रोजगार का हिसाब अब भी अधूरा
बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी बियाडा की वेबसाइट पर उपलब्ध भूमि बैंक रिपोर्ट, परियोजना मंजूरी समिति के दस्तावेज और अधिकारियों की संपर्क सूची से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आते हैं। साथ ही, इन अभिलेखों की सीमाएं भी स्पष्ट होती हैं। सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि महवल में औद्योगिक जमीन और उत्पादन संबंधी ढांचा विकसित करने की प्रक्रिया का दस्तावेजी आधार मौजूद है। कुछ कंपनियों के नाम और उनके प्रस्तावों का रिकॉर्ड भी मिलता है। लेकिन उपलब्ध सार्वजनिक दस्तावेजों से अभी यह साबित नहीं होता कि सभी पांच इकाइयों में नियमित व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है या 2,100 लोगों को नियुक्त किया जा चुका है। यह अंतर केवल आंकड़ों का नहीं है। इसी से तय होगा कि महवल की औद्योगिक परियोजना स्थानीय युवाओं को वास्तविक रोजगार दे रही है या अभी उस लक्ष्य तक पहुंचने की प्रक्रिया में है।
140.95 करोड़ रुपये की परियोजना की पुष्टि
मुख्यमंत्री सचिवालय की 15 अक्टूबर 2026 की आधिकारिक विज्ञप्ति महवल लेदर, फुटवियर एवं एक्सेसरीज क्लस्टर और साझा सुविधा केंद्र के उद्घाटन की पुष्टि करती है। इसमें परियोजना की लागत 140.95 करोड़ रुपये बताई गई है। विज्ञप्ति के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान औद्योगिक इकाइयों को शेड और भूमि आवंटन पत्र वितरित किए गए। उद्योग विभाग और फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर की जानकारी भी दी गई है। इसलिए परियोजना की लागत को प्रमाणित तथ्य माना जा सकता है, लेकिन इसी आधार पर निजी कंपनियों के वास्तविक निवेश या रोजगार की उपलब्धि का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
बियाडा की भूमि बैंक रिपोर्ट में क्या मिला?
इस पड़ताल में एक महत्वपूर्ण प्राथमिक दस्तावेज मिला है। बियाडा की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध लैंड बैंक रिपोर्ट, जिसकी तारीख 15 मई 2025 है, महवल लेदर पार्क के लिए कुल 64.64 एकड़ भूमि और 48.9 एकड़ आवंटन योग्य भूमि दर्ज करती है। इसी रिपोर्ट के प्लग-एंड-प्ले खंड में लेदर पार्क महवल के लिए 85,250 वर्गफीट उपलब्ध शेड क्षेत्र भी दर्ज है। यह दस्तावेज बताता है कि पार्क के लिए जमीन और तैयार औद्योगिक ढांचे की योजना उद्घाटन से काफी पहले सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद थी। हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण सावधानी है। 2023 की अधिसूचना और 2026 की खबरों में 62.17 एकड़ का उल्लेख मिलता है, जबकि मई 2025 की भूमि बैंक रिपोर्ट में 64.64 एकड़ दर्ज है।
इन आंकड़ों का अंतर अपने आप में किसी अनियमितता का प्रमाण नहीं है। संभव है कि अलग-अलग दस्तावेजों में परियोजना की सीमा, कुल अधिसूचित भूमि और संबंधित औद्योगिक परिसर की गणना अलग हो। लेकिन अंतिम पुष्टि के लिए बियाडा का संशोधित साइट प्लान, भूमि का खेसरा-वार विवरण और परियोजना की स्वीकृत सीमा देखना आवश्यक होगा। इसलिए दस्तावेजों के आधार पर अभी इतना कहा जा सकता है कि भूमि और शेड का सरकारी रिकॉर्ड मौजूद है। कुल क्षेत्रफल में अंतर का स्पष्टीकरण उपलब्ध सार्वजनिक दस्तावेजों से पूरी तरह स्पष्ट नहीं होता।
परियोजना मंजूरी समिति की फाइल में बीएमएमजे एंड सन्स का नाम
बियाडा की वेबसाइट पर उपलब्ध परियोजना मंजूरी समिति की 13 नवंबर 2024 की कार्यवाही में एक महत्वपूर्ण प्रविष्टि मिलती है। इसमें मेसर्स बीएमएमजे एंड सन्स प्राइवेट लिमिटेड का नाम लेदर पार्क महवल के प्लग-एंड-प्ले शेड के संदर्भ में दर्ज है। प्रस्ताव में फुटवियर, बैग और बेल्ट निर्माण का उल्लेख है। इसके लिए 15,500 वर्गफीट क्षेत्र के चार शेड खंडों का विवरण दिया गया है और प्रस्ताव को “अनुशंसित” बताया गया है।
यह दस्तावेज इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पता चलता है कि कम से कम एक कंपनी के औद्योगिक प्रस्ताव पर पार्क के उद्घाटन से पहले ही सरकारी समिति के स्तर पर विचार हो रहा था। लेकिन “अनुशंसित” शब्द का अर्थ अंतिम आवंटन, मशीन स्थापना या उत्पादन शुरू होना नहीं है। प्रस्ताव की सिफारिश के बाद भी संबंधित आवंटन आदेश, भुगतान, कब्जा और उत्पादन की स्थिति अलग से सत्यापित करनी पड़ती है। 10 अक्टूबर 2026 की दैनिक जागरण रिपोर्ट में बीएमएमजे एंड सन्स को उन 3 कंपनियों में शामिल बताया गया है, जिन्हें तैयार शेड आवंटित किए गए थे। इस तरह 2024 की समिति कार्यवाही और 2026 की रिपोर्ट के बीच एक दस्तावेजी संबंध दिखाई देता है। लेकिन इस संबंध से कंपनी की मौजूदा उत्पादन क्षमता या कर्मचारियों की संख्या का पता नहीं चलता।
क्या पता चला, क्या बाकी है?
