शनिवार, अप्रैल 25, 2026 9:13 पूर्वाह्न IST
होमKKN Specialदहेज मुक्त विवाह करके पेश किया मिशाल

दहेज मुक्त विवाह करके पेश किया मिशाल

Published on

इंटरनेट बना जीवन साथी तलाशने में मददगार

संजय कुमार सिंह
मुजफ्फरपुर। मनियारी थाना के सिलौत वासुदेव गांव निवासी कैलाश शर्मा के पुत्र प्रभात कुमार गोंदिया ने दहेज मुक्त विवाह करके समाज में एक बड़ा मिशाल खड़ा कर दिया है। शुक्रवार को अपने पैतृक गांव सिलौत से बारात लेकर प्रभात समस्तीपुर जिला के पुसा स्थित महमदा प्रधान गांव पहुंची और गांव के सुकुंद सिंह की पुत्री पल्लवी के साथ प्रभात ने सात फेरे लेकर विवाह के रश्म को पूरा किया।
बतातें चलें कि प्रभात महाराष्ट्र में चिकित्सा पदाधिकारी है। वही, पल्लवी पटना आईजीएमएस में डायटिशियन के पद पर कार्यरत है। इंटरनेट पर विवाह के लिए पल्लवी का फोटो देख कर प्रभात के घर वालो ने उसका वायोडाटा लड़की वालो के पास भेजा। इसके बाद लड़की व लड़के आपस में बात कर एक दूसरे से संतुष्ट हुए। बीते जुलाई महीने में पटना में रिंग शिरोमणी की औपचारिकता के पश्चात दोनो परिणय सूत्र में बंध गये है। इस बीच कुढ़नी बीडीओ हरिमोहन कुमार ने दोनों नव दम्पति को सुखद वैवाहिक जीवन के लिए बधाई दी है और दहेज मुक्त विवाह करने पर प्रखंड के लिए गौरव की बात कही है।

इधर, दहेज मुक्त विवाह की खबर से गांव व इस क्षेत्र के लोग खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहें हैं। प्रभात के पिता श्री शर्मा इस विवाह से काफी प्रसन्न है। उन्होंने बताया कि दो वर्ष पूर्व उन्होंने अपनी पुत्री ज्योति का विवाह भी दहेज मुक्त ही किया था। बहरहाल, उनकी बेटी दिल्ली में एक निजी अस्पताल में कार्यरत है। वही, दामाद दिल्ली में ही पंडित दीनदयाल अस्पताल में सर्जन है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

नीतीश से सम्राट तक: क्या बिहार में सत्ता बदलते ही बदलेगा पूरा सिस्टम?

बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी है। क्या वाकई नीतीश कुमार का...

क्या बिहार में बदलेगी सत्ता की स्क्रिप्ट या दोहराएगा इतिहास?

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति में सचमुच एक युग का अंत और दूसरे...

ब्लैक फ्राइडे: एक खामोश हकीकत

यह एक खामोश हकीकत है। अगर एक फिल्म... सिर्फ एक घटना को दिखा रही...

बिहार में RTI सिस्टम ध्वस्त! 30,000 अपीलें लंबित, हाई कोर्ट सख्त—क्या खत्म हो रही पारदर्शिता?

KKN ब्यूरो। बिहार में पारदर्शिता की रीढ़ मानी जाने वाली सूचना का अधिकार (RTI)...

More like this

क्या ट्रंप हार गए ईरान से? स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर संकट, चीन की एंट्री और भारत के लिए बड़ा खेल

KKN ब्यूरो। क्या सच में Donald Trump ईरान के सामने झुक गए? क्या अमेरिका...

क्या ईरान सिर्फ एक देश है या एक ऐसी रणनीति, जिसे हराना नामुमकिन है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है… कि दशकों से प्रतिबंध झेल रहा एक...

ट्रंप की दादागिरी का असली चेहरा अब दुनिया के सामने है

KKN ब्यूरो। क्या अमेरिका मिडिल ईस्ट में फंस चुका है? क्या ट्रंप की ‘दादागिरी’...

अफगानिस्तान का नूर खान एयरबेस पर हमला: पाकिस्तान को दिया गया एक रणनीतिक संदेश

KKN ब्यूरो। दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घटती हैं जो केवल...

क्या दुनिया एक और हिरोशिमा मोमेंट की ओर बढ़ रही है?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया को पता भी है कि मिडिल ईस्ट में चल रही...

ईरान पर अमेरिकी हमला या चीन को घेरने की रणनीति?

KKN ब्यूरो। क्या मिडिल ईस्ट में उठती हर जंग की आग के पीछे कोई...

मिडिल ईस्ट की जंग: क्या दुनिया की इंटरनेट नसों पर कब्ज़े की लड़ाई शुरू हो चुकी है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है कि मिडिल ईस्ट की हर जंग का...

क्या कोई राजनीतिक व्यक्ति कभी सुप्रीम कोर्ट का जज बना?

बिना क़ानून की डिग्री, राजनीति और न्यायपालिका पर उठे सबसे बड़े सवाल KKN ब्यूरो। भारतीय...

गुमनाम हकीकत” – संपूर्ण पुस्तक समीक्षा

KKN ब्यूरो। "गुमनाम हकीकत: अ फॉरगॉट्न हिस्ट्री" कौशलेंद्र झा द्वारा लिखी गई एक अतुलनीय...

टू नेशन थ्योरी: विभाजन की वैचारिक नींव और उसका सच

धर्म के आधार पर एक राष्ट्र की परिकल्पना से लेकर भारत के बंटवारे तक KKN...

सहदेव झा…एक गुमनाम शख्सियत

अगस्त क्रांति का महानायक KKN न्यूज ब्यूरो। बिहार में मुजफ्फरपुर जिला का एक कस्बा है-मीनापुर...।...
00:10:01

जब मुजफ्फरपुर बना आज़ादी की जंग का गढ़: खुदीराम, शारदा और सहदेव की अनसुनी कहानी

जब भी हम स्वतंत्रता संग्राम की बात करते हैं, तो दिल्ली, बंगाल और पंजाब...

अगर रामायण की घटनाएं आज होतीं तो कैसी होती खबरें?

KKN न्यूज ब्यूरो। धार्मिक ग्रंथ रामायण का हर प्रसंग हमें जीवन के महत्वपूर्ण संदेश...

गुरु रविदास: समाज सुधार और आध्यात्मिकता के प्रतीक

KKN न्यूज ब्यूरो। हर साल माघ पूर्णिमा के दिन गुरु रविदास जयंती (Guru Ravidas...

कौन थे कनकलता बरुआ और गुरुजी – “भारत छोड़ो आंदोलन” की अनसुनी दास्तान

8 अगस्त 1942, मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान में महात्मा गांधी के 'भारत छोड़ो'...