होमNationalराष्ट्रपति की अध्यक्षता में होगी राज्यपालो का सम्मेलन

राष्ट्रपति की अध्यक्षता में होगी राज्यपालो का सम्मेलन

Published on

नई दिल्ली। भारत को 2022 तक नया भारत बनाने के रास्तों पर चर्चा के लिए राज्यपालो का सम्मेलन बुलाया गया है। गुरुवार से आरंभ होने वाला यह सम्मेलन दो दिनो तक चलेंगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद राज्यपालों के दो दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाला यह 48वां ऐसा सम्मेलन है । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहली बार इस सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे ।
सम्मेलन में 27 राज्यपाल और तीन उपराज्यपाल हिस्सा लेंगे । राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के अनुसार, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस सम्मेलन को संबोधित करेंगे । इस सम्मेलन का मुख्य विषय न्यू इंडिया 2022 है । भारत इसी वर्ष आजादी के 75 वर्ष पूरा कर रहा है । बयान में कहा गया है कि न्यू इंडिया 2022 में देश के नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए आधारभूत संरचना क्षेत्र में अनेकों पहल की आवश्यकता है।
इसी प्रकार से न्यू इंडिया 2022 के लिए कई क्षेत्रों में सेवाओं पर जोर दिया जाना है जिसमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, खुले में शौच से मुक्त शहर एवं गांव, प्रदूषण मुक्त पर्यावरण, नागरिकों की सुरक्षा शामिल है। सम्मेलन के प्रथम सत्र की शुरुआत न्यू इंडिया 2022 के संदर्भ में नीति आयोग की प्रस्तुती से होगी । राज्यपाल आधारभूत ढांचे और लोक सेवाओं के विषय पर अपनी बात रखेंगे।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

महवल लेदर पार्क में रोजगार का आधार क्या है?

कितनी फैक्ट्रियों में शुरू हुआ उत्पादन? मुजफ्फरपुर के महवल में लेदर पार्क का उद्घाटन हो...

भारत को कमजोर करने की विदेशी साजिश? हकीकत है या फसाना

क्या भारत को कमजोर करने के लिए विदेशी ताकतें देश की आंतरिक दरारों का...

क्या महवल से बदलेगी उत्तर बिहार की तस्वीर, 2,100 रोजगार का दावा कितना बड़ा?

मुजफ्फरपुर का लेदर पार्क 15 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड स्थित महवल में...

क्या नौ दिन की पूजा से मिल जाती हैं अलौकिक शक्तियां या इसका अर्थ कुछ और है?

नवरात्रि के 9 दिन पूरे होते हैं। मंदिरों में आरती होती है। घरों में...

More like this

महवल लेदर पार्क में रोजगार का आधार क्या है?

कितनी फैक्ट्रियों में शुरू हुआ उत्पादन? मुजफ्फरपुर के महवल में लेदर पार्क का उद्घाटन हो...

क्या नौ दिन की पूजा से मिल जाती हैं अलौकिक शक्तियां या इसका अर्थ कुछ और है?

नवरात्रि के 9 दिन पूरे होते हैं। मंदिरों में आरती होती है। घरों में...

छोटी बच्चियों में देवी का दर्शन या स्त्री के सम्मान की सबसे बड़ी सामाजिक कसौटी?

नवरात्र की अष्टमी या नवमी। पूजा का मंडप सजा है। छोटी-छोटी बच्चियों को आसन...

हवन से शुद्ध होती है हवा या बढ़ता है प्रदूषण?

दुर्गा पूजा की अग्नि पर विज्ञान की बड़ी पड़ताल दुर्गा पूजा की अंतिम आहुतियों के...

दुर्गा पूजा मातृशक्ति का सम्मान है या समाज के सामने एक अधूरा सवाल?

जिस समाज में स्त्री को देवी मानकर पूजा जाता है, उसी समाज में उसकी...

क्या मिट्टी के पात्र में रखा जल सचमुच याद रखता है मंत्रों की ऊर्जा?

एक मिट्टी का पात्र। उसमें भरा जल। उसके मुहाने पर रखे आम के पत्ते...

महिषासुर कौन था? पुराणों के असुरराज से आदिवासी पूर्वज तक

दुर्गा पूजा के पंडाल में एक दृश्य बार-बार दिखाई देता है। सिंह पर सवार...

दुर्गा पूजा के विधान में छिपा है विज्ञान: पौधों से मनोविज्ञान तक, क्या कहती है दुनिया की रिसर्च?

दुर्गा पूजा में नौ दिनों की साधना है, मंत्र हैं, पुष्प हैं, धूप-दीप हैं,...

दुर्गा पूजा के पांच अनसुने आध्यात्मिक रहस्य: नौ पौधों में देवी का स्वरूप, प्रकृति में शक्ति और मनुष्य के भीतर का महिषासुर

दुर्गा पूजा में हम देवी की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, पुष्प चढ़ाते...

हिंद केसरी यादव: मीनापुर की राजनीति में वह नाम, जिसने आंदोलन को सड़क से सदन तक पहुंचाया

पांचवीं पुण्यतिथि पर दरहीपट्टी में श्रद्धांजलि सभा, वक्ताओं ने कहा—अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना...

मीनापुर की असली कहानी क्या है? आजादी, राजनीति, बागमती और बदलते गांव का पूरा सच

मीनापुर को अगर सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले का एक प्रखंड या बिहार की एक विधानसभा...

मीनापुर में परिणाम बदलने वाले मुद्दे: जाति से बाढ़ तक, सड़क से रोज़गार तक आखिर किस सवाल ने बदली बाजी?

मीनापुर में विकास की परिकथा सिर्फ कुछ आंकड़ों से नहीं बनता। उसके पीछे एक...

मीनापुर की राजनीति: 1951 से 2025 तक सत्ता बदलती रही, लेकिन क्या बदला राजनीति का मिजाज?

मीनापुर की राजनीति को अगर सिर्फ पिछले 10 या 15 वर्षों के चुनाव से...

चुनाव आयोग पर क्यों मचा है हंगामा? 14 आपत्तियों से उठे सवाल, ज्ञानेश कुमार की भूमिका और सत्ता पक्ष की असहजता की पूरी पड़ताल

भारत में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। चुनाव वह बुनियादी व्यवस्था...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...