बिहार के नवादा जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। नवादा की जिला जज शिल्पी सोनी राज का हार्ट अटैक से निधन हो गया है। उनके अचानक निधन से जिले के न्यायिक और प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर फैल गई है। शुक्रवार सुबह जैसे ही यह सूचना सामने आई, पूरे जिले में मायूसी का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात जिला जज शिल्पी सोनी राज की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन हार्ट अटैक के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
देर रात बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती कराया गया
सूत्रों के मुताबिक, जिला जज शिल्पी सोनी राज ने रात के समय असहजता की शिकायत की थी। स्थिति गंभीर होते देख उन्हें बिना देर किए अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने emergency treatment शुरू किया।
इलाज के दौरान उनकी हालत और बिगड़ गई। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उन्हें गंभीर heart attack आया था। कुछ समय बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
सूचना मिलते ही डीएम और एसपी पहुंचे अस्पताल
जिला जज के निधन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक तुरंत अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों से पूरी जानकारी ली और स्थिति का जायजा लिया।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी से यह स्पष्ट था कि मामला बेहद संवेदनशील है। अस्पताल परिसर में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं।
न्यायिक दंडाधिकारी, कर्मचारी और वकील भी पहुंचे
जिला जज के निधन की खबर फैलते ही नवादा व्यवहार न्यायालय से जुड़े कई लोग अस्पताल पहुंच गए। न्यायिक दंडाधिकारी, न्यायालय के कर्मचारी और अधिवक्ता वहां मौजूद रहे।
अस्पताल परिसर में शोकपूर्ण माहौल देखा गया। सहकर्मी और अधिवक्ता इस खबर से स्तब्ध नजर आए। कई लोग इस घटना को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे।
न्यायिक और प्रशासनिक अमले में शोक की लहर
शिल्पी सोनी राज के निधन से पूरे न्यायिक तंत्र में गहरा दुख है। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस घटना को अपूरणीय क्षति बताया। कई अधिकारियों ने उनके कार्यशैली और अनुशासन की सराहना की।
उनके अचानक चले जाने से न्यायिक व्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। नवादा जिले के न्यायिक कार्यों पर भी इसका असर पड़ा है।
छह महीने पहले ही संभाली थी नवादा की जिम्मेदारी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शिल्पी सोनी राज ने करीब छह महीने पहले ही नवादा में जिला जज के रूप में कार्यभार संभाला था। उनका कार्यकाल भले ही छोटा रहा, लेकिन उन्होंने कम समय में अपनी पहचान बनाई थी।
वे न्यायिक प्रशासन को सुचारू बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही थीं। उनके सहयोगियों का कहना है कि वे कार्य के प्रति बेहद गंभीर और समर्पित थीं।
सहकर्मियों और अधिवक्ताओं ने जताया शोक
जिला न्यायालय से जुड़े कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं और अधिकारियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शिल्पी सोनी राज को एक ईमानदार और निष्पक्ष न्यायाधीश बताया।
बार एसोसिएशन के सदस्यों ने भी शोक संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने कहा कि न्यायिक जगत ने एक सक्षम अधिकारी को खो दिया है।
प्रशासनिक स्तर पर की जा रही आवश्यक कार्रवाई
जिला प्रशासन मृतक के परिजनों के संपर्क में है। आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार सभी औपचारिकताएं नियमानुसार की जाएंगी।
अस्पताल और न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
नवादा जिले में शोक का माहौल
जिला जज के निधन की खबर तेजी से पूरे नवादा जिले में फैल गई। न्यायालय परिसर में कामकाज प्रभावित रहा। कर्मचारी और अधिकारी गमगीन नजर आए।
कई लोगों ने इस घटना को व्यक्तिगत क्षति बताया। जिले में अभी भी शोक का माहौल बना हुआ है।
हार्ट अटैक को बताया गया मौत का कारण
चिकित्सकीय सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि मौत का कारण heart attack रहा। किसी गंभीर बीमारी की पूर्व जानकारी सामने नहीं आई है। अचानक हुई इस घटना ने सभी को चौंका दिया है।
डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज दिया गया था, लेकिन स्थिति गंभीर थी। अंतिम पुष्टि शुक्रवार सुबह की गई।
कम समय में छोड़ी गहरी छाप
हालांकि नवादा में उनका कार्यकाल लंबा नहीं रहा, लेकिन शिल्पी सोनी राज ने अपने काम से सम्मान अर्जित किया। न्यायिक अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता उनकी पहचान रही।
उनके निधन के बाद न्यायिक व्यवस्था में अस्थायी व्यवस्थाओं की आवश्यकता पड़ेगी। प्रशासन की ओर से आगे की सूचना जल्द जारी होने की संभावना है।
प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर आधिकारिक बयान जारी किए जाने की तैयारी है। अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी भी शीघ्र साझा की जा सकती है।
फिलहाल जिला प्रशासन और न्यायिक महकमा इस दुखद घटना से उबरने की कोशिश कर रहा है।
