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बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा 2026 : 17 से 25 फरवरी तक दो पालियों में परीक्षा, सख्त प्रवेश नियम लागू

Bihar School Examination Board ने मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 की तैयारी पूरी कर ली है। बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी तक राज्यभर के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी और इसमें कड़े नियम लागू रहेंगे। बोर्ड ने साफ किया है कि परीक्षा की शुचिता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

बोर्ड के अनुसार, सभी परीक्षार्थियों को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। देर से पहुंचने वाले छात्रों को किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं मिलेगा। इस संबंध में सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

15 लाख से अधिक परीक्षार्थी होंगे शामिल

इस वर्ष बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में कुल 15 लाख 12 हजार 963 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए बोर्ड ने सुरक्षा और अनुशासन को प्राथमिकता दी है। जिला प्रशासन और परीक्षा केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।

बोर्ड का लक्ष्य कदाचार मुक्त परीक्षा कराना है। इसके लिए zero tolerance की नीति अपनाई गई है। परीक्षा संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दोनों पालियों के लिए रिपोर्टिंग टाइम अनिवार्य

बिहार बोर्ड ने दोनों पालियों के लिए reporting time स्पष्ट कर दिया है। बोर्ड के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश करना होगा। मुख्य द्वार परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले बंद कर दिया जाएगा।

प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू होगी। इस पाली के परीक्षार्थियों का प्रवेश सुबह 8:30 बजे से शुरू होगा। परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार सुबह 9:00 बजे बंद कर दिया जाएगा।

दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शुरू होगी। दूसरी पाली के परीक्षार्थियों का प्रवेश दोपहर 1:00 बजे से शुरू होगा। मुख्य द्वार 1:30 बजे बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी को भी प्रवेश नहीं मिलेगा।

देर से पहुंचने पर क्रिमिनल ट्रेसपास माना जाएगा

बोर्ड ने देर से पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को लेकर सख्त चेतावनी दी है। यदि कोई परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र की चारदीवारी फांदकर या जबरन प्रवेश करता है, तो उसे criminal trespass की श्रेणी में रखा जाएगा। इसे बोर्ड के निर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा।

ऐसे मामलों में संबंधित परीक्षार्थी को दो वर्षों तक परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा। इसके साथ ही उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने का आपराधिक प्रयास माना जाएगा।

केंद्राधीक्षक पर भी होगी कार्रवाई

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने परीक्षा केंद्रों के अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं। यदि कोई केंद्राधीक्षक या परीक्षा अधिकारी देर से आए परीक्षार्थी को प्रवेश देता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

ऐसे अधिकारियों को निलंबन और विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। बोर्ड ने कहा है कि किसी भी स्थिति में मौखिक अनुमति मान्य नहीं होगी। केवल बोर्ड द्वारा जारी guidelines ही लागू होंगी।

जूता और मोजा पहनकर आने पर रोक

परीक्षा सुरक्षा को लेकर बोर्ड ने dress code भी लागू किया है। परीक्षा भवन में जूता और मोजा पहनकर आने पर पूरी तरह रोक रहेगी। जूता या मोजा पहने हुए परीक्षार्थियों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

परीक्षार्थियों को चप्पल पहनकर ही परीक्षा केंद्र में आना होगा। यह नियम सभी केंद्रों पर समान रूप से लागू रहेगा। प्रवेश द्वार पर तैनात कर्मियों को सख्ती से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

एडमिट कार्ड पर दर्ज हैं सभी निर्देश

बोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। परीक्षा संचालन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्देश एडमिट कार्ड पर ही अंकित हैं। परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे एडमिट कार्ड पर दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।

एडमिट कार्ड के बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। पहचान और समय से संबंधित नियमों का पालन अनिवार्य होगा। किसी भी नियम के उल्लंघन पर परीक्षा से वंचित किया जा सकता है।

कदाचार मुक्त परीक्षा पर बोर्ड का जोर

बिहार बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इस बार निगरानी व्यवस्था और मजबूत की गई है। परीक्षा के दौरान surveillance और monitoring पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।

जिला प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड ने कहा है कि किसी भी तरह की अनुशासनहीनता पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षार्थियों के लिए जरूरी सलाह

परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र समय से पहले पहुंचें। ट्रैफिक या अन्य कारणों से होने वाली देरी को ध्यान में रखकर घर से निकलें। जल्दबाजी में पहुंचने से अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है।

परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकारियों और वीक्षकों के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। प्रवेश द्वार पर बहस या अनुचित व्यवहार करने पर प्रवेश से रोका जा सकता है।

17 फरवरी से शुरू होगी बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा

बिहार बोर्ड 10वीं वार्षिक परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होकर 25 फरवरी तक चलेगी। बोर्ड ने दोहराया है कि सभी नियम पूरे परीक्षा काल के दौरान सख्ती से लागू रहेंगे।

बोर्ड ने परीक्षार्थियों और अभिभावकों से सहयोग की अपील की है। कड़े नियमों और बढ़ी हुई निगरानी के बीच परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने का लक्ष्य रखा गया है।

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