बुधवार, मई 6, 2026 3:04 अपराह्न IST
होमKKN Specialभारत में संसदीय राजनीति की गरिमा दाव पर

भारत में संसदीय राजनीति की गरिमा दाव पर

Published on

भारत में संसदीय राजनीति की गरिमा अब सवालो के घेरे में है। पूरा देश अपने रहनुमाओं के कारगुजारियों से सकते में है। रहनुमा भी एक दूसरे पर मर्यादा को तार-तार करने के आरोप लगाते रहें हैं। ऐसे में सवाल भी उठने लगा है कि संसदीय मर्यादा को किसने तोड़ा? इस सवाल पर जन मानस भले ही बंटा हो। पर, टूटते मर्यादा से किसी को भी इनकार नहीं है। हालात इस मोड़ पर है कि संसदीय व्यवस्था से आवाम का भरोसा उठने का खतरा भी मंडराने लगा है।

कौन करेगा सुधार
भारत में सात दशक से चली आ रही संसदीय परंपरा की सूढृता को धरासयी करने के लिए जिम्मेवार कौन? बहरहाल, यह सवाल चर्चा का विषय बन चुका है। हालांकि, इसका सबसे दुखद पहलू ये है कि देश का आवाम जाति, धर्म और पार्टी में बट कर, इस सवालो का जवाब तलाशने में लगें हैं। नतीजा, सम्यक निष्कर्ष से हम अक्सर दूर ही छूट जातें हैं और मूल समस्या को ठीक से समझ भी नहीं पाते है। मौजूदा दौर में हममें से अधिकांश लोग इसी को राजनीति भी कहने लगे हैं।
संसदीय प्रणाली का मतलब
दरअसल, भारत दुनिया का सबसे मजबूत संसदीय प्रणाली वाला देश है। संसद में इस देश की तस्वीर ही नही, बल्कि तकदीर भी तय होता है। जहां गरीबी, शिक्षा, रोजगार, आधारभूत संरचना, रक्षा और जन सरोकार की दिशा तय होनी चाहिए थी। वहां बैठ कर पार्टियां अपना एजेंडा चलाने लगी है। विकास और जीडीपी की जगह हमने अपने संसद को चुनाव प्रचार का अखाड़ा बना दिया है। कहतें है कि सांसद, जब राष्ट्रवाद को हाशिये पर रख कर, व्यक्तिवाद को चमकाने में लग जाएं, तो संसदीय प्रणाली की गरिमा पर सवाल उठना लाजमी हो जायेगा।
खतरे में है भविष्य
कहतें हैं कि शेर, वह अल्फाज है, जिसके सहारे कम शब्दो में हम पूरी बात रख देते है। किंतु, हालिया दिनो में संसद के भीतर शेरो-शायरी का जो दौर शुरू हुआ है, वह चौकाने वाला है। आलम यही रहा तो निकट भविष्य में हमें अपने लिए सांसद नहीं, बल्कि, बेहतर शायर चुनना पड़ेगा। सोचिए, तब क्या होगा, जब संसद में जन सरोकार के बदले पप्पी-झप्पी और आंख मटकाने पर चर्चा होने लगे। किसने और किसको बेहतर तरीके से आंख मारा? इस पर मत विभाजन होने लगे। गले पड़ना नियम संगत है कि नहीं? इस पर डिबेट शुरू हो जाये और आवाम इसी को आधार बना कर मतदान भी करने लगे। तब क्या होगा? हकीकत तो ये है कि हम इस रेस का हिस्सा बन चुकें हैं। सवाल ये नहीं है कि गलती किसने की? सवाल ये है कि उनको ऐसी हरकत करने की ताकत किसने दी और सबसे बड़ा सवाल ये कि ऐसी ओछी हरकत के बाद भी, हम कब तक ताली बजा-बजा कर, वाह-वाह करते रहेंगे? सोचिए…, सोचने का वक्त आ गया है।

सबसे पहले KKN Live के इस पेज को आप फॉलो कर लें। ताकि, आप हमारे पोस्ट का हिस्सा बन सके। यदि यह पोस्ट आपको पसंद आये, तो इसे लाइक और शेयर जरुर करें। आप इस पर अपनी प्रतिक्रिया जरुर लिखें। मुझे आपके जवाब का इंतजार रहेगा।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

चांडिल डैम का डरावना सच | क्या सच में सुनाई देती हैं चीखें?

