बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में जहां रिश्ते अक्सर फिल्मों और रेड कार्पेट इवेंट्स तक ही सीमित रहते हैं, वहीं कुछ दोस्तियां ऐसी भी हैं जो समय की कसौटी पर खरी उतरती हैं। ऐसी ही एक मजबूत और भरोसेमंद दोस्ती है अभिनेत्री नेहा धूपिया और सोहा अली खान के बीच, जो पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से कायम है।
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हाल ही में The Hollywood Reporter India को दिए एक इंटरव्यू में नेहा ने अपनी इस दोस्ती के बारे में खुलकर बात की और बताया कि शादी के शुरुआती दिनों में सोहा अली खान ने उन्हें जो सलाह दी थी, वो आज भी उनके लिए एक मार्गदर्शक की तरह है।
बॉलीवुड में दस साल पुरानी है नेहा और सोहा की दोस्ती
नेहा और सोहा की दोस्ती सिर्फ प्रोफेशनल रिलेशनशिप नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा रिश्ता है जिसमें एक-दूसरे के लिए सम्मान, समझ और भावनात्मक जुड़ाव शामिल है। दोनों ने करियर के उतार-चढ़ाव, शादी, और मातृत्व की जर्नी एक-दूसरे के साथ साझा की है।
नेहा ने कहा कि सोहा सिर्फ एक साथी या सह-अभिनेत्री नहीं हैं, बल्कि वे एक सलाहकार और भरोसेमंद दोस्त हैं। शादी के शुरुआती दिनों में सोहा ने जो सलाह दी थी, वो आज भी उनके जीवन में उतनी ही प्रासंगिक है।
“पुरुषों की ईगो नाजुक होती है, सोच-समझकर बोलो” — सोहा की शादी की सलाह
नेहा धूपिया ने साल 2018 में अभिनेता अंगद बेदी से शादी की थी। इसी दौरान सोहा अली खान ने उन्हें एक महत्वपूर्ण और सटीक सलाह दी:
“सोहा ने मुझसे कहा था, ‘याद रखो, पुरुषों की ईगो बहुत नाजुक होती है, इसलिए जो भी कहना हो, सोच-समझकर कहना।’”
नेहा बताती हैं कि यह सलाह उन्हें यह समझने में मदद करती है कि रिश्ते में सिर्फ ईमानदारी ही काफी नहीं होती, बल्कि उसमें संवेदना और समझ भी जरूरी होती है।
यह सलाह सोहा को उनकी मां शर्मिला टैगोर ने दी थी
सोहा अली खान ने खुद स्वीकार किया कि यह सलाह उन्होंने अपनी मां और दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर से सीखी थी। सोहा ने बताया:
“मेरी मां ने कहा था कि एक महिला को पुरुष की ईगो का ध्यान रखना चाहिए और एक पुरुष को महिला की भावनाओं का। अगर यह संतुलन बना रहे, तो रिश्ता लंबा चलता है।”
हालांकि सोहा ने यह भी माना कि आज के समय में हालात बदल चुके हैं। अब महिलाएं भी आत्मसम्मान रखती हैं और पुरुष भी भावनात्मक रूप से संवेदनशील होते हैं। लेकिन फिर भी यह सलाह भले इरादे से दी गई थी और आज भी विवाह जैसे रिश्ते में मार्गदर्शक बन सकती है।
कुनाल खेमू और अंगद बेदी की दोस्ती
नेहा ने यह भी बताया कि उनके पति अंगद बेदी और सोहा के पति कुनाल खेमू भी एक-दूसरे के अच्छे दोस्त बन चुके हैं। दोनों ही एक-दूसरे के लिए “साउंडिंग बोर्ड” यानी सलाहकार की तरह काम करते हैं। खासकर तब, जब जीवन में माता-पिता बनने, करियर के दबाव, और निजी जिम्मेदारियों को संतुलित करने की बात आती है।
बॉलीवुड में रिश्तों की सच्चाई और चुनौतियाँ
बॉलीवुड में रिश्तों पर हर पल जनता की नजर बनी रहती है। जहां ब्रेकअप और विवाद अक्सर सुर्खियों में रहते हैं, वहीं नेहा और सोहा की कहानी यह दर्शाती है कि लंबे समय तक चलने वाली दोस्ती और सफल विवाह भी यहां संभव हैं।
नेहा ने यह भी बताया कि उनके रिश्ते की सफलता की कुंजी है: खुलकर बातचीत, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और आपसी सम्मान। उन्होंने माना कि सोहा की सलाह ने उन्हें रिश्ते में अधिक संवेदनशील और जागरूक बनाया।
मातृत्व और करियर के बीच संतुलन
नेहा और सोहा दोनों ही कामकाजी माताएं हैं और अपने बच्चों की परवरिश के साथ-साथ प्रोफेशनल कमिटमेंट को भी बखूबी निभा रही हैं। इस साझा अनुभव ने उनकी दोस्ती को और मजबूत किया है।
नेहा अक्सर सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार करती रही हैं कि एक मां होने के नाते मीडिया की निगाहों में रहना आसान नहीं है। वहीं सोहा ने भी कई बार यह कहा है कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए व्यक्तिगत सीमाओं और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है।
इस कहानी से क्या सीख मिलती है?
यह सिर्फ एक सेलेब्रिटी गॉसिप नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि सच्ची दोस्ती, समय पर दी गई सलाह, और रिश्तों में सम्मान किसी भी रिश्ते को मजबूत बना सकते हैं। चाहे कोई फिल्म स्टार हो या आम इंसान, रिश्तों की चुनौतियां और समाधान काफी हद तक समान होते हैं।
आज के इस तेज़-तर्रार समय में जहां रिश्ते आसानी से टूट जाते हैं, यह कहानी हमें यह सिखाती है कि सही सलाह और समर्थन मिलने पर रिश्ते पनप सकते हैं।