दैनिक जागरण की 10 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में बियाडा के उप महाप्रबंधक नीरज मिश्रा के हवाले से 5 कंपनियों के नाम और आवंटन का विवरण दिया गया है। तीन कंपनियों को तैयार शेड आवंटित किए जाने और दो कंपनियों को भूखंड मिलने की जानकारी प्रकाशित हुई है।
सार्वजनिक अभिलेखों और प्रकाशित रिपोर्टों से उपलब्ध स्थिति
| कंपनी | सार्वजनिक रिकॉर्ड में क्या मिला | क्या अभी प्रमाणित नहीं है |
| बीएमएमजे एंड सन्स | 2024 की समिति कार्यवाही में प्रस्ताव अनुशंसित; 2026 की रिपोर्ट में शेड आवंटन | वर्तमान उत्पादन और कर्मचारी संख्या |
| पटना लेदर्स | 2026 की रिपोर्ट में तैयार शेड आवंटन | अंतिम आवंटन आदेश का विवरण, उत्पादन और नियुक्तियां |
| देव हैंडीक्राफ्ट | 2026 की रिपोर्ट में तैयार शेड आवंटन | कंपनी की वर्तमान उत्पादन स्थिति और रोजगार |
| सोलिवक्स प्राइवेट लिमिटेड | 15,000 वर्गफीट भूखंड आवंटन की रिपोर्ट | कब्जा, मशीन स्थापना, उत्पादन और रोजगार |
| एबीसी लेदर्स | 87,120 वर्गफीट भूखंड आवंटन की रिपोर्ट | महवल इकाई का संचालन, स्थानीय नियुक्तियां और वास्तविक निवेश |
स्रोत: दैनिक जागरण, 10 अक्टूबर 2026; बियाडा की परियोजना मंजूरी समिति की 13 नवंबर 2024 की कार्यवाही।
यह तालिका किसी कंपनी की विफलता या निष्क्रियता का दावा नहीं करती। यह केवल बताती है कि उपलब्ध सार्वजनिक अभिलेख किस स्तर तक जानकारी देते हैं। उदाहरण के लिए, किसी कंपनी की पहले से चल रही उत्पादन इकाई हो सकती है, लेकिन महवल में उसका नया संयंत्र अभी तैयार हो रहा हो। दूसरी ओर, शेड आवंटित होने के बाद भी उत्पादन शुरू होने में समय लग सकता है। कंपनीवार सत्यापन के बिना दोनों स्थितियों के बीच अंतर करना संभव नहीं है।
गणना का दस्तावेज सार्वजनिक नहीं
16 अक्टूबर 2026 की हिन्दुस्तान रिपोर्ट में पांच इकाइयों के उद्घाटन के साथ लगभग 2,100 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना बताई गई है। यह एक प्रकाशित रोजगार अनुमान है, वास्तविक नियुक्तियों का प्रमाणित आंकड़ा नहीं। इस पड़ताल में उपलब्ध मुख्यमंत्री सचिवालय की विज्ञप्ति, बियाडा की भूमि बैंक रिपोर्ट और परियोजना मंजूरी समिति के मिले दस्तावेजों में 2,100 रोजगार की कंपनीवार गणना नहीं मिली है। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि विभाग के पास ऐसा कोई दस्तावेज नहीं है। लेकिन जब तक मूल परियोजना रिपोर्ट या आधिकारिक रोजगार विवरण सामने नहीं आता, तब तक इस संख्या का आधार सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं किया जा सकता है।
एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु है कि 15 अक्टूबर को उद्घाटन हुआ और 16 अक्टूबर को रोजगार की संभावना की खबर प्रकाशित हुई। इतने कम समय में केवल उद्घाटन की खबर से सभी नियुक्तियों की पुष्टि नहीं हो सकती। यह भी संभव है कि आंकड़ा आने वाले समय की अनुमानित क्षमता को दर्शाता हो। इसलिए फिलहाल 2,100 को रोजगार का लक्ष्य या संभावना कहना उचित है, हासिल हो चुका रोजगार कहना जल्दीबाजी होगी।
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