क्या सच में Chandil Dam के आसपास रात में रहस्यमयी आवाजें सुनाई देती हैं?...

दशम, हुण्डरू और रजरप्पा फॉल की अनसुनी सच्चाई

क्या आपने कभी सोचा है कि पानी सिर्फ बहता नहीं… बल्कि गरजता भी है?...

क्या सुविधा के नाम पर आपकी जासूसी हो रही है?

क्या भारत का भविष्य एक स्मार्ट सिटी है… या एक निगरानी वाला सिस्टम? कल्पना...

नीतीश से सम्राट तक: क्या बिहार में सत्ता बदलते ही बदलेगा पूरा सिस्टम?

बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी है। क्या वाकई नीतीश कुमार का...

More like this

क्या बिहार में बदलेगी सत्ता की स्क्रिप्ट या दोहराएगा इतिहास?

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति में सचमुच एक युग का अंत और दूसरे...

बिहार में RTI सिस्टम ध्वस्त! 30,000 अपीलें लंबित, हाई कोर्ट सख्त—क्या खत्म हो रही पारदर्शिता?

KKN ब्यूरो। बिहार में पारदर्शिता की रीढ़ मानी जाने वाली सूचना का अधिकार (RTI)...

नीतीश युग का अंत या नई शुरुआत? सम्राट चौधरी के हाथों में बिहार की सत्ता का नया समीकरण

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है…...

क्या ट्रंप हार गए ईरान से? स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर संकट, चीन की एंट्री और भारत के लिए बड़ा खेल

KKN ब्यूरो। क्या सच में Donald Trump ईरान के सामने झुक गए? क्या अमेरिका...

क्या ईरान सिर्फ एक देश है या एक ऐसी रणनीति, जिसे हराना नामुमकिन है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है… कि दशकों से प्रतिबंध झेल रहा एक...

ट्रंप की दादागिरी का असली चेहरा अब दुनिया के सामने है

KKN ब्यूरो। क्या अमेरिका मिडिल ईस्ट में फंस चुका है? क्या ट्रंप की ‘दादागिरी’...

अफगानिस्तान का नूर खान एयरबेस पर हमला: पाकिस्तान को दिया गया एक रणनीतिक संदेश

KKN ब्यूरो। दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घटती हैं जो केवल...

क्या दुनिया एक और हिरोशिमा मोमेंट की ओर बढ़ रही है?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया को पता भी है कि मिडिल ईस्ट में चल रही...

ईरान पर अमेरिकी हमला या चीन को घेरने की रणनीति?

KKN ब्यूरो। क्या मिडिल ईस्ट में उठती हर जंग की आग के पीछे कोई...

मिडिल ईस्ट की जंग: क्या दुनिया की इंटरनेट नसों पर कब्ज़े की लड़ाई शुरू हो चुकी है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है कि मिडिल ईस्ट की हर जंग का...

क्या मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई अमेरिका की दादागिरी?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया एक बार फिर उसी खतरनाक मोड़ पर खड़ी है, जहां...

क्या नीतीश कुमार का दौर खत्म होने वाला है और क्या बीजेपी लिख रही है नई सत्ता की पटकथा?

पटना की राजनीति में अचानक क्यों तेज हुई फुसफुसाहट? KKN ब्यूरो। क्या बिहार में फिर...

INDIA गठबंधन में ‘साइलेंट क्राइसिस? 2026 से पहले बदलते सियासी समीकरण क्या है

KKN ब्यूरो। भारत की राजनीति एक बार फिर संक्रमण काल में है। लोकसभा चुनाव 2024...

बिहार विधानसभा चुनाव के बाद सक्रिय हुए प्रशांत किशोर, 8 फरवरी से शुरू करेंगे बिहार यात्रा

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के बाद जन सुराज पार्टी के नेता...

झपहां बने मुजफ्फरपुर का पूर्वी अनुमंडल?

मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा में उठी मांग, विधायक अजय कुमार की मांग के मायने...