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बारामूला के उरी सेक्टर में मुठभेड़, हवलदार Ankit Yadav शहीद

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जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में आतंकियों और भारतीय सेना के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान बिहार के भागलपुर जिले के रंगरा प्रखंड के चापर गांव के वीर जवान हवलदार Ankit Yadav शहीद हो गए। वे उरी सेक्टर के टिका पोस्ट के पास अपनी ड्यूटी पर तैनात थे।

अचानक हुई फायरिंग और जवाबी कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए आतंकियों के साथ मुठभेड़ शुरू कर दी। इस दौरान Ankit को गोली लगी और वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

जान बचाने की कोशिश

गंभीर रूप से घायल Ankit को तुरंत AIP-06 और फिर देवी पोस्ट ले जाया गया। वहां बटालियन के Regimental Medical Officer ने उनका इलाज किया। पूरी कोशिश के बावजूद उनकी चोटें इतनी गंभीर थीं कि वे बच नहीं सके।

परिवार को नहीं दी गई तुरंत जानकारी

सेना अधिकारियों ने Ankit के बड़े भाई निरंजन यादव को उनकी शहादत की सूचना दी। निरंजन, जो सेना से रिटायर होकर वर्तमान में झारखंड के SAP में कार्यरत हैं, तुरंत घर के लिए रवाना हो गए।

उस समय तक Ankit की बूढ़ी मां सविता देवी, पिता लक्ष्मी यादव, पत्नी और दो बच्चों को यह खबर नहीं दी गई थी, ताकि उन्हें मानसिक रूप से तैयार किया जा सके।

सबसे छोटे थे चार भाइयों में

Ankit चार भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटे थे। सबसे छोटे होने के बावजूद उन्होंने सीमाओं पर देश की रक्षा की जिम्मेदारी निभाई। उनके साथी और गांव के लोग उन्हें एक अनुशासित, शांत और समर्पित सैनिक के रूप में याद कर रहे हैं।

गांव में शोक की लहर

शहादत की खबर मिलते ही चापर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीण उनके घर पर जुटने लगे और परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। सभी उनकी वीरता और देशभक्ति की मिसाल दे रहे हैं। गांव के लोग कह रहे हैं कि Ankit का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।

बारामूला में सुरक्षा चुनौतियां

उरी सेक्टर, जो लाइन ऑफ कंट्रोल के पास स्थित है, लंबे समय से आतंकियों की घुसपैठ और हमलों का केंद्र रहा है। सेना का कहना है कि उन्होंने आतंकियों की फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दिया और इलाके में तलाशी अभियान जारी है।

राष्ट्र की श्रद्धांजलि

वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और साथियों ने Ankit को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा कि यह बलिदान देश की सुरक्षा के लिए दिया गया सर्वोच्च योगदान है। सेना ने आश्वासन दिया है कि Ankit के परिवार को पूरा सम्मान और सहयोग दिया जाएगा।

हवलदार Ankit Yadav की शहादत देश के लिए सर्वोच्च बलिदान है। उन्होंने उरी सेक्टर में आतंकियों का सामना करते हुए अपनी जान दी। उनके पीछे बूढ़े माता-पिता, पत्नी, दो बच्चे और गर्व से भरा पूरा गांव है। उनकी वीरता हमेशा देश की स्मृतियों में अमर रहेगी।

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