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ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तानी कलाकारों की टिप्पणी को लेकर AICWA ने दी कड़ी प्रतिक्रिया, कहा- देश विरोधियों के लिए बॉलीवुड में कोई जगह नहीं

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KKN गुरुग्राम डेस्क | हाल ही में पहलगाम  में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल स्ट्राइक की। इस सैन्य कार्रवाई को लेकर जहां देशभर में उत्साह और संतोष का माहौल है, वहीं पाकिस्तानी कलाकारों ने इस पर आपत्तिजनक बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया है।

इन बयानों पर ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे देश और शहीदों का अपमान बताया है। AICWA ने पाकिस्तानी कलाकारों पर पहले से लागू प्रतिबंध को फिर दोहराते हुए उन्हें भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से पूरी तरह दूर रखने की अपील की है।

?? ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ भारत का सख्त जवाब

15 दिन पहले पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में कई निर्दोष नागरिक और जवान शहीद हुए थे। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकी अड्डों पर मिसाइल हमले किए, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।

इस कार्रवाई को भारत में एक जरूरी और उचित कदम माना गया, लेकिन पाकिस्तान और उसके कुछ कलाकारों ने इस पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।

 माहिरा खान और फवाद खान के विवादास्पद बयान

AICWA द्वारा साझा किए गए बयान में बताया गया है कि पाकिस्तानी अभिनेत्री माहिरा खान ने भारत की सैन्य कार्रवाई को “कायरता” करार दिया, जबकि फवाद खान ने आतंकवाद की निंदा करने के बजाय भारत पर ही आरोप लगाए और भड़काऊ बयानबाजी की।

“ये टिप्पणियां सिर्फ भारत का नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जान गंवाने वाले शहीदों और मासूम नागरिकों की शहादत का भी अपमान हैं।” – AICWA

 पाकिस्तानी कलाकारों पर फिर से पूरी तरह प्रतिबंध की मांग

AICWA ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में पाकिस्तानी कलाकारों, फिल्मकारों और निवेशकों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। संगठन ने कहा कि:

  • कोई भारतीय कलाकार किसी पाकिस्तानी कलाकार के साथ काम नहीं करेगा।

  • किसी भी अंतरराष्ट्रीय मंच या कार्यक्रम में पाकिस्तानी कलाकारों के साथ मंच साझा नहीं किया जाएगा।

  • भारतीय फिल्म जगत को इस निर्णय का पूर्ण रूप से पालन करना चाहिए।

म्यूजिक इंडस्ट्री पर भी उठे सवाल

AICWA ने भारतीय म्यूजिक कंपनियों पर भी निशाना साधा जो अब भी पाकिस्तानी गायकों और संगीतकारों को मंच और काम दे रही हैं। संगठन ने यह भी कहा कि कई भारतीय गायक विदेशों में पाकिस्तानी कलाकारों के साथ स्टेज शेयर करते हैं, जो देश की भावनाओं के साथ अन्याय है।

“इन कंपनियों और कलाकारों से अपील है कि वे अब भी वक्त रहते देश के साथ खड़े हों और ऐसे लोगों को मंच देना बंद करें जो भारत की छवि को धूमिल करते हैं।”

 फिल्म ‘अबीर गुलाल’ और फवाद खान को लेकर नाराज़गी

AICWA ने उन फिल्म निर्माताओं की भी कड़ी आलोचना की, जिन्होंने फवाद खान को फिल्म ‘अबीर गुलाल’ में कास्ट किया। ये वही अभिनेता हैं जिन्होंने पुलवामा हमले के बाद भी भारत पर आपत्तिजनक बयान दिए थे।

“ऐसे फिल्म निर्माता देश को क्या संदेश देना चाहते हैं? यह न सिर्फ देश की भावनाओं की अवहेलना है बल्कि शहीदों की शहादत का अपमान भी है।”

 AICWA का बॉलीवुड को संदेश: या तो देश के साथ, या विरोधियों के साथ

AICWA ने बॉलीवुड और क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े सभी कलाकारों और निर्माताओं से अपील की है कि वे देशहित को सर्वोपरि रखें और पाकिस्तान से किसी भी प्रकार की सांस्कृतिक या पेशेवर साझेदारी से बचें।

“अब समय आ गया है कि इंडस्ट्री तय करे—वे भारत के साथ हैं या उन लोगों के साथ जो भारत का खुलेआम विरोध करते हैं।”

 सोशल मीडिया पर जन समर्थन

AICWA के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर देशभर से समर्थन देखने को मिला। यूजर्स ने पाकिस्तान के कलाकारों के दोहरे रवैये पर सवाल उठाए—जो आतंकवादी हमलों पर चुप रहते हैं लेकिन जब भारत जवाब देता है तो आलोचना करते हैं।

कई लोगों ने मांग की कि पाकिस्तानी कलाकारों के साथ सभी प्रकार की सांस्कृतिक साझेदारी बंद की जाए।

हानिया आमिर और पाकिस्तान ज़िंदाबाद का नारा

इस विवाद में एक और नाम जुड़ा हानिया आमिर का, जिन्होंने भारत की कार्रवाई को “शर्मनाक” बताया। वहीं, फवाद खान ने पाकिस्तान ज़िंदाबाद का नारा देकर आग में घी डालने जैसा काम किया, जिससे भारतीय नागरिकों में नाराजगी और बढ़ गई।

AICWA का अंतिम बयान: “देश पहले, सब कुछ बाद में”

AICWA ने अपने बयान का अंत इस शब्दों के साथ किया:

“जो लोग बोलने की आज़ादी की आड़ में भारत विरोधी बातें करते हैं, उन्हें हमारी फिल्म इंडस्ट्री में कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए। हम पूरी मजबूती से देश के साथ खड़े हैं—क्योंकि देश सबसे पहले है।“

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