Pariksha Pe Charcha 2026 का आगाज हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के छात्रों से सीधे संवाद कर रहे हैं। कार्यक्रम के नौवें संस्करण में परीक्षा से जुड़े विषयों, पढ़ाई में एकाग्रता, तनाव प्रबंधन और जीवन संतुलन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है। परीक्षा से ठीक पहले आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत करने पर केंद्रित है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Pariksha Pe Charcha की शुरुआत वर्ष 2018 में की थी। तब से यह कार्यक्रम हर साल छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच संवाद का बड़ा मंच बन चुका है। इस इंटरएक्टिव कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री से सवाल पूछने का अवसर मिलता है।
परीक्षा को बोझ नहीं, उत्सव की तरह देखने की सलाह
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा के तनाव पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि परीक्षा को डर के रूप में नहीं देखना चाहिए। यह सीखने और खुद को परखने का अवसर है। उन्होंने छात्रों को stress management पर ध्यान देने की सलाह दी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अत्यधिक दबाव प्रदर्शन को प्रभावित करता है। शांत मन और सकारात्मक सोच से बेहतर परिणाम मिलते हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे खुद की तुलना दूसरों से न करें।
किताबी ज्ञान के साथ स्किल जरूरी: पीएम मोदी
छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने skill development पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सिर्फ किताबें पढ़ना पर्याप्त नहीं है। वास्तविक जीवन में सफल होने के लिए कौशल जरूरी है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि डॉक्टर बनने के लिए किताबें मदद करती हैं। लेकिन असली विशेषज्ञ अनुभव से बनता है। इसी तरह कानून की पढ़ाई जरूरी है, लेकिन पेशेवर कौशल सीनियर वकीलों के साथ काम करके आता है। उन्होंने शिक्षा और स्किल को एक-दूसरे का पूरक बताया।
शिक्षकों की भूमिका पर भी दिया संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षकों को भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि कई बार छात्रों और शिक्षकों की सीखने-पढ़ाने की गति मेल नहीं खाती। ऐसे में शिक्षकों को छात्रों की समझ और क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विषयों को धीरे-धीरे पढ़ाना ज्यादा प्रभावी होता है। यदि छात्रों को पहले से विषय की जानकारी दी जाए, तो वे बेहतर तैयारी कर सकते हैं। डिजिटल संसाधनों के उपयोग से पढ़ाई को आसान बनाया जा सकता है।
छात्रों की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम हुआ जीवंत
Pariksha Pe Charcha 2026 में छात्रों ने खुलकर सवाल पूछे। परीक्षा की तैयारी, समय प्रबंधन और ध्यान केंद्रित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने सरल भाषा में व्यावहारिक सुझाव दिए।
कार्यक्रम का इंटरएक्टिव स्वरूप छात्रों को आत्मविश्वास देता है। यह संवाद छात्रों की वास्तविक समस्याओं को सामने लाने में मदद करता है।
Pariksha Pe Charcha 2026 कहां देखें
Pariksha Pe Charcha 2026 का live broadcast कई प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के YouTube चैनल पर देखा जा सकता है। कार्यक्रम का प्रसारण दूरदर्शन पर भी किया जा रहा है।
इसके अलावा शिक्षा मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी यह कार्यक्रम उपलब्ध है। WAVES OTT पर भी छात्र इसे देख सकते हैं।
OTT और ऑडियो प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध
इस वर्ष Pariksha Pe Charcha को डिजिटल माध्यमों पर व्यापक पहुंच मिली है। Amazon Prime Video, Jio, ZEE5 और Sony LIV जैसे प्लेटफॉर्म पर भी इसका प्रसारण हो रहा है। ऑडियो श्रोताओं के लिए Spotify पर भी यह कार्यक्रम उपलब्ध है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों के छात्र भी इस पहल से जुड़ पा रहे हैं।
रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी दर्ज
Pariksha Pe Charcha 2026 ने भागीदारी के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस वर्ष 6.76 करोड़ से अधिक लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। इनमें 4.5 करोड़ से ज्यादा छात्र शामिल रहे।
यह आंकड़ा पिछले वर्ष के Guinness World Record से भी अधिक है। इससे कार्यक्रम की लोकप्रियता और प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पहली बार मल्टी-सिटी फॉर्मेट
इस बार Pariksha Pe Charcha को नए मल्टी-सिटी फॉर्मेट में आयोजित किया गया। कार्यक्रम केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न शहरों से छात्रों से संवाद किया।
इनमें कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी, देवमोगरा (गुजरात) और नई दिल्ली शामिल हैं। 7, लोक कल्याण मार्ग से भी संवाद किया गया। इस फॉर्मेट से क्षेत्रीय अनुभवों को राष्ट्रीय मंच मिला।
परीक्षा से आगे के विषयों पर भी चर्चा
कार्यक्रम में केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रहा गया। प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान और पर्यावरण संरक्षण पर भी बात की। उन्होंने युवाओं से नागरिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को भी याद किया। छात्रों को देश के इतिहास और विरासत पर गर्व करने का संदेश दिया गया।
संतुलित जीवन पर दिया जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को पढ़ाई के साथ जीवन संतुलन बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य उतना ही जरूरी है जितना शैक्षणिक सफलता।
उन्होंने आत्मविश्वास, अनुशासन और धैर्य को सफलता की कुंजी बताया। उनका संदेश दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित रहा।
एक राष्ट्रीय आंदोलन बनता Pariksha Pe Charcha
पिछले कुछ वर्षों में Pariksha Pe Charcha एक राष्ट्रीय अभियान का रूप ले चुका है। यह छात्रों और नीति निर्माताओं के बीच संवाद का मजबूत माध्यम बना है।
हर साल बढ़ती भागीदारी यह दिखाती है कि शिक्षा और परीक्षा को लेकर सोच बदल रही है। Pariksha Pe Charcha इसी बदलाव का प्रतीक बन चुका है।
