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सोने की कीमत में गिरावट, चांदी ऑल टाइम हाई पर: जानिए 28 जुलाई 2025 के लेटेस्ट रेट

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सोना-चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव लगातार जारी है। 28 जुलाई 2025 को सर्राफा बाजार में एक ओर जहां सोने की कीमत में मामूली गिरावट दर्ज की गई, वहीं चांदी ने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया ऑल टाइम हाई छू लिया है। निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों के लिए यह संकेत है कि बाजार में चाल तेज बनी हुई है और आने वाले समय में रेट्स में और भी बदलाव संभव हैं।

आज 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,00,070 प्रति दस ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव ₹91,740 प्रति दस ग्राम दर्ज किया गया। वहीं दूसरी ओर, चांदी की कीमत ₹1,15,900 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है, जो अब तक की सबसे ऊंची कीमत मानी जा रही है। खास बात यह है कि हैदराबाद में चांदी की कीमत ₹1,25,100 प्रति किलोग्राम तक दर्ज की गई है, जो अन्य शहरों के मुकाबले काफी अधिक है।

बड़े शहरों में आज का सोने का रेट

दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,00,070 प्रति दस ग्राम और 22 कैरेट का भाव ₹91,740 प्रति दस ग्राम है।

अयोध्या में भी यही रेट्स लागू हैं। यहां सोना 24 कैरेट ₹1,00,070 और 22 कैरेट ₹91,740 प्रति दस ग्राम के स्तर पर है।

चंडीगढ़ के सर्राफा बाजार में भी यही मूल्य बनाए हुए हैं। इस शहर में भी 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने का भाव क्रमशः ₹1,00,070 और ₹91,740 है।

हैदराबाद में कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला है। यहां 24 कैरेट सोना ₹99,920 और 22 कैरेट सोना ₹93,960 प्रति दस ग्राम दर्ज किया गया है। यह अंतर स्थानीय टैक्स और डिमांड- सप्लाई के प्रभाव के कारण हो सकता है।

जयपुर और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में सोने की कीमत दिल्ली के समान बनी हुई है। दोनों शहरों में आज 24 कैरेट सोना ₹1,00,070 और 22 कैरेट ₹91,740 प्रति दस ग्राम है।

चांदी की कीमत में जबरदस्त उछाल

सोने के मुकाबले आज चांदी ने बाजार में सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। देश के कई हिस्सों में चांदी की कीमतें 1.15 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई हैं।

दिल्ली, अयोध्या, चंडीगढ़ और जयपुर जैसे शहरों में चांदी ₹1,15,900 प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रही है।

हैदराबाद में चांदी की कीमत सबसे अधिक ₹1,25,100 प्रति किलोग्राम रही, जिससे यह बाजार का सबसे महंगा शहर बन गया है।

निवेशकों के लिए संकेत

चांदी की कीमतों में यह उछाल मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी, औद्योगिक मांग और सीमित भंडार की वजह से देखा जा रहा है। कई निवेशक जो पहले केवल सोने में रुचि रखते थे, अब चांदी को भी पोर्टफोलियो में शामिल कर रहे हैं।

सोने की कीमतों में गिरावट उन ग्राहकों के लिए एक अवसर हो सकता है, जो लंबे समय से ज्वेलरी या डिजिटल गोल्ड में निवेश का मन बना रहे थे। आने वाले महीनों में त्योहार और शादियों का मौसम शुरू हो जाएगा, जिससे मांग फिर से बढ़ने की संभावना है।

बाजार में बदलाव के कारण

भारत में सोने-चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर-रुपया विनिमय दर, आयात शुल्क, स्थानीय टैक्स और मांग-आपूर्ति जैसे कई कारकों पर निर्भर करती हैं।

उत्तर भारत के शहरों में जहां कीमतें स्थिर हैं, वहीं दक्षिण भारत खासकर हैदराबाद जैसे शहरों में रेट्स में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।

आगामी अनुमान

विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी समय में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। खासकर वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में बदलाव, महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति इन कीमतों को प्रभावित कर सकती है।

लिहाजा, जिन लोगों का इरादा निवेश का है, उन्हें बाजार पर पैनी नजर रखने की सलाह दी जा रही है। सोना अब भी एक सुरक्षित दीर्घकालिक निवेश माना जाता है, जबकि चांदी तेजी से मुनाफा कमाने का विकल्प बन रही है।

आज 28 जुलाई 2025 को जहां सोने की कीमत में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं चांदी की कीमतें नए उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। यह स्थिति निवेशकों को दो विकल्प देती है—या तो वे सोने की गिरती कीमत का लाभ उठाएं या चांदी की तेजी का हिस्सा बनें।

हालांकि बाजार में बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए समझदारी से निर्णय लेना जरूरी है। अगर आप सोना-चांदी में निवेश करना चाहते हैं, तो नियमित अपडेट लेते रहें और बाजार के जानकारों की सलाह से ही आगे बढ़ें।

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