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दिल्ली मौसम अपडेट: तापमान 41 डिग्री के पार जाने की संभावना, अगले कुछ दिन बेहद गर्म

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KKN गुरुग्राम डेस्क |  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लोग आने वाले दिनों में झुलसाने वाली गर्मी के लिए तैयार रहें। मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा अनुमान के अनुसार, दिल्ली में अगले दो दिनों के भीतर अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। फिलहाल राजधानी में मौसम का मिजाज गर्म और शुष्क बना हुआ है, और इसके और तीखा होने की संभावना है।

दिल्ली में गर्मी का कहर लौटने को तैयार

भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई है, लेकिन इससे राहत की उम्मीद नहीं की जा रही है। अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। हालांकि, मंगलवार और बुधवार को तापमान में और वृद्धि होकर यह 41 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।

रविवार को सफदरजंग मौसम केन्द्र पर दर्ज किया गया अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से 1.7 डिग्री कम था। वहीं, न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो कि सामान्य से 1.8 डिग्री कम रहा।

मौसम का बदला रुख: गर्मी के साथ प्रदूषण भी चिंता का विषय

इस बार दिल्ली में गर्मी की शुरुआत और इसका स्वरूप पहले से बिल्कुल अलग है। जनवरी से अप्रैल तक सामान्य से अधिक गर्मी देखने को मिली थी। लेकिन मई की शुरुआत में हल्की बारिश और बादलों ने थोड़ी राहत जरूर दी। राजधानी में बीते हफ्तों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी की स्थिति बनी रही, जिससे तापमान कुछ हद तक नीचे रहा।

हालांकि अब मौसम फिर करवट ले रहा है और धूप की तीव्रता के चलते तेज गर्मी लौट रही है। सुबह से ही तेज़ धूप और कम नमी के चलते वातावरण गर्म और सूखा हो गया है। आने वाले दिनों में हवा की गति 15 से 25 किमी प्रति घंटे के बीच रहने की संभावना है, जो कि गर्मी में थोड़ी राहत देने का काम कर सकती है।

दिल्ली में वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार

दिल्ली में तेज़ धूप के बावजूद हवा की गुणवत्ता में फिलहाल कुछ सुधार देखने को मिला है। रविवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 158 दर्ज किया गया, जो कि ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। मौसम विभाग का मानना है कि आगामी दो दिनों में भी AQI 150 से 180 के बीच रह सकता है।

इस सुधार के पीछे हवा की रफ्तारवाहनों की कम आवाजाही और कम निर्माण गतिविधियां अहम कारण माने जा रहे हैं। हालांकि, जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी और हवा में नमी घटेगी, धूल और प्रदूषक तत्वों के स्तर में फिर इजाफा हो सकता है।

2025 की अब तक की सबसे प्रदूषित शुरुआत

हालांकि पिछले कुछ दिनों में हवा की गुणवत्ता थोड़ी सुधरी है, लेकिन वर्ष 2025 की शुरुआत अब तक के सबसे प्रदूषित वर्षों में से एक रही है। 1 जनवरी से 8 मई तक, कुल 128 दिनों में से 75 दिन ऐसे रहे जब दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी (AQI 200 से अधिक) में रही।

तुलनात्मक रूप से देखें तो वर्ष 2024 में इसी अवधि में 63 दिन, और 2023 में 69 दिन हवा की गुणवत्ता खराब रही थी। वर्ष 2022 में यह आंकड़ा 100 दिन था, जो कि 2016 के बाद सबसे ज्यादा था।

गर्मियों में राहत कम, खतरे ज्यादा

दिल्ली में सर्दियों के मौसम को पारंपरिक रूप से सबसे प्रदूषित माना जाता है। इस दौरान AQI कई बार 400 से ऊपर चला जाता है, जो कि ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। लेकिन इस बार मार्च और अप्रैल में भी AQI का स्तर बार-बार 200 से ऊपर दर्ज किया गया, जो एक चिंताजनक संकेत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव केवल मौसम का नहीं बल्कि लंबी अवधि के जलवायु परिवर्तन का संकेत है। एल नीनो प्रभावशहरीकरण, और ग्रीन कवर की कमी जैसे कारणों से दिल्ली की जलवायु में स्थायी परिवर्तन देखे जा रहे हैं।

दिल्लीवासियों के लिए जरूरी सावधानियां

आने वाले दिनों में दिल्ली में गर्मी और प्रदूषण दोनों का स्तर बढ़ सकता है। ऐसे में नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है:

  • दिन के 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें।

  • खूब पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें।

  • हल्के, सूती कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय स्नान, टोपी और चश्मा पहनें।

  • बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर में बाहर ना निकलने दें।

  • नियमित रूप से AQI की जानकारी प्राप्त करें और उसी के अनुसार गतिविधियों की योजना बनाएं।

आने वाले दिनों का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, अगले सप्ताह तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। गर्म हवाओं और तीव्र धूप के चलते राजधानी के अधिकांश हिस्सों में हीट स्ट्रेस की स्थिति बन सकती है। शहरी क्षेत्रों में जहां हरियाली कम है और कंक्रीट का अतिक्रमण अधिक है, वहां तापमान और ज्यादा महसूस किया जा सकता है।

अगर पश्चिमी विक्षोभ का कोई नया प्रभाव नहीं आता, तो राजधानी में हीटवेव की स्थिति गंभीर हो सकती है। लोगों को पहले से सतर्क रहना आवश्यक है।

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