होमBiharतेज तेजस्वी में हुआ एका, कहा जिसे दिक्कत हो वह छोड़ दे...

तेज तेजस्वी में हुआ एका, कहा जिसे दिक्कत हो वह छोड़ दे पार्टी

Published on

बिहार के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार के दो युवराज तेज प्रताप यादव और तेजश्वी यादव के बीच अनबन की अटकलो पर आज पूर्णविराम लग गया। तेज प्रताप यादव ने कहा कि तेजश्वी के लीडरशीप पर कोई विवाद नहीं है और जिसे इसको लेकर दिक्कत है, वह पार्टी छोड़ दे।

तेज प्रताप के बयान से तेजश्वी को मिला राहत

लोकसभा चुनाव 2019 में राजद को मिली हार के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव को आज बड़ा राहत मिला। उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव खुल कर अपने भाई के बचाव में खड़े हो गएं हैं। आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने पार्टी नेतृत्व को लेकर बयान दिया और कहा कि अगर किसी को तेजस्वी की लीडरशिप से दिक्कत है तो वह पार्टी छोड़ सकते हैं। चाहे वह महागठबंधन हो या राष्ट्रीय जनता दल। दोनों में यह नियम समान रूप से लागू है। कहा कि मैं हमेशा तेजस्वी के साथ खड़ा रहा हॅू और आगे भी साथ रहेंगे।

ईवीएम पर उठाये सवाल

आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने एक सवाल के जवाब में ईवीएम को लेकर कई सवाल उठाए। कहा कि ईवीएम में हेरफेर हुई है। कहा कि इस पर कई वीडियो वायरल हुए। पर, चुनाव आयोग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। ईवीएम बनाने वाली जापान की एक कंपनी ने भी सवाल खड़े किये है। स्मरण रहें कि तेजप्रताय यादव ने लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी से बागी तेवर अपनाए रखा। उनके मनचाहा कैंडिडेट को टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने पार्टी से बगावत कर ली थी। हालांकि, हालिया बयान देकर उन्होंने अपने छोटे भाई के लीडरशीप में भरोसा जता कर राजनीति का मास्टस्टॉक खेल दिया है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

महवल लेदर पार्क की फाइलों में क्या दर्ज है?

रोजगार का हिसाब अब भी अधूरा बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी बियाडा की वेबसाइट...

महवल लेदर पार्क में रोजगार का आधार क्या है?

कितनी फैक्ट्रियों में शुरू हुआ उत्पादन? मुजफ्फरपुर के महवल में लेदर पार्क का उद्घाटन हो...

भारत को कमजोर करने की विदेशी साजिश? हकीकत है या फसाना

क्या भारत को कमजोर करने के लिए विदेशी ताकतें देश की आंतरिक दरारों का...

क्या महवल से बदलेगी उत्तर बिहार की तस्वीर, 2,100 रोजगार का दावा कितना बड़ा?

मुजफ्फरपुर का लेदर पार्क 15 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड स्थित महवल में...

More like this

क्या महवल से बदलेगी उत्तर बिहार की तस्वीर, 2,100 रोजगार का दावा कितना बड़ा?

मुजफ्फरपुर का लेदर पार्क 15 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड स्थित महवल में...

दुर्गा पूजा के मंत्रों का शरीर और मस्तिष्क पर क्या असर होता है?

कल्पना कीजिए—एक व्यक्ति आंखें बंद करके ‘ॐ’ का उच्चारण कर रहा है। उसके सामने...

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

हिंद केसरी यादव: मीनापुर की राजनीति में वह नाम, जिसने आंदोलन को सड़क से सदन तक पहुंचाया

पांचवीं पुण्यतिथि पर दरहीपट्टी में श्रद्धांजलि सभा, वक्ताओं ने कहा—अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

मीनापुर की असली कहानी क्या है? आजादी, राजनीति, बागमती और बदलते गांव का पूरा सच

मीनापुर को अगर सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले का एक प्रखंड या बिहार की एक विधानसभा...

मीनापुर में परिणाम बदलने वाले मुद्दे: जाति से बाढ़ तक, सड़क से रोज़गार तक आखिर किस सवाल ने बदली बाजी?

मीनापुर में विकास की परिकथा सिर्फ कुछ आंकड़ों से नहीं बनता। उसके पीछे एक...

मीनापुर की राजनीति: 1951 से 2025 तक सत्ता बदलती रही, लेकिन क्या बदला राजनीति का मिजाज?

मीनापुर की राजनीति को अगर सिर्फ पिछले 10 या 15 वर्षों के चुनाव से...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

चुनाव आयोग पर क्यों मचा है हंगामा? 14 आपत्तियों से उठे सवाल, ज्ञानेश कुमार की भूमिका और सत्ता पक्ष की असहजता की पूरी पड़ताल

भारत में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। चुनाव वह बुनियादी व्यवस्था...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

मीनापुर में जदयू का ‘संवाद’ या संगठन के भीतर उठती बेचैनी?

मनीष वर्मा के सामने खुली कार्यकर्ताओं की परत-दर-परत पीड़ा KKN ब्यूरो। मीनापुर में रविवार का...