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छठ पूजा के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट

सोने और चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। शुक्रवार को एक बार फिर से गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में गिरावट आई। एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर का भाव 2704 रुपये प्रति 10 ग्राम गिरकर 121400 रुपये पर आ गया। यह गिरावट हाल के दिनों में एक सामान्य ट्रेंड बन गई है, क्योंकि पिछले 6 कारोबारी दिनों में से 4 दिनों में सोने की कीमतों में गिरावट आई है। वहीं, यह पहला मौका है जब पिछले 9 हफ्तों में कोई ऐसा सप्ताह आया है, जब गोल्ड का रेट नीचे गिरा है।

सोने और चांदी के दामों मे आई गिरावट

सोने की कीमतों में गिरावट के साथ-साथ चांदी भी सस्ती हो गई है। एमसीएक्स में सिल्वर फ्यूचर का भाव 3432 रुपये प्रति किलोग्राम कम हो गया है, यानी चांदी की कीमत 2.3 प्रतिशत गिर गई है। इस गिरावट के बाद चांदी का भाव 145080 रुपये प्रति किलोग्राम तक आ गया है। पिछले कुछ सत्रों में चांदी पर भी दबाव बढ़ा है, जिसके कारण 5 कारोबारी सत्रों में से 4 बार चांदी गिरावट के साथ बंद हुई। इस दौरान चांदी की कीमत में कुल 11.50 प्रतिशत की गिरावट आई है।

गोल्ड और सिल्वर की गिरावट का कारण

गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में गिरावट का प्रमुख कारण हालिया घटनाएं हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 30 अक्टूबर को मुलाकात होने वाली है। इस मुलाकात से जुड़े समाचारों ने गोल्ड और सिल्वर के रुझान को प्रभावित किया है। दुनियाभर के बाजारों को उम्मीद है कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक रिश्ते फिर से सामान्य हो जाएंगे।

यह आशा की जा रही है कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में सुधार होगा, जिससे वैश्विक बाजार में स्थिरता आएगी। यह आशावादी रुख निवेशकों को प्रोत्साहित कर रहा है, जिसके कारण गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है।

शॉर्ट टर्म में गोल्ड की कीमत का अनुमान

एलकेपी सिक्योरिटीज से जुड़े जतिन त्रिवेदी का कहना है, “गोल्ड की कीमतें वर्तमान में काफी दबाव में हैं। अमेरिका और भारत के बीच संभावित ट्रेड डील और चीन से रिश्ते सुधरने की उम्मीद में निवेशक अपने पोजीशन छोड़ रहे हैं।” एक्सपर्ट्स का मानना है कि गोल्ड की कीमतें आने वाले समय में 118,000 रुपये से 125,500 रुपये के बीच ट्रेड करती रहेंगी।

शॉर्ट टर्म में गोल्ड की कीमतें दबाव में बनी रहेंगी, क्योंकि अमेरिकी और चीन के बीच बातचीत से उम्मीदें जगी हैं, जो निवेशकों को जोखिम वाले निवेश की ओर आकर्षित कर रही हैं। हालांकि, लंबे समय में गोल्ड एक सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जाता है और यदि वैश्विक स्थिति अस्थिर होती है, तो गोल्ड की कीमतें फिर से ऊपर जा सकती हैं।

बाजार पर प्रभाव

हाल की गिरावट सोने और चांदी की कीमतों के लिए एक चेतावनी है कि वैश्विक घटनाएं और व्यापारिक संबंध महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब अमेरिकी और चीनी नेता आपस में मिलते हैं, तो यह केवल दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे वैश्विक बाजार के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। व्यापारिक संबंधों में सुधार से दुनिया भर में व्यापार गतिविधियों में तेजी आ सकती है, जिसके परिणामस्वरूप सुरक्षित निवेश जैसे गोल्ड और सिल्वर की डिमांड में कमी आ सकती है।

साथ ही, निवेशक हमेशा बाजार की स्थितियों के प्रति सतर्क रहते हैं। जब उम्मीदें होती हैं कि हालात बेहतर होंगे, तो निवेशक उच्च लाभ की तलाश में जोखिम लेने को तैयार होते हैं। इसका परिणाम गोल्ड और सिल्वर जैसी सुरक्षित संपत्तियों में गिरावट के रूप में सामने आता है।

गोल्ड और सिल्वर के निवेशक क्या करें

यदि आप गोल्ड और सिल्वर में निवेशक हैं, तो इन गिरती कीमतों को अवसर के रूप में देख सकते हैं। निवेशक इन संपत्तियों को कम कीमतों पर खरीद सकते हैं और भविष्य में होने वाली संभावित वृद्धि से लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आपको वैश्विक घटनाओं और बाजार की स्थितियों पर नजर रखनी होगी। यदि ट्रेड संबंधी सुधार होते हैं, तो गोल्ड और सिल्वर की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं, लेकिन इसका कोई निश्चित समय नहीं है।

इसके अलावा, विशेषज्ञों का कहना है कि गोल्ड और सिल्वर के लिए निवेशकों को शॉर्ट टर्म में अधिक सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। क्योंकि वर्तमान में बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, जो इन धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर सकती है। वहीं, लंबी अवधि में गोल्ड का निवेश एक सुरक्षित विकल्प साबित हो सकता है, क्योंकि यह वैश्विक संकटों के दौरान हमेशा मूल्य बनाए रखने में सक्षम रहता है।

बाजार की भविष्यवाणी

गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में गिरावट से भविष्य में और उतार-चढ़ाव की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, व्यापारिक संबंधों में सुधार और निवेशकों का रुख बदलने के कारण आने वाले समय में कीमतें स्थिर हो सकती हैं। इसके साथ ही, जब भी वैश्विक स्थितियां अस्थिर होती हैं, गोल्ड और सिल्वर फिर से सुरक्षित निवेश के रूप में उभर सकते हैं।

इसलिए, जो निवेशक गोल्ड और सिल्वर में निवेश करने का सोच रहे हैं, उन्हें इन धातुओं की बाजार स्थिति और वैश्विक घटनाओं पर नजर बनाए रखनी चाहिए। साथ ही, वे अपनी निवेश रणनीतियों को इस हिसाब से अनुकूलित कर सकते हैं, ताकि वे बाजार में आने वाली अस्थिरता का लाभ उठा सकें।

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट को लेकर निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, वैश्विक व्यापारिक संबंधों में सुधार और बाजार में आए बदलावों से यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि शॉर्ट टर्म में गोल्ड की कीमतें 118,000 रुपये से 125,500 रुपये के बीच रह सकती हैं, लेकिन लंबे समय में गोल्ड एक सुरक्षित निवेश बना रहेगा।

गोल्ड और सिल्वर के निवेशक यदि सही समय पर निवेश करते हैं, तो उन्हें भविष्य में अच्छे रिटर्न मिलने की संभावना है। हालांकि, इन निवेशकों को वर्तमान गिरावट को अवसर के रूप में देखने की आवश्यकता है और वैश्विक घटनाओं के प्रति सतर्क रहना होगा।

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