होमBiharहुनरमंद फनकारो से भरा है बिहार का एक जेल

हुनरमंद फनकारो से भरा है बिहार का एक जेल

Published on

पटना। बिहार का ऐसा जेल, जिसमें अपने संगीन गुनाहों की सजा काट रहे कुछ कैदी ऐसे भी हैं जिनकी प्रतिभा का हर कोई कायल है। इनमें कोई गीतकार है, तो कोई संगीतकार। हालांकि, इनकी इस छुपी हुई प्रतिभा के बारे में ज्यादा लोगों को पता नहीं है इसलिए अब तक इन्हें पहचान नहीं मिली है।

कहतें हैं कि पटना के आदर्श केंद्रीय कारागार बेऊर जेल में गंभीर अपराधों के लिए सजा काट रहे कुछ कैदी ऐसे भी है, जिनके बारे में पता चलने पर जेल प्रशासन भी हैरान है। जानकारी के मुताबिक जेल के संगीत विद्यालय में एक से बढ़ कर एक सिंगर और म्यूजिशियन्स हैं। अपनी मधुर आवाज और गानों से किसी का भी मन मोह लेने की महारत रखने वाले ये कैदी बेहद ही खुंखार अपराधी भी है। गीत-संगीत के अपने हुनर को तराशने के लिए ये कैदी रोजाना समय-समय पर रियाज भी करते हैं। इनमें कई कैदी ऐसे भी हैं, जिनमें से कोई जगजीत सिंह, पंकज उदास और गुलाम अली की गजलों से जेल में समां बांध देते हैं।
इन्हीं कैदियों में से एक हैं पटना के रहने वाले पंकज। हत्या के मामले में जेल में बंद पंकज के डर से कभी लोग घर से निकलने से भी डरते थे। लेकिन अब वह मोहम्मद रफी की तरह अपनी सुरीली आवाज में गाना गाते हैं तो जेल के तमाम कैदी टकटकी लगाए उन्हें देखते रह जाते हैं। वहीं, अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में बंद एक कैदी मुकेश कुमार जब भोजपुरी में गाना गाता है तो हर कोई देखता रह जाता है। खाली वक्त में वो बांसुरी भी बजाता है।
इसी तरह नेपाल में रेडियो जॉकी रहे गजेंद्र शर्मा भोजपुरी के अच्छे गायक हैं। गजेंद्र के गानों की सीडी और कैसेट्स भी आपको आसानी से मिल जाएंगी। लेकिन, फिलहाल वह भी बेऊर जेल में अपने गुनाह की सजा काट रहा है। यही नहीं, मुकेश कुमार को पसंद करने वाले कैदी सुधीर जब उन्हीं की आवाज में गाने लगते हैं तो जेल का वातावरण संगीतमय हो जाता है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मीठा बोलना कमजोरी नहीं, इंसानियत की ताकत है

कठोरता को अच्छाई बताने वालों को विज्ञान का जवाब एक बच्चा अपने घर में बड़ों...

दूसरों की कमियां खोजते-खोजते खुद क्यों खो जाता है इंसान?

विज्ञान ने खोली नकारात्मक सोच की परतें कभी-कभी एक इंसान सुबह उठता है और उसकी...

क्या शिक्षित समाज लोकतांत्रिक भागीदारी से दूर हो रहा है?

बिहार एमएलसी चुनाव: आंकड़ों ने खड़े किए गंभीर सवाल लेखक: मितेश झा जब समाज का शिक्षित...

क्या बियाडा सार्वजनिक करेगा रोजगार और स्थानीय आय का हिसाब?

महवल लेदर पार्क पर जवाबदेही की परीक्षा महवल के लेदर पार्क की सफलता का सबसे...

More like this

दूसरों की कमियां खोजते-खोजते खुद क्यों खो जाता है इंसान?

विज्ञान ने खोली नकारात्मक सोच की परतें कभी-कभी एक इंसान सुबह उठता है और उसकी...

क्या शिक्षित समाज लोकतांत्रिक भागीदारी से दूर हो रहा है?

बिहार एमएलसी चुनाव: आंकड़ों ने खड़े किए गंभीर सवाल लेखक: मितेश झा जब समाज का शिक्षित...

क्या महवल से बदलेगी उत्तर बिहार की तस्वीर, 2,100 रोजगार का दावा कितना बड़ा?

मुजफ्फरपुर का लेदर पार्क 15 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड स्थित महवल में...

दुर्गा पूजा के मंत्रों का शरीर और मस्तिष्क पर क्या असर होता है?

कल्पना कीजिए—एक व्यक्ति आंखें बंद करके ‘ॐ’ का उच्चारण कर रहा है। उसके सामने...

दुर्गा पूजा के विधान में छिपा है विज्ञान: पौधों से मनोविज्ञान तक, क्या कहती है दुनिया की रिसर्च?

दुर्गा पूजा में नौ दिनों की साधना है, मंत्र हैं, पुष्प हैं, धूप-दीप हैं,...

दुर्गा पूजा के पांच अनसुने आध्यात्मिक रहस्य: नौ पौधों में देवी का स्वरूप, प्रकृति में शक्ति और मनुष्य के भीतर का महिषासुर

दुर्गा पूजा में हम देवी की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, पुष्प चढ़ाते...

मीनापुर 2030: अगले पांच साल में यह इलाका किस दिशा में जाएगा? बाढ़, सड़क, खेती, रोजगार और बदलते गांवों की पूरी दास्तान

मीनापुर का भविष्य किसी एक चुनाव या एक परियोजना से तय नहीं होगा मीनापुर के...

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...

मीनापुर के युवा बाहर क्यों जा रहे हैं? गांव से महानगर तक जानिए पलायन की पूरी दास्तान

सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं, घर छोड़ने की मजबूरी का है मीनापुर के किसी गांव...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...