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गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में गिरावट 17 मार्च 2025: कमजोर डिमांड और ग्लोबल मार्केट के प्रभाव

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KKN गुरुग्राम डेस्क | 17 मार्च 2025 को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई, जो मुख्य रूप से रिटेलर्स और ज्वैलर्स से कमजोर डिमांड के कारण हुआ। सोमवार के शुरुआती व्यापार में, 24K सोने की कीमत ₹89,660 प्रति 10 ग्राम और 22K सोने की कीमत ₹82,190 प्रति 10 ग्राम तक गिर गई। इसके बावजूद, ग्लोबल मार्केट में ट्रेड वॉर की चिंताओं के कारण सोने की कीमतों में गिरावट पर कुछ अंकुश लगा। आइए, हम सोने और चांदी की वर्तमान कीमतों पर विस्तार से चर्चा करें।

गोल्ड की कीमतों में गिरावट 17 मार्च 2025 को

सोना एक सुरक्षित निवेश के रूप में हमेशा माना जाता है, और 17 मार्च 2025 को भी सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली। 24K सोने की कीमत ₹10 घटकर ₹89,660 प्रति 10 ग्राम हो गई, जबकि 22K सोने की कीमत ₹82,190 प्रति 10 ग्राम तक गिर गई। यह गिरावट 15 मार्च 2025 को ₹110 प्रति 10 ग्राम की गिरावट के बाद आई।

हालांकि, वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जो $3000 प्रति औंस तक पहुँच गईं। यह वृद्धि मुख्य रूप से अमेरिकी मंदी की आशंका, चीनी केंद्रीय बैंक द्वारा बुलियन की खरीद और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के कारण हुई। इसके बावजूद, भारत में कमजोर घरेलू डिमांड के कारण सोने की कीमतों में उतनी बड़ी गिरावट नहीं आई है।

भारत के प्रमुख शहरों में गोल्ड की कीमतों का टूटना

17 मार्च को, भारत के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में मामूली गिरावट आई। चलिए, हम भारतीय बाजारों में सोने की कीमतों पर एक नज़र डालते हैं:

  • दिल्ली: 24K सोना ₹89,810 प्रति 10 ग्राम और 22K सोना ₹82,340 प्रति 10 ग्राम था, जो पिछले क्लोज़ से ₹10 कम था।

  • मुंबई: 24K सोना ₹89,660 प्रति 10 ग्राम और 22K सोना ₹82,190 प्रति 10 ग्राम था।

  • चेन्नई: 24K सोना ₹89,660 प्रति 10 ग्राम और 22K सोना ₹82,190 प्रति 10 ग्राम था।

  • कोलकाता: यहाँ भी सोने की कीमतें मुंबई और चेन्नई के समान थीं, 24K सोना ₹89,660 प्रति 10 ग्राम और 22K सोना ₹82,190 प्रति 10 ग्राम था।

हालांकि, कीमतों में थोड़ा बदलाव देखा जा सकता है, लेकिन भारतीय शहरों में सोने की कीमतों में 17 मार्च को मामूली गिरावट आई।

चांदी की कीमतों में गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी 17 मार्च 2025 को गिरावट आई। चांदी की कीमत ₹100 तक कम हो गई, जो मुख्य रूप से औद्योगिक उपयोगकर्ताओं और सिक्का निर्माताओं द्वारा कम मांग के कारण हुआ। शुरुआती व्यापार में चांदी ₹1,02,900 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।

इसके पहले, 15 मार्च 2025 को चांदी ने ₹1,03,000 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर को छुआ था, जो मुख्य रूप से मजबूत वैश्विक ट्रेंड और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के कारण हुआ था। हालांकि, 17 मार्च 2025 को चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट आई है, क्योंकि भारत में औद्योगिक उपयोग और सिक्का निर्माताओं से कम डिमांड है।

ग्लोबल बाजार में, स्पॉट चांदी एशियाई व्यापार में 0.05% बढ़कर $33.79 प्रति औंस तक पहुँच गई, जो यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की मामूली बढ़त जारी है।

भारत के प्रमुख शहरों में सिल्वर की कीमतों का टूटना

चांदी की कीमतों में गिरावट भारत के विभिन्न शहरों में भी देखी गई। 17 मार्च 2025 को चांदी की कीमतें इस प्रकार थीं:

