गुरूवार, मार्च 12, 2026 7:59 अपराह्न IST
होमHealthपुणे में Guillain-Barré Syndrome (GBS) के मामले, 24 मरीजों की पुष्टि, कारणों...

पुणे में Guillain-Barré Syndrome (GBS) के मामले, 24 मरीजों की पुष्टि, कारणों की जांच जारी

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क |  पुणे में Guillain-Barré Syndrome (GBS) के कई मामले सामने आए हैं, जिसने शहर और स्वास्थ्य अधिकारियों को चिंतित कर दिया है। पुणे नगर निगम (PMC) ने अब तक 24 मामलों की पुष्टि की है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है। महाराष्ट्र राज्य स्वास्थ्य विभाग ने इस असामान्य वृद्धि की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की|

इन मामलों की बढ़ती संख्या के कारण राज्य स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेषज्ञ समिति बनाई है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन मरीजों में GBS के मामले किसी सामान्य स्रोत से संबंधित हैं या नहीं।

PMC की चीफ पब्लिक हेल्थ ऑफिसर, डॉ. नीना बोराड़े, ने कहा:
“हमने प्रभावित मरीजों के घरों से पानी के नमूने एकत्र किए हैं और यह भी देख रहे हैं कि क्या वे किसी ऐसे आयोजन में गए थे, जहां दूषित पानी या भोजन का सेवन हुआ हो। फिलहाल, हम निश्चित तौर पर नहीं कह सकते कि इन मामलों का कारण क्या है। यही कारण है कि हमने विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।”

जिन 24 मामलों की पुष्टि हुई है, उनमें से अधिकांश मरीज 10 साल से कम उम्र के हैं। यह प्रवृत्ति चिंताजनक है और गहन जांच की आवश्यकता को दर्शाती है।

Guillain-Barré Syndrome (GBS) क्या है?

Guillain-Barré Syndrome (GBS) एक दुर्लभ स्थिति है, जिसमें व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) उसकी अपनी नसों (nerves) पर हमला करती है। यह मांसपेशियों की कमजोरी, झुनझुनी (tingling), और गंभीर मामलों में पक्षाघात (paralysis) का कारण बन सकती है।

GBS एक मेडिकल इमरजेंसी है और इसके लक्षणों की पहचान कर जल्द इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है। हालांकि, इस स्थिति का कोई निश्चित इलाज नहीं है। उपचार का मुख्य उद्देश्य लक्षणों को नियंत्रित करना और रिकवरी में तेजी लाना है।

GBS के लक्षण

GBS के लक्षण आमतौर पर हल्की झुनझुनी से शुरू होते हैं और समय के साथ गंभीर हो सकते हैं।
मायो क्लिनिक के अनुसार, GBS के प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:

  • उंगलियों, पैरों, टखनों या कलाई में पिन और सुई जैसा झुनझुनी
  • पैरों में कमजोरी, जो धीरे-धीरे ऊपरी शरीर तक फैल सकती है।
  • सीढ़ियां चढ़ने या चलने में कठिनाई।
  • चेहरे की मांसपेशियों में कमजोरी, जैसे बोलने, चबाने, या निगलने में परेशानी।
  • आंखों की गतिविधियों में कठिनाई या डबल विजन।
  • रात के समय अधिक महसूस होने वाला तेज दर्द।
  • मूत्राशय या मल त्याग में परेशानी।
  • दिल की धड़कन का तेज होना।
  • रक्तचाप में उतार-चढ़ाव।
  • सांस लेने में कठिनाई।

इन लक्षणों को नजरअंदाज करना गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।

GBS के संभावित कारण

GBS का सटीक कारण अज्ञात है, लेकिन यह आमतौर पर संक्रमण, सर्जरी, या प्रतिरक्षा प्रणाली की गड़बड़ी के कारण ट्रिगर हो सकता है।

GBS के संभावित ट्रिगर इस प्रकार हैं:

  1. संक्रमण:
    • कैम्पिलोबैक्टर (Campylobacter), जो अधपके मांस में पाया जाता है।
    • इंफ्लुएंजा वायरस।
    • साइटोमेगालोवायरस।
    • एप्सटीन-बार वायरस।
    • जीका वायरस।
    • हेपेटाइटिस ए, बी, सी और ई।
    • एचआईवी।
    • माईकोप्लाज्मा निमोनिया।
  2. अन्य कारण:
    • सर्जरी या शारीरिक चोट।
    • हॉजकिन लिंफोमा।
    • कुछ दुर्लभ मामलों में, फ्लू वैक्सीन या बचपन के टीके।
    • COVID-19 संक्रमण।

GBS के संभावित जटिलताएं

GBS तंत्रिकाओं (nerves) को प्रभावित करता है, जिसके कारण शरीर के कई कार्य बाधित हो सकते हैं। GBS से जुड़ी जटिलताएं इस प्रकार हैं:

  1. सांस लेने में समस्या: गंभीर मामलों में वेंटिलेटर की आवश्यकता हो सकती है।
  2. मांसपेशियों में दर्द और झुनझुनी
  3. दिल और रक्तचाप की समस्याएं
  4. मल और मूत्र त्याग में कठिनाई।
  5. ब्लड क्लॉट्स और प्रेशर सोर
  6. लक्षणों की पुनरावृत्ति (Relapse)

गंभीर मामलों में, ये जटिलताएं मरीज के जीवन के लिए खतरा बन सकती हैं।

पुणे में GBS के मामलों पर सरकार की प्रतिक्रिया

पुणे में GBS के मामलों को लेकर राज्य और स्थानीय प्रशासन ने सक्रिय कदम उठाए हैं। प्रमुख कार्यवाही में शामिल हैं:

