बिहार में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। अगले तीन दिनों तक प्रदेश में सर्द पछुआ हवाओं के प्रभाव से ठंड बढ़ने की संभावना है। सुबह और शाम के समय लोगों को अधिक ठंड का अहसास होगा। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान राज्य के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि दिन के समय धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर प्रदेश और बिहार के ऊपर प्रति-चक्रवात यानी एंटी-साइक्लोन की स्थिति बनी हुई है। इस सिस्टम के कारण केंद्र में उच्च वायुदाब और चारों ओर निम्न वायुदाब की स्थिति बनी है। इसी कारण पछुआ हवाओं की रफ्तार तेज हो रही है, जिससे ठंड में इजाफा हो रहा है।
एंटी-साइक्लोन सिस्टम का दिख रहा असर
मौसम विज्ञानियों के अनुसार एंटी-साइक्लोन सिस्टम के सक्रिय होने से हवा का दबाव संतुलन बदल गया है। उच्च वायुदाब वाले क्षेत्र से हवा निम्न वायुदाब की ओर तेजी से बह रही है। इस प्रक्रिया में पश्चिम दिशा से आने वाली ठंडी हवाएं बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश कर रही हैं।
इन westerly winds के कारण वातावरण में नमी कम हो रही है और तापमान में गिरावट देखी जा रही है। यह cold spell उत्तर भारत के कई हिस्सों में महसूस किया जा रहा है, जिसमें बिहार प्रमुख रूप से शामिल है।
गुरुवार को कई जिलों में तापमान में गिरावट
गुरुवार को बिहार के अधिकांश शहरों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य का अधिकतम तापमान 19.0 से 29.2 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 10.3 से 15.9 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
राज्य में सबसे कम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस सीवान जिले के जीरादेई में रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे अधिक तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस गोपालगंज में दर्ज हुआ। तापमान में यह अंतर अलग-अलग जिलों में हवाओं की दिशा और गति के कारण देखा गया।
सुबह और शाम ज्यादा सताएगी ठंड
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में सुबह और शाम के समय ठंड का असर अधिक रहेगा। तेज पछुआ हवा चलने से तापमान सामान्य से कम महसूस होगा। खुले इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर शहरी क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार हवा की रफ्तार बढ़ने से wind chill effect बनेगा। इस कारण वास्तविक तापमान से ज्यादा ठंड महसूस होगी। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पटना में सुबह के समय ठंड का ज्यादा प्रभाव
राजधानी पटना में अगले दो से तीन दिनों तक सुबह और शाम के समय ठंड का प्रभाव बना रहेगा। पछुआ हवा चलने के कारण खासकर सुबह के समय ठंड ज्यादा महसूस की जाएगी।
गुरुवार को पटना के अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव दर्ज नहीं किया गया। इसके बावजूद सुबह के समय लोगों को ठंड अधिक लगी। मौसम विभाग का मानना है कि इसका कारण तापमान नहीं, बल्कि हवा की गति में वृद्धि है।
दोपहर के समय पटना में मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल रहेगा। धूप निकलने से लोगों को अस्थायी राहत मिलेगी, लेकिन सूर्यास्त के बाद एक बार फिर ठंड बढ़ेगी।
दिन में धूप, रात में बढ़ेगी ठिठुरन
बिहार में इस weather update की सबसे अहम बात यह है कि दिन और रात के तापमान में अंतर बना रहेगा। दिन में तेज धूप निकलने से तापमान थोड़ा संतुलित रहेगा। लोग खुले स्थानों पर धूप का आनंद ले सकेंगे।
हालांकि शाम ढलते ही तापमान तेजी से गिरने लगेगा। रात के समय ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ेगी। ऐसे में देर रात बाहर निकलने वालों को गर्म कपड़े पहनने की जरूरत होगी।
जनजीवन और खेती पर असर
मौसम में आए इस बदलाव का असर जनजीवन पर भी दिखने लगा है। सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही कम नजर आ रही है। लोग जरूरी कामों के लिए ही घर से बाहर निकल रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल यह मौसम रबी फसलों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। ठंडी रातें और धूप वाले दिन फसलों की बढ़वार में सहायक होते हैं। हालांकि किसानों को मौसम की नियमित जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है। एंटी-साइक्लोन सिस्टम के प्रभाव के कारण मौसम शुष्क बना रहेगा। ठंडी हवाओं का यह दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है।
इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर नई advisories जारी की जाएंगी।
मौसम विभाग ने लोगों से सुबह और शाम के समय सावधानी बरतने की अपील की है। ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी गई है।
विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को सुबह के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। दिन के समय धूप में कुछ देर बैठना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है।
