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दिल्ली में हुए आतंकी हमले के बाद संजय सिंह ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, “आग लगी बस्ती में मोदी अपनी मस्ती में”

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10 नवंबर 2025 को दिल्ली में एक बड़े आतंकी हमले के बाद पूरे शहर में सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। सोमवार शाम को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक जबरदस्त बम विस्फोट हुआ, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई और करीब दो दर्जन लोग घायल हो गए। इस हमले के बाद दिल्ली में अलर्ट जारी कर दिया गया और इलाके की घेराबंदी की गई। वहीं, इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उनकी विदेश यात्रा को लेकर सवाल उठाए हैं।

दिल्ली में विस्फोट के बाद सुरक्षा कड़ी

दिल्ली में हुए इस हमले के बाद पूरे शहर में सुरक्षा को बेहद कड़ा कर दिया गया है। लाल किला को तीन दिन के लिए बंद कर दिया गया है और आसपास के इलाके की सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई है। मेट्रो स्टेशन, दुकानें और बाजार भी सघन जांच के दायरे में हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच में जुटी हैं। इस दौरान, पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और विस्फोट की जांच के लिए एनआईए, एनएसजी और फॉरेंसिक टीमों को भी तैनात किया गया है।

प्रधानमंत्री की भूटान यात्रा पर उठे सवाल

दिल्ली में इस जबरदस्त बम धमाके के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूटान यात्रा पर राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी भूटान यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि वह भूटान के चौथे राजा के 70वें जन्मदिन समारोह में भाग लेने जा रहे हैं। इसके साथ ही, पीएम मोदी ने भूटान सरकार के साथ ऊर्जा साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन करने की बात कही।

हालांकि, इस समय दिल्ली में बड़ा आतंकवादी हमला हुआ था, और ऐसे में पीएम मोदी का भूटान यात्रा पर निकलना कई नेताओं के लिए विवाद का कारण बन गया। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने पीएम मोदी की इस यात्रा को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह समय प्रधानमंत्री के विदेश दौरे के लिए बिल्कुल गलत था।

संजय सिंह का ट्वीट और कड़ी आलोचना

संजय सिंह ने पीएम मोदी के भूटान दौरे के लिए जाने से पहले ट्वीट किया, “आग लगी बस्ती में मोदी अपनी मस्ती में। देश ‘Pain’ में और मोदी ‘Plane’ में। दिल्ली की राजधानी पर आतंकी हमला हुआ, और प्रधानमंत्री जन्मदिन मनाने निकल पड़े। गृह मंत्री बिहार चुनाव में व्यस्त हैं। देश कब तक ऐसे संवेदनहीन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को बर्दाश्त करेगा?”

संजय सिंह के इस ट्वीट में स्पष्ट रूप से प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की निंदा की गई, जहां एक तरफ देश की राजधानी पर आतंकी हमला हो रहा था, वहीं दूसरी तरफ सरकार के उच्च पदस्थ अधिकारी विदेश यात्रा पर जा रहे थे और राज्य चुनावों में व्यस्त थे। सिंह ने इस पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिरकार ऐसे नेताओं को देश कब तक बर्दाश्त करेगा?

सांसद का आरोप: पीएम मोदी की विदेश यात्रा पर असंवेदनशीलता

संजय सिंह का कहना है कि जब दिल्ली की सड़कों पर खून बह रहा था, तब प्रधानमंत्री को अपने देशवासियों की सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए थी। इसके बजाय, वह भूटान के दौरे पर निकल गए, जबकि गृह मंत्री अमित शाह बिहार चुनाव में व्यस्त थे। इस तरह की परिस्थितियों में, सिंह ने सरकार के संवेदनशीलता और प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े किए।

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की ओर से इस समय किए गए फैसले से यह साबित होता है कि उन्हें देश की सुरक्षा और नागरिकों की चिंता नहीं है। उनका कहना था कि जब देश में आतंकवाद का खतरा बढ़ रहा है, तो ऐसे समय में सरकार की प्राथमिकता चुनाव प्रचार और विदेश यात्रा पर क्यों होनी चाहिए?

पीएम मोदी का बयान: भूटान यात्रा की आवश्यकता

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी भूटान यात्रा पर बचाव करते हुए कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य भारत और भूटान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि भूटान के चौथे नरेश के 70वें जन्मदिन समारोह में शामिल होना और पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह परियोजना दोनों देशों के बीच ऊर्जा साझेदारी को मजबूती प्रदान करेगी।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि इस यात्रा के दौरान भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मुलाकात होगी, जो दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण होगी। उनके अनुसार, यह यात्रा भूटान के साथ भारत के रिश्तों को एक नई दिशा देने में मदद करेगी।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और सार्वजनिक आक्रोश

इस घटना के बाद राजनीतिक दलों ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा को लेकर अपनी आपत्ति जताई। कुछ विपक्षी नेताओं ने कहा कि जब देश में आतंकवादी हमला हो रहा था, तब पीएम मोदी का विदेश जाना यह दर्शाता है कि उन्हें अपनी जिम्मेदारियों से कोई फर्क नहीं पड़ता। वहीं, कुछ नेताओं ने कहा कि इस समय भूटान के साथ भारत के रिश्तों को मजबूत करना उतना जरूरी नहीं था, जितना कि दिल्ली में हुए आतंकी हमले के बाद तात्कालिक सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

सामान्य जनता में भी पीएम मोदी की यात्रा को लेकर गहरी नाराजगी देखी गई। लोग सोशल मीडिया पर इस फैसले को असंवेदनशील और राजनीति से प्रेरित बताते हुए आलोचना कर रहे थे।

दिल्ली में हुए आतंकवादी हमले के बाद प्रधानमंत्री की भूटान यात्रा ने एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। जहां एक ओर देश में सुरक्षा संकट था, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की विदेश यात्रा और चुनावी व्यस्तताओं ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले में राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस जारी है और आम जनता भी इस घटनाक्रम पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रही है। अब देखना यह होगा कि इस घटना के बाद सरकार अपनी प्राथमिकताओं को किस तरह से संतुलित करती है और इस मुद्दे पर वह किस तरह की प्रतिक्रिया देती है।

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