  • पानी की जांच: मरीजों के घरों से लिए गए पानी के नमूनों का विश्लेषण।
  • सामाजिक कार्यक्रमों की जांच: यह पता लगाना कि क्या मरीज किसी सामान्य कार्यक्रम में गए थे।
  • जन जागरूकता: लोगों को GBS के लक्षणों और संभावित जोखिमों के प्रति सतर्क किया जा रहा है।

PMC ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे साफ-सफाई का ध्यान रखें, सुरक्षित पानी का उपयोग करें, और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

GBS से बचाव के उपाय

हालांकि GBS को पूरी तरह से रोकना संभव नहीं है, लेकिन निम्नलिखित उपाय अपनाकर इसके जोखिम को कम किया जा सकता है:

  1. हाइजीन का ध्यान रखें: नियमित रूप से हाथ धोएं और साफ-सफाई का ध्यान रखें।
  2. खाद्य सुरक्षा का पालन करें: मांस और अन्य खाद्य पदार्थों को अच्छी तरह पकाएं।
  3. टीकाकरण की योजना बनाएं: वैक्सीन लगवाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें, खासकर अगर आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है।
  4. लक्षणों को पहचानें: झुनझुनी, कमजोरी, या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

पुणे में Guillain-Barré Syndrome (GBS) के मामले गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग और PMC द्वारा उठाए गए कदम इस स्थिति को नियंत्रण में लाने और इसके संभावित कारणों की पहचान करने की दिशा में अहम हैं।

GBS के लक्षणों के प्रति जागरूक रहना और समय पर इलाज कराना महत्वपूर्ण है। इस दुर्लभ बीमारी के प्रति सतर्कता और जिम्मेदारी न केवल मरीजों की स्थिति को सुधार सकती है, बल्कि बड़ी जनसंख्या को भी सुरक्षित रख सकती है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

क्या दुश्मन भारत का सैटेलाइट गिरा सकता है? क्या है स्पेस वॉर का खतरनाक सच

कल्पना कीजिए—अगर अचानक भारत का कोई सैटेलाइट अंतरिक्ष में काम करना बंद कर दे...

क्या तेहरान से शुरू होगी नई विश्व व्यवस्था? जानिए मिडिल ईस्ट की जंग का असली खेल

मिडिल ईस्ट में उठती युद्ध की लपटें क्या सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई हैं… या...

क्या अंग्रेजों की ‘सबसे खतरनाक दुश्मन’ थीं रानी लक्ष्मीबाई?

क्या सचमुच रानी लक्ष्मीबाई ने महिलाओं की अलग सैन्य टुकड़ी बनाई थी? क्यों अंग्रेजी...

क्या मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई अमेरिका की दादागिरी?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया एक बार फिर उसी खतरनाक मोड़ पर खड़ी है, जहां...

More like this

खराब lifestyle बना फैटी लिवर की बड़ी वजह, जानिए क्या न खाएं

आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले...

8 घंटे की नींद के बाद भी थकान क्यों रहती है

कई लोग मानते हैं कि आठ घंटे की नींद पर्याप्त होती है। इसके बावजूद...

हार्ट अटैक के दौरान घर में अकेले हों तो क्या करें, जानिए विशेषज्ञ की सलाह

भारत में हार्ट अटैक के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। डॉक्टरों...

प्रोटीन की कमी से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं

आजकल वजन घटाने, फिटनेस और हार्मोन बैलेंस को लेकर लोग अपनी डाइट में कई...

सेब के छिलके से मिलेगा नेचुरल ग्लो, महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं

खूबसूरत और हेल्दी त्वचा पाने के लिए लोग अक्सर महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का...

बाजार में बिक रहे नकली चावल से रहें सावधान, बढ़ती मिलावट से लोगों की सेहत पर बढ़ रहा खतरा

आज के समय में food adulteration एक गंभीर समस्या बन चुकी है। लगभग हर...

सर्दियों में पानी कम पीना बन सकता है बड़ा health risk, किडनी से लेकर दिमाग तक पड़ता है असर

सर्दियों का मौसम शुरू होते ही शरीर में पानी की कमी से जुड़े स्वास्थ्य...

प्रेमानंद महाराज : आखिर हमारे मन को कौन करता है कंट्रोल

दैनिक जीवन में अक्सर लोगों को यह महसूस होता है कि उनका मन उनके...

रोज का पानी बनाइए सेहत का पावरहाउस, न्यूट्रिशनिस्ट की आसान सलाह

आजकल लोग हेल्दी रहने के लिए महंगे detox drinks, supplements और superfoods की तलाश...

सर्दियों में गुड़ का काढ़ा : इम्युनिटी बढ़ाने और शरीर को गर्म रखने का घरेलू तरीका

सर्दियों के मौसम में शरीर को अतिरिक्त गर्माहट, मजबूत इम्युनिटी और बेहतर पाचन की...

जानिए सर्दियों में मूंगफली खाने के फायदे

सर्दियों के मौसम में मूंगफली सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले स्नैक्स में शामिल...

सर्दियों में हाथों की देखभाल : रूखे और फटे हाथों से बचने के आसान उपाय

सर्दियों का मौसम भले ही लोगों को पसंद आता हो, लेकिन यह स्किन के...

सरकारी अस्पतालों को बड़ी राहत, 5006 एएनएम की तैनाती की तैयारी पूरी

बिहार के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है।...

सर्दियों में फटे होंठ सेहत का संकेत भी हो सकते हैं

सर्दियों में फटे होंठ एक आम समस्या मानी जाती है। अधिकतर लोग इसे ठंडी...

डैंड्रफ से राहत पाने का आसान घरेलू उपाय, नारियल तेल और नींबू का कमाल

डैंड्रफ यानी रूसी एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या है। यह समस्या उम्र...