होमBiharबिहार के निकाय चुनाव के लिए डुगडुगी बजते ही सियासत शुरू

बिहार के निकाय चुनाव के लिए डुगडुगी बजते ही सियासत शुरू

Published on

जीत के लिए जोड़ आजमाइस की जुगाड़ में नेताजी

बिहार। बिहार में नगरपालिका चुनाव के लिए डुगडुगी बच चुकी है। करीब एक सौ नगर निकायों में होने वाले चुनाव में मतदाताओं द्वारा पार्षदों का चुनाव किया जाना है। इसमें 61 लाख 22 हजार 261 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पटना को छोड़कर पूरे राज्य में 5280 मतदान केंद्र गठित किए गए हैं। पटना नगर निगम क्षेत्र छोड़कर जिले के अन्य क्षेत्रों में अंतिम चरण में सात जून को मतदान होना है। पटना में मतदान केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया जारी है। मतदान कराने के लिए 21 हजार 216 कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है। प्रत्येक जिले में सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं जोनल मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गयी है। बहरहाल, बेगूसराय  एवं शिवहर जिले में चुनाव नहीं होना है।
चरण                 मतदान
पहला चरण    : 21 मई
दूसरा चरण     : 04 जून
तीसरा चरण     : 07 जून
कुल 2844 वार्डों में होना है चुनाव
आयोग के अनुसार 2844 वार्डों में चुनाव होगा। इनमें मुजफ्फरपुर में 77, बेतिया में 137, मोतिहारी में 129, सीतामढ़ी में 62, शिवहर में 15, वैशाली में 81, सारण में 121, सीवान में 65, गोपालगंज में 78, दरभंगा में 45, मधुबनी में 71, समस्तीपुर में 61, सहरसा में 55, मधेपुरा में 41, सुपौल में 53, पूर्णिया में 34, कटिहार में 32, अररिया में 73, किशनगंज में 64, भागलपुर में 116, बांका में 36, मुंगेर में 99 वार्डों में वोट डाले जाएंगे। इसी तरह जमुई में 52, खगड़िया में 46, लखीसराय में 57, शेखपुरा में 50, पटना में 320, नालंदा में 320, नालंदा में 98, भोजपुर में 119, रोहतास में 143, बक्सर में 60, कैमूर में 41, गया में 105, औरंगाबाद 86,  नवादा में 70 तथा जहानाबाद में 52 वार्डों में चुनाव होना है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

More like this

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

क्या दुनिया बायोलॉजिकल वेपन के मुहाने पर खड़ी है?

सुपर पावरों की गुप्त प्रयोगशालाएं, अमेरिकी फंडिंग और मानव अस्तित्व पर मंडराता नया खतरा KKN...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

ईरान के सामने अमेरिका कितना सफल रहा?

क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सीमित हो चुकी है? KKN ब्यूरो। जब भारत...

क्या अमेरिका भारत का भरोसेमंद साझेदार है?

दोस्त, साझेदार या सिर्फ अपने हितों का प्रहरी? KKN ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई स्थायी...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...