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जगजीवन राम की बेटी मीरा कुमार हो सकती है विपक्ष का चेहरा

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​राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए विपक्ष ने शुरू किया मंथन

संतोष कुमार गुप्ता

नई दिल्ली। भाजपा की ओर से बिहार के गवर्नर और दलित चेहरा राम नाथ कोविंद को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा के बाद सियासी हलचल तेज हो गयी है। कोविंद का नाम आते ही विपक्ष रणनिति तैयार करने मे जुट गया है।हालांकि कोविंद के नाम की घोषणा के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार के राजभवन जाकर गवर्नर से मिलना भी राजनितिक गलियारो मे भूचाल ला दिया है। हालांकि अब माना जा रहा है कि बीजेपी के दलित कार्ड के जवाब में कांग्रेस भी दलित नेता को राष्ट्रपति चुनाव में उतारेगी। हालांकि ये 22 जून को विपक्षी दलों की बैठक के नतीजे पर निर्भर करेगा।
कोविंद के नाम के एलान के बाद सोमवार दोपहर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया था कि बीजेपी ने नाम का ऎलान करने से पहले सहमति नहीं ली, जबकि ऎसा करने का वादा किया था। ऎसे में कांग्रेस भी राष्ट्रपति चुनाव में अपना उम्मीदवार खडा कर सकती है। सोमवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि विपक्ष को भी दलित उम्मीदवार उतारना चाहिए वरना कोविंद को समर्थन मिल जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को इस पद के लिए चुनावी मैदान में उतार सकती है। मीरा कुमार बडे दलित नेता और पूर्व रक्षा मंत्री जगजीवन राम की बेटी हैं। वह विदेश सेवा की अधिकारी भी रह चुकी हैं। बिहार के सासाराम से जीतने वालीं मीरा कुमार को 15वीं लोकसभा में देश की पहली महिला स्पीकर होने का गौरव हासिल है।
मीरा कुमार का जन्म बिहार के भोजपुर जिले में हुआ है। वह देश के पूर्व प्रधानमंत्री जगजीवन राम की बेटी हैं। मीरा कॉन्वेन्ट एडुकेटेड हैं। उनकी शिक्षा देहरादून, जयपुर और दिल्ली में हुई है। उन्होंने दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज और मिरांडा हाउस से एमए और एलएलबी किया है।1970 में उनका चयन भारतीय विदेश सेवा के लिए हुआ। इसके बाद उन्होंने कई देशों में अपनी सेवा दीं।
यूपीए-1 की मनमोहन सिंह सरकार में वह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रह चुकी हैं। वो 8वीं, 11वीं, 12वीं, 14वीं और 15वीं लोकसभा की सदस्य रह चुकी हैं।

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