KKN गुरुग्राम डेस्क | 7 फरवरी 2025 को सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। जहां सोने की कीमतों में मामूली वृद्धि हुई, वहीं चांदी की दरों में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
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दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹86,693 प्रति 10 ग्राम रही, जबकि 1 किलो चांदी की दर ₹1,02,500 रही।
आज के सोने और चांदी के दाम
- 24 कैरेट सोने की कीमत ₹8,669.3 प्रति ग्राम, जिसमें ₹270 की बढ़ोतरी हुई।
- 22 कैरेट सोने की कीमत ₹7,948.3 प्रति ग्राम, जिसमें ₹250 की वृद्धि हुई।
- चांदी की कीमत ₹1,02,500 प्रति किलोग्राम, जिसमें ₹200 की गिरावट देखी गई।
पिछले एक महीने में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- पिछले एक हफ्ते में 24 कैरेट सोने की कीमत में -1.02% की गिरावट आई।
- पिछले एक महीने में सोने की कीमत -7.47% घटी है।
दक्षिण भारत में सोने और चांदी के दाम
प्रमुख दक्षिण भारतीय शहरों में सोने के दाम
भारत के दक्षिणी शहरों में सोने की कीमतें स्थानीय मांग और आपूर्ति के अनुसार अलग-अलग होती हैं। आज के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें इस प्रकार हैं:
- चेन्नई: ₹86,541 प्रति 10 ग्राम
- बेंगलुरु: ₹86,535 प्रति 10 ग्राम
- हैदराबाद: ₹86,549 प्रति 10 ग्राम
- विशाखापट्टनम: ₹86,557 प्रति 10 ग्राम
- विजयवाड़ा: ₹86,555 प्रति 10 ग्राम
दक्षिण भारतीय शहरों में चांदी की कीमतें
दक्षिण भारत में चांदी की कीमतों में कुछ शहरों में वृद्धि तो कुछ में गिरावट देखी गई। प्रमुख शहरों में आज की चांदी की कीमतें निम्नलिखित हैं:
- चेन्नई: ₹1,09,600 प्रति किलोग्राम
- बेंगलुरु: ₹1,01,500 प्रति किलोग्राम
- हैदराबाद: ₹1,10,200 प्रति किलोग्राम
- विशाखापट्टनम: ₹1,08,800 प्रति किलोग्राम
- विजयवाड़ा: ₹1,11,200 प्रति किलोग्राम
सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण
1. वैश्विक मांग और आपूर्ति
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की मांग सीधे उनकी कीमतों को प्रभावित करती है। भारत, अमेरिका और चीन जैसे देशों में बढ़ती या घटती मांग कीमतों में बदलाव का मुख्य कारण होती है।
2. मुद्रा विनिमय दरों का प्रभाव
सोने और चांदी की कीमतें अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी पर निर्भर करती हैं। यदि डॉलर मजबूत होता है, तो सोने और चांदी की कीमतें गिर सकती हैं, जबकि डॉलर कमजोर होने पर उनकी कीमतें बढ़ सकती हैं।
3. ब्याज दरें और मुद्रास्फीति (Inflation)
यदि ब्याज दरें अधिक होती हैं, तो लोग सोने और चांदी में निवेश करने से बचते हैं, जिससे उनकी कीमतें गिरती हैं। हालांकि, मुद्रास्फीति बढ़ने पर निवेशक सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश मानते हैं, जिससे कीमतों में वृद्धि होती है।
4. सरकारी नीतियां और आयात शुल्क
भारत सरकार द्वारा लगाए गए आयात शुल्क और व्यापार नीतियां सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) और अन्य केंद्रीय बैंकों द्वारा जारी नीतियां भी इनकी कीमतों पर असर डालती हैं।
5. भू-राजनीतिक और आर्थिक घटनाएं
युद्ध, वैश्विक मंदी, स्टॉक मार्केट में गिरावट जैसे बड़े घटनाक्रमों से सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी जाती है, क्योंकि निवेशक उन्हें सुरक्षित निवेश मानते हैं।
6. भारत में त्योहारों और शादियों की मांग
दिवाली, अक्षय तृतीया, धनतेरस और शादी के सीजन में भारत में सोने की मांग बढ़ जाती है, जिससे अस्थायी रूप से कीमतों में उछाल आता है।
क्या सोने या चांदी में निवेश करना चाहिए?
1. सोना – सुरक्षित निवेश विकल्प
सोना दीर्घकालिक निवेश के लिए सबसे सुरक्षित संपत्ति मानी जाती है। निवेशक सोने के सिक्के, बार और डिजिटल गोल्ड खरीदकर अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखते हैं।
2. चांदी – औद्योगिक और निवेश उद्देश्य
चांदी की मांग न केवल निवेश के लिए, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर पैनल और चिकित्सा उपकरणों में भी होती है। चांदी में निवेश अल्पकालिक लाभ के लिए फायदेमंद हो सकता है।
क्या सोने और चांदी खरीदने का सही समय है?
मौजूदा बाजार स्थितियों को देखते हुए, विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को वैश्विक आर्थिक संकेतकों का आकलन करने के बाद निर्णय लेना चाहिए।
- यदि मुद्रास्फीति बढ़ती है, तो सोने की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है।
- यदि स्टॉक मार्केट स्थिर रहता है, तो चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट आ सकती है।
सोने और चांदी की ताजा कीमतें कहां देखें?
यदि आप रियल-टाइम में सोने और चांदी की दरें जानना चाहते हैं, तो इसके लिए:
- स्थानीय आभूषण विक्रेताओं से कीमतों की जानकारी लें।
- MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया) पर लाइव रेट्स चेक करें।
- वित्तीय समाचार वेबसाइटों पर नवीनतम अपडेट देखें।
भारत में सोने की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि चांदी की कीमतों में गिरावट आई।
मुद्रास्फीति, डॉलर की मजबूती, सरकारी नीतियां और वैश्विक बाजार इनकी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को बाजार पर पैनी नजर रखनी चाहिए और निवेश से पहले सही रणनीति बनानी चाहिए।
आने वाले महीनों में त्योहारी सीजन और आर्थिक अस्थिरता के कारण सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
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