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कुढ़नी के दर्जनो गांवों को आज भी है रौशनी का इंतजार

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आजादी तो मिली पर बिजली नही मिला
कोरे आश्वासनो पर टीकी है इनकी उम्मीदें

संजय कुमार सिंह
मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर जिला के कुढ़नी विधान सभा क्षेत्र बिहार का सबसे बड़ा प्रखण्ड है। आजादी के कई दसक बीत गये। किन्तु,  इस क्षेत्र में आज भी दर्जनो वैसे गांव है, जहां के वस्तीयों में बिजली नही पहुंचीं। यहां की जनता बिजली की उम्मीद लिए कई विधायक कई मुखिया व जिप सदस्यों को चुना। पर, उनके द्वारा आश्वासन के सिवा, कुछ भी नही मिला।
आलम यह है कि आज भी उन्हें बिजली नही मिली। थक हार कर डिजिटल युग में भी लालटेन के सहारे जी रहे  यहां के लोग । कुढ़नी विधायक केदार प्रसाद गुप्ता ने बिहार विधुत  बोर्ड पटना के प्रबंधक निदेशक व  बिहार सरकार के विधुत  विभाग  के प्रधान सचिव से स्वयं मिलकर लिखित रूप से कुढ़नी विधान सभा क्षेत्र के बिजली से वंचित गांवो की सूची देते हुए उन्हें ध्यान आकृष्ट कराया है तथा अविलंब सर्वे करा कर विधुत सुविधा बहाल कराने की मांग की है। विधायक श्री गुप्ता ने कहा की विधान सभा क्षेत्र के सकरी सरैयां के बलुआ,  बसौली पंचायत के मोलनामा,  कुढ़नी के टरिया, अमरख पंचायत के बलहीयां व मधौल नया टोला, छाजन पश्चिमी के मुस्लिम टोला, चकिया पंचायत के दास टोला,  महंथ मनियारी पंचायत के मनियारी पुर्वी सहनी टोला, सहीत दर्जनों वैसे गांव है, जहां के बस्तीयों में अंधेरा कायम है।  हालांकि, वैसे सभी चिन्हित गांवो में आज बिजली तो पहुंचीं है पर वैसे लोगो के घर में, जो ऊंची रसुख रखते है। जबकि, वर्वतमान में बिहार व केन्द्र सरकार अपनी चुनावी एजेन्डा में बिजली को ही मुख्य मुद्दा बना कर चुनावे लड़ती व जितती आई है। आज वर्तमान समय में बिजली हर परिवार व लोगों के लिए आवश्यक जरूरतों में शामिल है। इसे गम्भीरता से लेने की जरूरत है।

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