  • दिल्ली: ₹1,02,900 प्रति किलोग्राम।

  • मुंबई: ₹1,02,900 प्रति किलोग्राम।

  • चेन्नई: ₹1,11,900 प्रति किलोग्राम।

  • कोलकाता: ₹1,02,900 प्रति किलोग्राम।

हालांकि अधिकांश प्रमुख शहरों में चांदी की कीमतों में कोई विशेष अंतर नहीं था, चेन्नई में चांदी की कीमत अधिक थी, जो क्षेत्रीय मांग और स्थानीय बाजार स्थितियों के कारण हो सकता है।

गोल्ड और सिल्वर की कीमतों की तुलना इस सप्ताह

पिछले सप्ताह की तुलना में, सोने और चांदी की कीमतों में महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सोने की कीमतें वैश्विक ट्रेंड्स के अनुरूप बढ़ी थीं, लेकिन 17 मार्च को घरेलू डिमांड के कारण इसमें गिरावट आई। दूसरी ओर, चांदी की कीमतें शनिवार को ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोमवार को थोड़ी गिरावट आईं।

यहां पर इस सप्ताह की गोल्ड और सिल्वर कीमतों की तुलना की जा रही है:

तारीख 22K गोल्ड (प्रति 10 ग्राम) 24K गोल्ड (प्रति 10 ग्राम) सिल्वर (प्रति किलोग्राम)
17 मार्च 2025 ₹82,190 ₹89,660 ₹1,02,900
15 मार्च 2025 ₹82,200 ₹89,670 ₹1,03,000
13 मार्च 2025 ₹81,200 ₹88,580 ₹1,01,000
12 मार्च 2025 ₹80,650 ₹87,980 ₹1,00,000
11 मार्च 2025 ₹80,200 ₹87,490 ₹98,000
10 मार्च 2025 ₹80,500 ₹87,820 ₹99,000

इस तालिका से स्पष्ट है कि सोने और चांदी की कीमतों में सप्ताह के दौरान कई उतार-चढ़ाव आए हैं। जबकि सोने की कीमतों में 17 मार्च को मामूली गिरावट आई, चांदी की कीमतों में पहले सप्ताह में ऐतिहासिक वृद्धि देखी गई, लेकिन फिर गिरावट आई।

गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण

सोने और चांदी की कीमतें विभिन्न कारणों से प्रभावित होती हैं, जो घरेलू और वैश्विक दोनों परिस्थितियों पर निर्भर करती हैं। नीचे कुछ मुख्य कारण दिए गए हैं:

  1. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता: भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी मंदी की आशंका और व्यापार युद्ध की चिंताओं ने सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित किया है। इन धातुओं को अस्थिरता के समय में सुरक्षित निवेश माना जाता है, जिससे उनकी कीमतें बढ़ती हैं।

  2. कमजोर घरेलू डिमांड: वैश्विक ट्रेंड्स के बावजूद, भारत में सोने और चांदी की घरेलू मांग कमजोर रही है। ज्वैलर्स और रिटेलर्स की कम खरीदारी के कारण कीमतें गिर गईं।

  3. मुद्रा का उतार-चढ़ाव: अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित किया है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो इन धातुओं को निवेशकों के लिए आकर्षक बना दिया जाता है, जिससे उनकी कीमतें बढ़ जाती हैं।

  4. बाजार की भावना: चांदी के मामले में, औद्योगिक डिमांड महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब सिक्का निर्माताओं और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं से डिमांड कम होती है, तो कीमतें गिर जाती हैं। हालांकि, जब डिमांड बढ़ती है, तो चांदी की कीमतों में वृद्धि होती है।

आने वाले हफ्तों में, सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव की संभावना है। अगर वैश्विक मंदी की आशंका और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ते हैं, तो सोने की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। चांदी में भी अधिक उतार-चढ़ाव की संभावना है, क्योंकि इसकी कीमत औद्योगिक डिमांड पर निर्भर करती है।

स्ट्रॉंग वैश्विक ट्रेंड्स और घरेलू मांग की स्थिति के आधार पर, भारत में इन धातुओं की कीमतें अगले कुछ हफ्तों में स्थिर रह सकती हैं। निवेशकों और उपभोक्ताओं के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि वे सोने और चांदी की कीमतों में किसी भी महत्वपूर्ण बदलाव को ट्रैक करें और अपने निवेश निर्णयों को इसके आधार पर लें।

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