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पीएम मोदी ने इजरायल को बताया विशेष

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नेतन्याहू से सरप्राइज की है उम्मीद

इजरायल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर है। भारतीय समयानुसार आज शाम साढ़े छह बजे इजरायल के तेल अवीव की धरती पर पीएम मोदी कदम रखेंगे। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में नया अध्याय जुड़ने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री के तीन दिवसीय इजरायल दौरे के दौरान कृषि, जल प्रबंधन, इनोवेशन और स्टार्ट-अप जैसे क्षेत्रों पर बातचीत होने की उम्मीद है।
पिछले 70 वर्षो में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री इजरायल के दौरे पर है। पीएम मोदी के इस दौरे का इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जाहिर है दोनों देशों को इससे काफी उम्मीदें हैं। नई दिल्ली और यरुशलम के बीच हाल के वर्षों में द्विपक्षीय रिश्तों में काफी मजबूती आई है। आतंकवाद और आपसी सहयोग के मुद्दे पर दोनों देशों की राय एक समान है। पीएम मोदी के सम्मान में इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू प्रोटोकॉल तक तोड़ने वाले हैं। खुद पीएम मोदी ने इजरायल के अपने दौरे को विशेष कहा है। सन् 1992 में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध स्थापित होने के बाद अक्टूबर 2015 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी इजरायल का दौरा करने वाले पहले राष्ट्रपति बने।
इजरायल के सरकार समर्थक अखबार इजरायल हायोम को दिए साक्षात्कार में मोदी ने कहा कि उनका दौरा दोनों देशों के बीच सदियों पुराने जुड़ाव पर आधारित है। उन्होंने कहा, मैं ऐसे बहुत सारे लोगों की राय को साझा करता हूं जो इजरायल को प्रौद्योगिकी के वाहक, विपरीत हालात में अस्तित्व कायम रखने वाले देश के तौर पर देखते हैं।
भारत रक्षा उपकरणों का सबसे बड़ा आयातक है और इजरायल उसका एक प्रमुख आपूतर्किर्ता बन चुका है। इजरायली मीडिया के अनुसार दोनों देशों के बीच हर साल एक अरब डॉलर से अधिक का रक्षा कारोबार होता है। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार भारत और इजरायल के बीच संबंध सुधारने तथा इसे नए स्तर तक ले जाने को प्रतिबद्ध है। मोदी ने कहा कि आतंकवाद एक वैश्विक समस्या है और दोनों देश इससे बचे नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारे बीच समझौता है कि निर्दोष लोगों पर हिंसा करने वालों को फलने-फूलने नहीं देना चाहिए। सीमा पार आतंकवाद हमारे समक्ष एक बड़ी चुनौती है। हमारी सीमा के पार की विभाजनकारी ताकतें हमारे देश की एकता को बाधित करने का प्रयास कर रही हैं।

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