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एक महीने तक नहीं बोलेगी कॉग्रेस, कई सवालो का नहीं है जवाब

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टीवी डिबेट्स में शामिल नहीं होंगे कांग्रेस के प्रवक्ता

भारत में जनादेश 2019 ने कॉग्रेस की बोलती बंद कर दी है। कई ऐसे सवाल है, जिसका कॉग्रेस के पास कोई जवाब नहीं है। नतीजा, कॉग्रेस ने अगले एक महीने तक किसी भी टीवी डिबेट में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है। कॉग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक ट्वीट करके इस आशय की जानकारी दी है।

सवालो का नहीं है जवाब

लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कॉग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के इस्तेफा की पेशकश के बाद से ही कॉग्रेस पेशोपेश में है। खबर आई थी की तीन रोज पहले हुई सीडब्लूसी की बैठक में राहुल इस्तेफा देंगे। थोड़ी देर में ही सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि पेशकश की खबर भ्रामक है। साढ़े तीन घंटे बाद मीडिया को बताया गया कि राहुल ने इस्तेफा की पेशकश की थी। किंतु, सीडब्लूसी ने इसे नामंजूर कर दिया है। अगले दिन फिर खबर आई कि राहुल इस्तेफा पर अर गएं है और उनको मनाने का दौर शुरू हो गया। जानकार मानतें हैं कि यही वह बड़ी वजह है, जिसका कॉग्रेस के पास फिलहाल कोई जवाब नहीं है। मीडिया जानना चाह रही है कि क्या राहुल गांधी सीडब्लूसी के निर्णय को नहीं मानेंगे? सवाल यह भी कि जब राहुल ने इस्तेफा देने का मन बना ही लिया है, तो फिर उन्हें कौन रोक रहा है? क्या मीडिया की लाइमलाईट में बने रहने का यह एक हथकंडा है? इसी के साथ कॉग्रेस के भविष्य को लेकर भी कई और सवाल उठने लगा है। जिसका फिलहाल कॉग्रेस के पास कोई जवाब नहीं है।

दुबिधा में फंसी कॉग्रेस

लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस में आत्ममंथन का दौर जारी है। एक ओर राहुल गांधी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना चाहते हैं तो दूसरी ओर कांग्रेस ने अपने सभी प्रवक्ताओं को किसी भी टीवी डिबेट में शामिल नही होने का निर्देश दिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अभी हार हुई है, ऐसे में टीवी डिबेट में जाकर तुरंत मोदी सरकार की खिलाफत करना जनता को पसंद नहीं आएगा और इसका पार्टी को नुकसान हो सकता है।

मीडिया पर फोरा ठिकड़ा

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि डिबेट में कुछ मीडिया मोदी सरकार का पक्ष अधिक लेते हैं। ऐसे में सिर्फ डिबेट में जाना और वहां गलत साबित किये जाने से कॉग्रेस को नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही डिबेट में किसान, रोज़गार, गरीब और मोदी के वायदों पर बहस नहीं होने का कॉग्रेस ने आरोप लगाया है। दूसरी ओर जानकार मानतें हैं कि कॉग्रेस प्रवक्ताओं के पास राहुल के इस्तीफे के सवाल का कोई जवाब नहीं है और यहीं वह बड़ी वजह है, कि कॉग्रेस अगले एक महीने तक टीवी डिबेट में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है।

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