गुरूवार, अप्रैल 23, 2026 4:16 अपराह्न IST
होमKKN Specialगृह प्रबन्धन: गृहिणी की एक चुनौती

गृह प्रबन्धन: गृहिणी की एक चुनौती

Published on

राज किशोर प्रसाद
आज की आधुनिक परिवेश में गृह प्रबन्धन गृहणियों की एक चुनौती बन गई है। परिवार चाहे एकल हो या संयुक्त गृहिणियों को अपने गृह व परिवार को समुचित प्रबन्धन की कसौटी पर खड़ा करना गृहिणी की दक्षता कुशलता व विवेक पर निर्भर करता है। आज के परिवेश में भाग दौड़ की जिंदगी सीमित संसाधन भारी व बड़ी जिम्मेदारियो के बीच कुशल प्रबन्धन चुनौतियों से भरी पड़ी है।
प्राचीन  काल से भारतीय परिवारो में गृह प्रबन्ध का बड़ा महत्व रहा है। वर्तमान समय में समुचित गृह प्रबन्ध पर ही परिवार का भविष्य निर्भर करता था। सामान्य रूप से गृह प्रबन्धन समुचित व्यवस्थापन से है जिसके माध्यम से परिवार अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करता है। गृह प्रबन्ध वह मानक है जो परिवार की खुशियां सुख समृद्धि स्वास्थ्य और परिवार के सभी सदस्यों के उज्ज्वल भविष्य को तय करती है। इसके लिये यह जरूरी है कि गृहणी से लेकर गृह के सभी सदस्यों को हर क्षेत्र में प्रत्येक स्तर पर अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से करे।
पारिवारिक व घरेलू संसाधनो का सदुपयोग गृहणी की सूझ बुझ पर भी निर्भर करता है। मानवीय और अमानवीय उपलब्ध संसाधनो  का सही नियोजन और नियंत्रण गृहणी की दक्षता व कुशलता की कील पर घूर्णन करती है। सफलता कील  की मजबूती पर निर्भर करती है। सफल गृह प्रबन्धन का उद्देश्य उपलब्ध संसाधनो से  उपयोग कर पारिवारिक लक्ष्य की प्राप्ति करना है। इसके लिये जीवन निर्वहन एक नियोजित शैली में होनी चाहिये। समय शक्ति ऊर्जा धन भौतिक वस्तुओ के साथ साथ परिवार के सदस्यों की मनोवृति रुचियों कार्यकुशलता दक्षता ज्ञान सामुदायिक सुविधा के महत्व को समझते हुये संसाधनों में क्रमबद्धता स्थापित करना गृहणी के लिये बहुत ही चुनौतीपूर्ण कार्य है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

नीतीश से सम्राट तक: क्या बिहार में सत्ता बदलते ही बदलेगा पूरा सिस्टम?

बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी है। क्या वाकई नीतीश कुमार का...

क्या बिहार में बदलेगी सत्ता की स्क्रिप्ट या दोहराएगा इतिहास?

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति में सचमुच एक युग का अंत और दूसरे...

ब्लैक फ्राइडे: एक खामोश हकीकत

यह एक खामोश हकीकत है। अगर एक फिल्म... सिर्फ एक घटना को दिखा रही...

बिहार में RTI सिस्टम ध्वस्त! 30,000 अपीलें लंबित, हाई कोर्ट सख्त—क्या खत्म हो रही पारदर्शिता?

KKN ब्यूरो। बिहार में पारदर्शिता की रीढ़ मानी जाने वाली सूचना का अधिकार (RTI)...

More like this

क्या ट्रंप हार गए ईरान से? स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर संकट, चीन की एंट्री और भारत के लिए बड़ा खेल

KKN ब्यूरो। क्या सच में Donald Trump ईरान के सामने झुक गए? क्या अमेरिका...

क्या ईरान सिर्फ एक देश है या एक ऐसी रणनीति, जिसे हराना नामुमकिन है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है… कि दशकों से प्रतिबंध झेल रहा एक...

ट्रंप की दादागिरी का असली चेहरा अब दुनिया के सामने है

KKN ब्यूरो। क्या अमेरिका मिडिल ईस्ट में फंस चुका है? क्या ट्रंप की ‘दादागिरी’...

अफगानिस्तान का नूर खान एयरबेस पर हमला: पाकिस्तान को दिया गया एक रणनीतिक संदेश

KKN ब्यूरो। दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घटती हैं जो केवल...

क्या दुनिया एक और हिरोशिमा मोमेंट की ओर बढ़ रही है?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया को पता भी है कि मिडिल ईस्ट में चल रही...

ईरान पर अमेरिकी हमला या चीन को घेरने की रणनीति?

KKN ब्यूरो। क्या मिडिल ईस्ट में उठती हर जंग की आग के पीछे कोई...

मिडिल ईस्ट की जंग: क्या दुनिया की इंटरनेट नसों पर कब्ज़े की लड़ाई शुरू हो चुकी है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है कि मिडिल ईस्ट की हर जंग का...

क्या कोई राजनीतिक व्यक्ति कभी सुप्रीम कोर्ट का जज बना?

बिना क़ानून की डिग्री, राजनीति और न्यायपालिका पर उठे सबसे बड़े सवाल KKN ब्यूरो। भारतीय...

गुमनाम हकीकत” – संपूर्ण पुस्तक समीक्षा

KKN ब्यूरो। "गुमनाम हकीकत: अ फॉरगॉट्न हिस्ट्री" कौशलेंद्र झा द्वारा लिखी गई एक अतुलनीय...

टू नेशन थ्योरी: विभाजन की वैचारिक नींव और उसका सच

धर्म के आधार पर एक राष्ट्र की परिकल्पना से लेकर भारत के बंटवारे तक KKN...

सहदेव झा…एक गुमनाम शख्सियत

अगस्त क्रांति का महानायक KKN न्यूज ब्यूरो। बिहार में मुजफ्फरपुर जिला का एक कस्बा है-मीनापुर...।...
00:10:01

जब मुजफ्फरपुर बना आज़ादी की जंग का गढ़: खुदीराम, शारदा और सहदेव की अनसुनी कहानी

जब भी हम स्वतंत्रता संग्राम की बात करते हैं, तो दिल्ली, बंगाल और पंजाब...

अगर रामायण की घटनाएं आज होतीं तो कैसी होती खबरें?

KKN न्यूज ब्यूरो। धार्मिक ग्रंथ रामायण का हर प्रसंग हमें जीवन के महत्वपूर्ण संदेश...

गुरु रविदास: समाज सुधार और आध्यात्मिकता के प्रतीक

KKN न्यूज ब्यूरो। हर साल माघ पूर्णिमा के दिन गुरु रविदास जयंती (Guru Ravidas...

कौन थे कनकलता बरुआ और गुरुजी – “भारत छोड़ो आंदोलन” की अनसुनी दास्तान

8 अगस्त 1942, मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान में महात्मा गांधी के 'भारत छोड़ो'...