होमBiharबिहार बोर्ड ने बढ़ाई डीएलएड प्रवेश परीक्षा की आवेदन तिथि

बिहार बोर्ड ने बढ़ाई डीएलएड प्रवेश परीक्षा की आवेदन तिथि

Published on

बिहार बोर्ड ने डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने एक नोटिस जारी कर बताया कि उम्मीदवारों के हित में डीएलएड ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा आवेदन और फीस जमा करने की अवधि को 26 दिसंबर 2025 से 09 जनवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया है। यह वृद्धि उन उम्मीदवारों के लिए फायदेमंद होगी जो पहले आवेदन करने में असमर्थ थे। इस परीक्षा के जरिए बिहार राज्य के विभिन्न शिक्षा संस्थानों में संचालित डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) कोर्स के सत्र 2026-28 में प्रवेश मिलेगा। इस परीक्षा के माध्यम से राज्य के 30,000 से अधिक सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा।

उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन www.bsebdeled.com पर जाकर कर सकते हैं। वेबसाइट पर 306 डीएलएड कॉलेजों के नाम और उनकी सीटों की संख्या की जानकारी भी उपलब्ध है।

डीएलएड की भूमिका प्राथमिक शिक्षक भर्ती में

डीएलएड डिप्लोमा प्राप्त करने वाले उम्मीदवार कक्षा 1 से 8 तक के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, शिक्षक बनने के लिए उम्मीदवारों को टीईटी (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) भी पास करना अनिवार्य है। प्रवेश परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के लिए मेरिट सूची और संस्थानों की प्राथमिकता के आधार पर संस्थान आवंटित किए जाएंगे। इसके लिए बिहार बोर्ड अलग से एक विज्ञप्ति जारी करेगा।

डीएलएड प्रवेश परीक्षा के लिए योग्यता

डीएलएड प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए उम्मीदवार को उच्च माध्यमिक (10+2) परीक्षा में कम से कम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त होने चाहिए। आरक्षित वर्ग और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए यह अंक सीमा 5 प्रतिशत तक कम की गई है। इसके अलावा, उर्दू अभ्यर्थी जो मौलवी परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक के साथ पास हैं, वे भी डीएलएड कोर्स के लिए आवेदन करने योग्य होंगे।

आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए, जो प्रवेश वर्ष के पहले माह की पहली तिथि को मानी जाएगी। सभी वर्गों के लिए यह आयु सीमा लागू होगी। डीएलएड प्रवेश परीक्षा में सफल होने के लिए सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक और आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 30 प्रतिशत अंक अनिवार्य होंगे।

डीएलएड प्रवेश परीक्षा का पैटर्न

बिहार डीएलएड प्रवेश परीक्षा 120 अंकों की होगी जिसमें 120 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा। परीक्षा का समय 2.5 घंटे का होगा। इस परीक्षा में निम्नलिखित विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे:

  • सामान्य हिंदी / उर्दू: 25 प्रश्न

  • गणित: 25 प्रश्न

  • विज्ञान: 20 प्रश्न

  • सामाजिक अध्ययन: 20 प्रश्न

  • सामान्य अंग्रेजी: 20 प्रश्न

  • तार्किक और विश्लेषणात्मक क्षमता: 10 प्रश्न

आवेदन शुल्क

  • सामान्य, ओबीसी और बीसी वर्ग के लिए: 960 रुपये

  • एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए: 760 रुपये

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करते समय उम्मीदवारों को कुछ जरूरी दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे। इन दस्तावेजों में शामिल हैं:

  1. मैट्रिक प्रमाण पत्र और अंक पत्र (जन्म तिथि के प्रमाण के लिए)।

  2. इंटरमीडिएट प्रमाण पत्र और अंक पत्र।

  3. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए जाति प्रमाण पत्र।

  4. अत्यंत पिछड़ा वर्ग / पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए क्रीमीलेयर रहित अद्यतन प्रमाण पत्र।

  5. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाण पत्र, यदि उम्मीदवार इसे दावा कर रहे हों।

  6. दिव्यांगता प्रमाण पत्र, यदि उम्मीदवार इसे दावा कर रहे हों।

  7. बिहार राज्य के उम्मीदवारों के लिए निवास प्रमाण पत्र।

  8. बिहार राज्य निवासी सेवारत/सेवानिवृत्त/दिवंगत सैनिक कर्मचारी के आश्रित के लिए प्रमाण पत्र।

बिहार डीएलएड प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है, जिससे उम्मीदवारों को और अधिक समय मिल गया है। इस प्रवेश परीक्षा का उद्देश्य उन युवाओं को प्राथमिक शिक्षा में डिप्लोमा (डीएलएड) कोर्स में प्रवेश देना है, जो भविष्य में शिक्षक बनना चाहते हैं। 30,000 से अधिक सीटों के साथ, यह परीक्षा एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपने आवेदन भरें और जरूरी दस्तावेज़ अपलोड करें। अधिक जानकारी और आवेदन के लिए www.bsebdeled.com वेबसाइट पर जाएं।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

तीस मिनट में 9 मीटर पानी! क्या हिमालय बदल रहा है?

26 अगस्त 2026 को नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने हिमालय की...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

More like this

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

मीनापुर की क्रांति गाथा: इतिहास के हाशिये से उठती एक पूरी पीढ़ी की आवाज

मीनापुर की क्रांति गाथा पुस्तक की संक्षिप्त समीक्षा लेखक : कौशलेन्द्र झा KKN पुस्तक समीक्षा। इतिहास...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

बिहार की जेन-जी के सामने सबसे बड़ा सवाल: नौकरी मिलेगी या भविष्य बदलेगा?

सम्राट चौधरी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल, शिक्षा, इंटर्नशिप और परीक्षा सुधार...

पढ़ाई महंगी, नौकरी और परीक्षा पर भरोसा भी संकट में

कैंपस से सड़क तक बढ़ती बेचैनी सिर्फ बेरोजगारी की कहानी नहीं; यह उस पीढ़ी...

मीनापुर में बनेगा शहीद स्मृति पार्क, रामपुरहरि में प्रस्तावित है भव्य तोरण द्वार

अमर शहीद जुब्बा सहनी, वांगुर सहनी और पंडित सहदेव झा समेत स्वतंत्रता सेनानियों की...

मीनापुर में भूमि सर्वेक्षण: जमीन आपकी, लेकिन रिकॉर्ड में किसका नाम?

पुराने खतियान, बदली हुई चौहद्दी और अधूरे उत्तराधिकार के बीच रैयतों के सामने नई...

मीनापुर में गूंजा जश्न-ए-आजादी: शहीद स्मृति पार्क और भव्य तोरण द्वार बनाने का ऐलान

क्रांति महोत्सव-2026 में विधायक अजय कुमार ने की घोषणा, विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी बोले—राजकीय...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

बांकीपुर का उपचुनाव: एक सीट की लड़ाई या बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट?

एक सीट... लेकिन पूरे बिहार की निगाहें क्यों? KKN ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र में कुछ चुनाव...