होमPoliticsपाकिस्तान चुनाव पर भारत सहित दुनिया की नजर

पाकिस्तान चुनाव पर भारत सहित दुनिया की नजर

Published on

पाकिस्तान में आज मतदान शुरू हो चुका है और देर रात तक नए वजीरे-ए-आजम का भी पता चल जायेगा। इसी के साथ पाकिस्तान के नेशनल असेंबली के लिए 3,459 प्रत्याशी और प्रांतीय विधानसभाओं में 8,396 उम्मीदवारो के किस्मत का फैसला भी हो जायेगा।

किंतु, इस बार के आम चुनाव में जिस प्रकार से पाकिस्तान के चरमपंथी और कट्टरपंथियों ने खुलआम राजनीति में दबीस दी है, इससे भारत सहित पूरी दुनिया की नजर पाकिस्तान पर टिकी हुई है। जानकार मानतें हैं कि पाकिस्तान के मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स पर कब्जा करके चरमपंथी पूरी दुनिया में तहलका मचाने का जुगत लगा रहें हैं।
आईएसआई ने रची है साजिश
यह बात दीगर है कि मतदाता का निर्णय देर शाम तक आयेगा। किंतु, इस सच्चाई से किसी को इनकार नहीं है कि पाक के कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई ने अपना पासा पहले ही फेक दिया है। दरअसल, तहरीक-ए-इंसाफ के सरपरस्त इमरान खान आईएसआई का वह मुहरा है, जिसके सहारे चरमपंथी पाक की सत्ता पर कब्जा करना चाहतें हैं। इसके लिए आईएसआई ने छोटे- छोटे चार अन्य चरमपंथी संगठनो को चुनाव में उतार कर उन्हें किंग मेकर की भूमिका में लाने की चालें भी चल दी है।
शरीफ को महंगा पड़ा भारत से करीबी
जानकार यह मानते है कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का भारत के प्रति झुकाव आईएसआई को खटकने लगा था। लिहाजा, जांच एजेंसी और न्यायपालिका पर दबाव बना कर सेना ने उन्हें जेल में बंद कर दिया। हालांकि नवाज की मुस्लिम लीग यदि दूबारा सत्ता में आती है तो, यह भारत सहित पूरी दुनिया को सकून देने वाला खबर होगा। जिसकी सम्भावना बेहद ही कम है। पाकिस्तान की सत्ता पर यदि ऐन-केन प्रकार से चरमपंथी कब्जा कर लेतें हैं तो भारत सहित पूरी दुनिया को एक और नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
KKN Live के इस पेज को सबसे पहले फॉलो कर लें। लाइक और शेयर भी जरुर करें। मुझे आपके कमेंट का भी इंतजार रहेगा।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मीठा बोलना कमजोरी नहीं, इंसानियत की ताकत है

कठोरता को अच्छाई बताने वालों को विज्ञान का जवाब एक बच्चा अपने घर में बड़ों...

दूसरों की कमियां खोजते-खोजते खुद क्यों खो जाता है इंसान?

विज्ञान ने खोली नकारात्मक सोच की परतें कभी-कभी एक इंसान सुबह उठता है और उसकी...

क्या शिक्षित समाज लोकतांत्रिक भागीदारी से दूर हो रहा है?

बिहार एमएलसी चुनाव: आंकड़ों ने खड़े किए गंभीर सवाल लेखक: मितेश झा जब समाज का शिक्षित...

क्या बियाडा सार्वजनिक करेगा रोजगार और स्थानीय आय का हिसाब?

महवल लेदर पार्क पर जवाबदेही की परीक्षा महवल के लेदर पार्क की सफलता का सबसे...

More like this

क्या शिक्षित समाज लोकतांत्रिक भागीदारी से दूर हो रहा है?

बिहार एमएलसी चुनाव: आंकड़ों ने खड़े किए गंभीर सवाल लेखक: मितेश झा जब समाज का शिक्षित...

हिंद केसरी यादव: मीनापुर की राजनीति में वह नाम, जिसने आंदोलन को सड़क से सदन तक पहुंचाया

पांचवीं पुण्यतिथि पर दरहीपट्टी में श्रद्धांजलि सभा, वक्ताओं ने कहा—अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना...

मीनापुर की असली कहानी क्या है? आजादी, राजनीति, बागमती और बदलते गांव का पूरा सच

मीनापुर को अगर सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले का एक प्रखंड या बिहार की एक विधानसभा...

मीनापुर में परिणाम बदलने वाले मुद्दे: जाति से बाढ़ तक, सड़क से रोज़गार तक आखिर किस सवाल ने बदली बाजी?

मीनापुर में विकास की परिकथा सिर्फ कुछ आंकड़ों से नहीं बनता। उसके पीछे एक...

मीनापुर की राजनीति: 1951 से 2025 तक सत्ता बदलती रही, लेकिन क्या बदला राजनीति का मिजाज?

मीनापुर की राजनीति को अगर सिर्फ पिछले 10 या 15 वर्षों के चुनाव से...

चुनाव आयोग पर क्यों मचा है हंगामा? 14 आपत्तियों से उठे सवाल, ज्ञानेश कुमार की भूमिका और सत्ता पक्ष की असहजता की पूरी पड़ताल

भारत में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। चुनाव वह बुनियादी व्यवस्था...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

मीनापुर में जदयू का ‘संवाद’ या संगठन के भीतर उठती बेचैनी?

मनीष वर्मा के सामने खुली कार्यकर्ताओं की परत-दर-परत पीड़ा KKN ब्यूरो। मीनापुर में रविवार का...

ट्रंप के दौर में क्या अमेरिका की वैश्विक साख घटी? आंकड़े क्या कहते हैं

KKN ब्यूरो। एक समय था जब दुनिया के किसी संकट पर एक सवाल लगभग...

वह सुबह, जब पहाड़ नदी बन गया

26 अगस्त की सुबह 8:37 बजे हिमालय में कुछ ऐसा टूटा, जिसकी गूंज सैकड़ों...

नेपाल की बाढ़ में चीन की चाल? ग्लेशियर टूटने का सच, हिमालय का बढ़ता खतरा और भारत के लिए आने वाली बड़ी आफत

नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने सैकड़ों जिंदगियां निगल लीं।...

फरक्का जलसंधि: बिहार की बाढ़, बंगाल का बंदरगाह और बांग्लादेश का पानी—30 साल बाद फिर क्यों खड़ा हुआ सबसे पेचीदा सवाल?

1996 की गंगा जलसाझेदारी संधि दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाली है। बिहार में...

चीन का खतरा: सीमा पर सैनिकों से ज्यादा खतरनाक है सड़क, गांव और ब्रह्मपुत्र पर बनता नया सामरिक जाल

अरुणाचल में 60 किलोमीटर घुसपैठ का दावा निकला भ्रामक, लेकिन खतरा पूरी तरह काल्पनिक...

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

मीनापुर के प्रथम विधायक जनक सिंह की 112वीं जयंती पर ‘अग्रदूत’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

मीनापुर के प्रथम विधायक को श्रद्धांजलि, 'अग्रदूत' पुस्तक बनी उनकी विरासत का दस्तावेज़ KKN ब्यूरो।...