होमSocietyएक पाकिस्तानी की गुहार, हुजूर अपना लो मुझे

एक पाकिस्तानी की गुहार, हुजूर अपना लो मुझे

Published on

जेल से रिहा होते ही इदरीश का छलका दर्द

उत्तर प्रदेश। पाक नागरिक इदरीश जैसे ही कानपुर जेल से रिहा हुआ उसका दर्द छलक गया। रिहाई के बाद उसने पाकिस्तान सरकरा से अपील की कि हुजूर मुझे अपना लीजिए। प्रशासन और पुलिस के लिए मुसीबत बने इदरीश को दिल्ली डिटेनशन सेल ले जाया गया है। पुलिस और एलआईयू की टीम उसे दिल्ली छोड़ने गई हैं। भारत का गृहमंत्रालय पाक दूतावास के संपर्क में है। हालांकि पाकिस्तान उसे अपना नागरिक मानने से इनकार करते हुए लेने से मना करता रहा है। बतातें चलें कि इदरीश को भारत में जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
इच्छा मृत्यु दे दी जाए
बहरहाल 1999 से पाकिस्तान जाने की मंशा जता रहा इदरीश अब पूरी तरह से टूट चुका है। वह छूटने के बाद बार-बार कहता रहा कि इस फजीहत से अच्छा है कि उसे इच्छा मृत्यु दे दी जाए। पुलिस अधिकारी उसे शांत कराते रहे। उसने कहा कि अब तो वह असहाय है। पुलिस जहां ले जाएगी वहां जाएगा।
पाकिस्तान के सोशल वर्कर का प्रयास
बताते चलें कि इससे पहले पाकिस्तान के सोशल वर्कर अंसार बर्नी ने भी ट्वीट कर भारत में पाक नागरिक के बंद होने का मुद्दा उठाया था। पाक के अफसरों ने उसके तार भारत से जुड़े होने की सफाई देकर मुद्दा दबा दिया था। एक बार फिर अंसार बर्नी ने मदद करने की कवायद शुरू की है। बर्नी ने यहां के प्रशानिक अफसरों को यह भी बताया है कि उसे इदरीश के परिवार का पता चला है। वह प्रयास कर रहे है कि पाक नागरिक साबित कर इदरीश को उसके परिवार से मिला दे।
जेल से छूटा, गिरफ्तार हो गया था
इदरीश इससे पूर्व मार्च 2013 में बिना वीजा यहां रहने, फर्जी नाम व पते से लिए गए सिम कार्ड का प्रयोग कर पाकिस्तान बात करने के आरोप में जेल में बंद था। उसे चार साल की सजा हुई थी। सजा पूरी होने पर उसे 21 सितंबर को रिहा कर दिया गया था। कोतवाली पुलिस ने उसे फिर से गिरफ्तार कर शांति भंग के अंदेशे में जेल भेज दिया था। उस पर एक व्यक्ति से झगड़े का आरोप लगाया गया। इस मामले में प्रशासन उसे 14 दिन से ज्यादा जेल में नहीं रोक सकता था। इस दौरान ही स्थानीय प्रशासन ने दिल्ली के अफसरों से बात कर उसे डिटेंशन सेल में रखने को राजी किया है।
1999 से कानपुर जेल में है
इदरीश 1999 से कानपुर जेल में है। कराची के एमसी 480 ग्रीन टाउन निवासी इदरीस आलम मिश्री बाजार मूलगंज निवासी अपने परिवार से मिलने पाकिस्तान से आया था। उसके पास 15 दिन का वीजा था। पिता अहमद की तबियत बिगड़ने से मौत हो गई तो वह रुक गया। बिना वीजा के रुकने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। उसे उस वक्त सजा हो गई। अगस्त 2010 में इदरीस के रिहा होने पर पुलिस बाघा बार्डर छोड़ने गई तो पाकिस्तान दूतावास ने उसे लेने से मना कर दिया। उल्टा इदरीस को पाक दूतावास ने भारत का जासूस होने का शक जता दिया।
इससे पूर्व वह पुलिस निगरानी में बाहर भी रहा। कई साल तक वह कल्याणपुर में एक घर में शरण लिए रहा। बाद में उसे परेड स्थित एक सराय में रखा गया। सराय में मानसिक हालत खराब होने पर उसने चींखना चिल्लाना, झगड़ना और चिड़चिड़ाना शुरू कर दिया तो वहां से भी निकाल दिया गया। बाद में फर्जी सिम के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मीनापुर में बनेगा शहीद स्मृति पार्क, रामपुरहरि में प्रस्तावित है भव्य तोरण द्वार

अमर शहीद जुब्बा सहनी, वांगुर सहनी और पंडित सहदेव झा समेत स्वतंत्रता सेनानियों की...

मीनापुर में भूमि सर्वेक्षण: जमीन आपकी, लेकिन रिकॉर्ड में किसका नाम?

पुराने खतियान, बदली हुई चौहद्दी और अधूरे उत्तराधिकार के बीच रैयतों के सामने नई...

मीनापुर में गूंजा जश्न-ए-आजादी: शहीद स्मृति पार्क और भव्य तोरण द्वार बनाने का ऐलान

क्रांति महोत्सव-2026 में विधायक अजय कुमार ने की घोषणा, विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी बोले—राजकीय...

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

More like this

मीनापुर में बनेगा शहीद स्मृति पार्क, रामपुरहरि में प्रस्तावित है भव्य तोरण द्वार

अमर शहीद जुब्बा सहनी, वांगुर सहनी और पंडित सहदेव झा समेत स्वतंत्रता सेनानियों की...

मीनापुर में भूमि सर्वेक्षण: जमीन आपकी, लेकिन रिकॉर्ड में किसका नाम?

पुराने खतियान, बदली हुई चौहद्दी और अधूरे उत्तराधिकार के बीच रैयतों के सामने नई...

मीनापुर में गूंजा जश्न-ए-आजादी: शहीद स्मृति पार्क और भव्य तोरण द्वार बनाने का ऐलान

क्रांति महोत्सव-2026 में विधायक अजय कुमार ने की घोषणा, विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी बोले—राजकीय...

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

क्या दुनिया बायोलॉजिकल वेपन के मुहाने पर खड़ी है?

सुपर पावरों की गुप्त प्रयोगशालाएं, अमेरिकी फंडिंग और मानव अस्तित्व पर मंडराता नया खतरा KKN...

ईरान के सामने अमेरिका कितना सफल रहा?

क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सीमित हो चुकी है? KKN ब्यूरो। जब भारत...

क्या अमेरिका भारत का भरोसेमंद साझेदार है?

दोस्त, साझेदार या सिर्फ अपने हितों का प्रहरी? KKN ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई स्थायी...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...

भारत–बांग्लादेश सीमा पर तेज हुई फेंसिंग, लेकिन क्यों बढ़ रहा है तनाव?

KKN ब्यूरो। भारत ने बांग्लादेश सीमा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में...

“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने...