिला

पटना मौसम विभाग ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि राज्य के कई जिलों में आज भी heavy rain alert जारी रहेगा। गया, जमुई और अररिया जैसे जिलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इन जिलों में मूसलधार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

राज्य के कुल 38 जिलों में आज, यानी 29 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। अररिया, बांका और जमुई में अधिक बारिश दर्ज हो सकती है, जबकि मुंगेर, नवादा और गया में भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। बाकी जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है, जो पूरे दिन चलती रहेगी। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए पूर्वी बिहार के जिलों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।

पटना की स्थिति बनी विकराल

राजधानी पटना में मात्र 106 मिमी बारिश ने ऐसा प्रभाव डाला कि पूरा शहर जलमग्न हो गया। कई मोहल्लों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया। ट्रैफिक जाम, बिजली की कटौती और स्वास्थ्य समस्याएं आम हो गईं। सोमवार को पटना वासियों ने बारिश की विभीषिका का जो अनुभव किया, वह आने वाले दिनों की भयावह तस्वीर दिखा रहा है।

मौसम विभाग का कहना है कि मॉनसून की रफ्तार अभी थमने वाली नहीं है। अगले कुछ दिन और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, खासकर शहरी इलाकों के लिए, जहां water logging की समस्या लगातार बढ़ रही है।

बाढ़ का बढ़ता खतरा

पटना IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों तक बिहार के विभिन्न भागों में moderate to heavy rainfall की संभावना बनी हुई है। वायुमंडलीय स्थितियां अत्यधिक वर्षा के अनुकूल बनी हुई हैं, जिससे गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। उत्तर बिहार के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने की पूरी संभावना है।

दक्षिण बिहार में भी अच्छी वर्षा का पूर्वानुमान है। हालांकि, झारखंड के जिलों में वर्षा सामान्य रहने की संभावना जताई गई है। सोन और फल्गु नदियों का जलस्तर अभी सामान्य है, लेकिन इन नदियों के किनारे बसे निचले इलाकों में flood like situation बन सकती है। लगातार बारिश के कारण जलजमाव की समस्या विकराल रूप ले सकती है।

प्रमुख शहरों में तापमान और वायु गुणवत्ता

सोमवार को पटना का अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस रहा। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 54 दर्ज किया गया। मुजफ्फरपुर में अधिकतम तापमान 30.0 और न्यूनतम 28.1 डिग्री दर्ज हुआ, AQI रहा 42। गया में 29.4 और 25.6 डिग्री का तापमान रहा जबकि पूर्णिया में 33.0 और 26.7 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रहा और AQI 42 पर दर्ज किया गया।

प्रशासन सतर्क, राहत कार्य की तैयारी

भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन अलर्ट पर हैं। निचले इलाकों से पानी निकासी के लिए नगर निगम सक्रिय हो गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संवेदनशील जिलों में राहत और बचाव दल को अलर्ट मोड पर रखा है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की योजना तैयार की जा रही है।

राज्य सरकार ने सभी जिलों को बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में छुट्टियां घोषित की जा रही हैं और आवागमन सेवाओं की समीक्षा की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके।

किसानों की उम्मीदें और चिंता

जहां एक ओर किसान लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे, वहीं अचानक आई भारी बारिश ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हो सकता है और मिट्टी की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है।

अगर rainfall in Bihar इसी तरह जारी रही तो इस बार खरीफ की फसल प्रभावित हो सकती है। खासकर वे जिले जो धान की खेती पर निर्भर हैं, वहां ज्यादा नुकसान की संभावना है। कृषि विभाग ने किसानों से सतर्क रहने और मौसम की अद्यतन जानकारी लेने की अपील की है।

पूर्वी बिहार सबसे अधिक खतरे में

IMD की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी बिहार के जिलों में सबसे अधिक flood risk है। कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज और भागलपुर जैसे जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। ये इलाके नदियों के करीब स्थित हैं, जिससे यहां बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ गया है।

राज्य सरकार ने इन जिलों में विशेष निगरानी रखने और बाढ़ नियंत्रण संबंधित सभी संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। बांधों और जलनिकासी प्रणालियों की नियमित जांच की जा रही है। साथ ही नाव और राहत सामग्री की भी उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

लोगों से एहतियात बरतने की अपील

IMD और जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस weather alert in Bihar को गंभीरता से लें। नागरिकों को घर के भीतर रहने, जलजमाव वाले इलाकों से दूर रहने और बिजली उपकरणों को unplug करने की सलाह दी गई है।

शहरों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे flooded roads से बचें। नगर निगम को सड़कों की सफाई और जल निकासी की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

आने वाले दिन हो सकते हैं चुनौतीपूर्ण

मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले पांच दिन बिहार के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। राज्य के सभी 38 जिलों में continuous rain की संभावना है, जिससे कई स्थानों पर बाढ़ की स्थिति बन सकती है। प्रशासन सतर्क है और हर पल मौसम की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। अब देखना यह होगा कि बिहार इस प्राकृतिक चुनौती से कितनी मजबूती से निपट पाता है।

बिहार इस समय भीषण मॉनसून की चपेट में है। पटना में हुई 106 मिमी बारिश ने जो स्थिति पैदा की, वह राज्यभर में फैल सकती है। अगले कुछ दिन भारी वर्षा, जलजमाव और बाढ़ के खतरों से भरे हो सकते हैं। राज्य प्रशासन तैयारियों में जुटा है, लेकिन नागरिकों की सतर्कता और सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वे मौसम से जुड़ी हर जानकारी पर नजर रखें और किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहें।

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