महवल लेदर पार्क पर जवाबदेही की परीक्षा
महवल के लेदर पार्क की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण प्रमाण उद्घाटन समारोह नहीं, बल्कि उसके बाद तैयार होने वाला सरकारी रिकॉर्ड होगा। कितने उद्योग चालू हुए, कितने लोगों को नौकरी मिली, कितना निजी निवेश जमीन पर उतरा और स्थानीय कारोबारियों को कितना काम मिला—इन सवालों का जवाब बियाडा के पास मौजूद आवंटन, निरीक्षण और परियोजना संबंधी अभिलेखों से तलाशा जा सकता है। सवाल उठता है कि क्या इन आंकड़ों को हासिल करने के लिए कोई संस्थागत रास्ता मौजूद है? क्या बिहार की औद्योगिक नीति में परियोजनाओं की उपलब्धियों की रिपोर्टिंग का प्रावधान है और क्या स्थानीय नागरिक तथा पत्रकार इन दस्तावेजों के आधार पर सरकार से जवाब मांग सकते हैं?
आधिकारिक दस्तावेजों में इसका एक महत्वपूर्ण आधार मिलता है। बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2016 के खंड 10.1.4 में उद्योग विभाग और संबंधित निदेशालयों के साथ बियाडा को नीति की उपलब्धियों पर त्रैमासिक रिपोर्ट प्रकाशित करने की व्यवस्था का उल्लेख है। खंड 10.2 में निगरानी समिति और समय-समय पर समीक्षा की व्यवस्था भी दर्ज है। हालांकि, इस प्रावधान को महवल लेदर पार्क की कंपनीवार रोजगार रिपोर्ट पहले से प्रकाशित होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। यह नीति में दर्ज रिपोर्टिंग और निगरानी की व्यवस्था है। महवल के लिए अलग से कौन-सी रिपोर्ट तैयार हुई है, इसकी पुष्टि संबंधित विभाग के अभिलेखों से ही होगी।
औद्योगिक नीति में रिपोर्टिंग का प्रावधान है?
बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2016 में उपलब्धियों की त्रैमासिक रिपोर्ट प्रकाशित करने की व्यवस्था दर्ज है। उसी नीति में परियोजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी, बाधाओं की पहचान और जरूरत के अनुसार समीक्षा का भी उल्लेख है। इस प्रावधान से एक महत्वपूर्ण सवाल पैदा होता है। यदि औद्योगिक निवेश का उद्देश्य रोजगार और क्षेत्रीय विकास है, तो उपलब्धियों की समीक्षा में केवल स्वीकृत निवेश या आवंटित जमीन ही क्यों देखी जाए? वास्तविक उत्पादन और रोजगार की प्रगति भी महत्वपूर्ण होनी चाहिए। महवल के मामले में उपयोगी रिपोर्ट में कम से कम ये विवरण होने चाहिए। कितनी आवंटित इकाइयों ने उत्पादन शुरू किया। प्रत्येक इकाई में कितने कर्मचारी काम कर रहे हैं। प्रस्तावित और वास्तविक निवेश में कितना अंतर है। कितने स्थानीय युवाओं को नौकरी मिली। महिलाओं के रोजगार और कौशल प्रशिक्षण की स्थिति क्या है। स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं और छोटे कारोबारियों को कितना काम मिला। इन आंकड़ों के बिना यह समझना कठिन होगा कि औद्योगिक परिसर की प्रगति स्थानीय अर्थव्यवस्था में किस हद तक पहुंच रही है।
यहां एक कानूनी सावधानी भी जरूरी है। वर्ष 2016 की नीति में रिपोर्टिंग का प्रावधान मिलना यह साबित नहीं करता कि महवल के लिए ऐसी कंपनीवार रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। इसके अलावा, नीति की मूल अवधि और बाद में लागू संशोधनों या नई नीतियों की स्थिति भी अलग से जांचनी होगी। इसलिए संबंधित विभाग से वर्तमान में लागू प्रावधान और महवल पर लागू निगरानी व्यवस्था का लिखित स्पष्टीकरण मांगना जरूरी है।
बतातें चलें कि बियाडा के अधिकारी और विभागीय संपर्क सार्वजनिक हैं। बियाडा की आधिकारिक वेबसाइट पर मोतीपुर के उप महाप्रबंधक नीरज कुमार मिश्रा का नाम, फोन नंबर और ईमेल पता दर्ज है। इसी वेबसाइट पर महवल औद्योगिक क्षेत्र के सहायक क्षेत्र प्रबंधक राजनीश कुमार का संपर्क नंबर और ईमेल दिया गया है। ये संपर्क विवरण इसलिए उपयोगी हैं, क्योंकि महवल की प्रगति पर स्थानीय स्तर पर सवाल रखने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान की जा सकती है।
स्थानीय परिवारों की आय का हिसाब कैसे निकलेगा?
रोजगार और निवेश का प्रभाव मापने में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि किसी औद्योगिक पार्क के आंकड़े सीधे स्थानीय परिवारों की आय नहीं बताते। उदाहरण के लिए, यदि किसी कंपनी में 100 कर्मचारी काम करते हैं, तो इससे यह पता नहीं चलता कि उनमें कितने मुजफ्फरपुर या आसपास के जिलों के निवासी हैं। यह भी जरूरी नहीं कि सभी कर्मचारी समान वेतन पाते हों या उनकी नौकरी पूरे वर्ष बनी रहती हो। स्थानीय आर्थिक प्रभाव समझने के लिए तीन स्तरों पर आंकड़े चाहिए। पहला, प्रत्यक्ष रोजगार। इसमें कर्मचारियों की संख्या, काम का प्रकार, वेतन और नियुक्ति की प्रकृति शामिल होनी चाहिए। दूसरा, अप्रत्यक्ष रोजगार। परिवहन, पैकेजिंग, मशीन मरम्मत, भोजन, सुरक्षा और अन्य सेवाओं में पैदा हुए काम का अलग आकलन होना चाहिए। इन नौकरियों को कारखानों के प्रत्यक्ष रोजगार के साथ जोड़ते समय दोहरी गणना से बचना जरूरी है। तीसरा, स्थानीय कारोबार। कंपनियां कितना कच्चा माल या सेवाएं स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं से खरीदती हैं, यह जानकारी बताएगी कि औद्योगिक गतिविधि का कितना हिस्सा जिले की अर्थव्यवस्था में रह रहा है।
परिवारों की वास्तविक आय में बदलाव जानने के लिए गोपनीय व्यक्तिगत वेतन रिकॉर्ड प्रकाशित करना जरूरी नहीं है। औसत वेतन, स्थानीय नियुक्तियों का अनुपात, रोजगार की अवधि और स्थानीय खरीद के समेकित आंकड़े भी उपयोगी हो सकते हैं। इसलिए बियाडा की रिपोर्टिंग के साथ उद्योग विभाग, श्रम विभाग और स्थानीय प्रशासन के आंकड़ों का मिलान करना अधिक विश्वसनीय तरीका होगा।
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