KKN गुरुग्राम डेस्क | मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR के लिए रेड अलर्ट जारी किया मूसलाधार बारिश, तेज हवाएं और गर्जन के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त चार लोगों की मौत और एक घायल, द्वारका में पेड़ गिरने की घटना 100 से अधिक उड़ानें प्रभावित, तीन उड़ानों का मार्ग बदला गया कई इलाकों में 12 घंटे से बिजली गुल, जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या
दिल्ली में रेड अलर्ट: लोगों को घर में रहने की सलाह
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली में भारी बारिश और तेज आंधी को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट सबसे गंभीर स्तर की चेतावनी होती है, जिसमें प्रशासन और आम जनता दोनों को सावधानी बरतने और सतर्क रहने की आवश्यकता होती है।
IMD की सलाह:
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बारिश और आंधी के दौरान घर से बाहर न निकलें
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खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें
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पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें
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छत पर या खुले स्थानों पर ढीली चीज़ें न छोड़ें
क्या है रेड अलर्ट?
रेड अलर्ट का अर्थ है “तत्काल कार्रवाई करें”। यह चेतावनी तब जारी की जाती है जब किसी क्षेत्र में अत्यधिक मौसम परिवर्तन, जैसे तेज बारिश, तूफान या बिजली गिरने की आशंका होती है, जिससे जानमाल को खतरा हो सकता है।
बिजली संकट: कई इलाकों में 12 घंटे से ब्लैकआउट
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि राजधानी के कई इलाकों में 10 से 12 घंटे से बिजली नहीं है। उन्होंने ट्वीट किया:
“दिल्ली में जलभराव के साथ-साथ बिजली व्यवस्था भी ठप है। बीजेपी की चार इंजन सरकार ने सिर्फ 2 महीने में दिल्ली की मूलभूत सेवाओं को बर्बाद कर दिया है।”
द्वारका में दर्दनाक हादसा: एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने द्वारका के खरखड़ी नाहर गांव में आंधी और बारिश के दौरान पेड़ गिरने से हुई चार मौतों पर दुख जताया। एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है।
उन्होंने कहा:
“दुख की इस घड़ी में दिल्ली सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। जिला प्रशासन को तत्काल मदद पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।”
राजनीतिक प्रतिक्रिया: ‘बारिश ने सरकार की लाचारी उजागर की’
आप नेता गोपाल राय ने इस स्थिति को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा:
“दिल्ली में थोड़ी सी बारिश से ही सड़कें डूब गईं। यह तस्वीरें सरकार की लाचारी को दिखाती हैं। चार इंजन वाली सरकार दिल्ली को संभालने में नाकाम रही है।”
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का जवाब: “यह सिस्टम के लिए अलार्म है”
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह बारिश बीते दशकों की लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने कहा:
“पहली बार कोई मुख्यमंत्री और विधायक सड़कों पर उतरा है। अब सरकार हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठेगी। अगर जनता को परेशानी होगी, तो पूरा प्रशासन काम में जुट जाएगा।”
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों पर असर
तूफान और बारिश के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन बाधित हुआ है:
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100 से अधिक उड़ानों में देरी
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3 उड़ानों का मार्ग बदला गया
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2 उड़ानों को जयपुर
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1 उड़ान को अहमदाबाद भेजा गया
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हवाई अड्डा प्रबंधन ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे अपनी उड़ानों की जानकारी एयरलाइंस से प्राप्त करें।
सड़कें जलमग्न, यातायात ठप
दिल्ली के कई इलाकों में भारी जलभराव देखा गया:
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साउथ दिल्ली, वेस्ट दिल्ली, और रोहिणी जैसे क्षेत्रों में पानी भर गया
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पेड़ और खंभे गिरने से कई जगह ट्रैफिक बंद
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मेट्रो सेवाएं अलर्ट मोड पर, संचालन जारी
आपातकालीन सेवाएं और हेल्पलाइन
दिल्ली सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
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जलभराव/बिजली/वृक्ष गिरना: 155304
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पुलिस हेल्पलाइन: 100
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फायर सर्विस: 101
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बिजली समस्या (BSES): 19123
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बिजली समस्या (TPDDL): 19124
क्या यह जलवायु परिवर्तन का संकेत है?
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, यह असामान्य मौसम बदलाव जलवायु परिवर्तन की चेतावनी है। अचानक तापमान वृद्धि और बंगाल की खाड़ी से आई नम हवाओं ने इस तूफान को उग्र बना दिया।
पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. आरती मिश्रा ने कहा:
“दिल्ली में शहरीकरण के कारण जल निकासी की व्यवस्था बिगड़ चुकी है। पुराने पेड़ अस्थिर हो चुके हैं। हमें हर साल ऐसे तूफानों के लिए तैयार रहना होगा।”
आईएमडी की सलाह: सावधान रहें, सतर्क रहें
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घर में रहें, जब तक मौसम शांत न हो
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बिजली गिरने के समय मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल न करें
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पेड़ों के नीचे शरण न लें
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सोशल मीडिया और सरकारी चैनलों से मौसम की जानकारी लेते रहें
2 मई 2025 को आया यह तूफान केवल एक मौसम घटना नहीं है, यह दिल्ली की अव्यवस्थित शहरी व्यवस्था, राजनीतिक बयानबाजी, और इमरजेंसी रिस्पॉन्स की परीक्षा भी है। 4 लोगों की मौत, बिजली कटौती, उड़ानों में व्यवधान और ट्रैफिक जाम ने राजधानी की कमज़ोरियों को उजागर कर दिया है।
